26 C
New Delhi
Saturday, April 10, 2021

UP: मिशन शक्ति को जन जन तक पहुंचाने में जुटी 34 लाख बेटियां

—ह्वाट्सएप ग्रुपों के जरिये 30 लाख अभिभावकों को किया गया जागरूक
—घरेलू हिंसा और बाल विवाह अधिनियम के बार में जागरूक किया गया

लखनऊ/ टीम डिजिटल। योगी सरकार के मिशन शक्ति को बेटियों का जबरदस्‍त समर्थन मिल रहा है । मिशन शक्ति के पहले चरण को जन जन तक पहुंचाने में 34 लाख बेटियों ने सहभागिता की है । समग्र शिक्षा की ओर से 17 से 25 अक्‍टूबर तक आयोजित कार्यक्रमों में रिकार्ड संख्‍या में छात्राओं और महिलाओं ने सहभागिता की । इस दौरान आयोजित कार्यक्रमों के जरिये छात्राओं को उनके मौलिक अधिकार, शिक्षा के अधिकार, बाल अधिकार के साथ ही पास्‍को एक्‍ट,घरेलू हिंसा और बाल विवाह अधिनियम के बार में जागरूक किया गया। छात्राओं को आवश्‍यक हेल्‍प लाइन नंबरों 112, 1098,1090, 1070 और 181 की जानकारी दी गई। उनकों आवश्‍यकता पड़ने पर इनके इस्‍तेमाल का तरीका भी बताया गया। राज्‍य मंत्री बेसि‍क शिक्षा ने इस दौरान 550000 बेसिक शिक्षकों के जरिये मिशन शक्ति के संदेश और जागरुकता को प्रदेश के हर कोने में पहुंचाने की शुरूआत की।

यह भी पढें…मिशन शक्ति अभियान में उतरी थारू जनजाति की बेटियां एवं महिलायें

लैंगिक समानता के एक आन लाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान 307 जिला संयोजकों के जरिये सेमेस्‍टर आधारित फीडबैक देने को कहा गया। 1050 शैक्षिक संसाधन व्‍यक्तियों को लैंगिक समानता पर प्रशिक्षण दिया गया । समग्र शिक्षा द्वारा चलाई जा रही जागरूकता मुहिम में 5 लाख अभिभावकों को स्‍कूल में होने वाले जागरूकता कार्यक्रमों में आमंत्रित किया गया और इनके द्वारा 20 लाख से ज्‍यादा अभिभावकों को लैंगिक समानता के मुद़दे को लेकर जागरुक किया गया । जिससे कि वे बेटे और बेटियों के बीच भेद भाव को खत्‍म करें।

यह भी पढें…UP: बेटियां अब आत्मरक्षा के लिए सीख रही हैं कराटे की विधाये

अभियान के तहत स्‍कूल स्‍तर पर करीब डेढ़ लाख ह्वाट्सएप ग्रुप बनाए गए,जिसके जरिये 30 लाख अभिभावकों को जोड़ा गया और इन ग्रुप के जरिये गंभीर मुद़दों पर जागरूक करने वाले संदेश नियमित तौर पर प्रसारित किए जा रहे हैं। सोशल डिस्‍टेंसिंग के पालन के साथ 6 लाख से ज्‍यादा बच्‍चों को स्‍कूल बुला कर समझाया गया।

यह भी पढें…महिलाओं और बच्चों की तस्करी के खिलाफ योगी सरकार का बङा फैसला

उनके साथ यदि कोई भी गलत हरकत करता है तो उसका विरोध करने के साथ ही इसकी जानकारी तत्‍काल अपने अभिभावकों को भी दें। ह्वाट्सएप ग्रुपों पर छूने के सही और गलत तरीकों, बाल विवाह और लैंगिक असमानता से जुड़े वीडियो भी दिखाए गए। 5 लाख शिक्षकों की मदद से लगातार अभिभावकों में लैंगिग समानता के बारे में जागरूक किया जा रहा है। मिशन शक्ति के पहले चरण में नौ दिन के सभी जागरूकता कार्यक्रम अलग अलग विषय आत्‍म रक्षा,शिक्षा का अधिकार,पास्‍को,बाल विवाह,घरेलू हिंसा व बाल अधिकार समेत अन्‍य मुद्दों पर आधारित थे। अभियान के तहत कानपुर देहात के जिला उद्योग केंद्र द्वारा आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं को स्‍वरोजगार योजना के तहत स्‍वीकृत लोन का चेक दिया गया

Related Articles

epaper

Latest Articles