spot_img
29.1 C
New Delhi
Sunday, July 25, 2021
spot_img

UP में शुरू होगी ‘अभ्युदय योजना’, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग

-CM योगी ने ‘उत्तर प्रदेश दिवस’ समारोह के चतुर्थ संस्करण का उद्घाटन किया

लखनऊ/ टीम डिजिटल : 24 जनवरी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी बसंत पंचमी से ‘अभ्युदय योजना’ का शुभारम्भ किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रतिभाग करने वाले प्रदेश के युवाओं के लिए इस योजना के अन्तर्गत निःशुल्क कोचिंग दी जाएगी। प्रथम चरण में राज्य के सभी मण्डल मुख्यालयों पर यह कोचिंग संस्थान प्रारम्भ किये जाएंगे। इन संस्थानों में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रतिभागी युवाओं के लिए फिजिकल और वर्चुअल, दोनों माध्यमों से मार्गदर्शन की व्यवस्था लागू की जाएगी। इन संस्थानों के लिए विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों एवं राजकीय विद्यालयों का इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रयोग में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभ्युदय कोचिंग संस्थानों में नीट, आई0आई0टी0 जे0ई0ई0, एन0डी0ए0, सी0डी0एस0 सहित यू0पी0एस0सी0 की सभी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मार्गदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह संस्थान प्रतियोगी युवाओं को अपना भविष्य संवारने का मंच उपलब्ध कराएगा।
मुख्यमंत्री आज यहां अवध शिल्पग्राम परिसर में उत्तर प्रदेश राज्य के 71वें स्थापना दिवस पर ‘उत्तर प्रदेश दिवस’ समारोह के चतुर्थ संस्करण के उद्घाटन समारोह में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। मुख्यमंत्री जी ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली विभूतियों को इस अवसर पर सम्मानित किया। समारोह के दौरान अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये गये। उन्होंने ‘उत्तर प्रदेश दिवस’ समारोह के अवसर पर अवध शिल्पग्राम में आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लाॅकडाउन के दौरान राजस्थान राज्य के कोटा तथा प्रदेश के जनपद प्रयागराज से प्रतियोगी विद्यार्थियों को सुरक्षित उनके घर पहुंचाने के अभियान के दौरान उनके द्वारा प्रदेश के युवाओं को राज्य में ही कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के सम्बन्ध मं विचार-विमर्श किया गया था। आज चतुर्थ उत्तर प्रदेश दिवस समारोह के अवसर पर इसे मूर्त रूप दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के जी0डी0पी0 की भांति प्रत्येक जनपद के जी0डी0पी0 का भी आकलन किया जाना चाहिए। इससे विभिन्न जनपदों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का वातावरण सृजित होगा, जिससे प्रदेश की अपार सम्भावनाओं को साकार किया जा सकेगा। इस प्रकार के समन्वित प्रयास और टीमवर्क करके प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की मंशा के अनुरूप उत्तर प्रदेश को शीघ्र ही 01 ट्रिलियन डाॅलर अर्थव्यवस्था का राज्य बनाया जा सकेगा।


मुख्यमंत्री ने कहा कि 24 जनवरी, 2018 को प्रथम ‘उत्तर प्रदेश दिवस’ समारोह का आयोजन किया गया था। इस अवसर पर ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना प्रारम्भ की गयी थी। प्रदेश के औद्योगिक विकास के निरन्तर प्रयासों की अभिनव कड़ी के रूप में राज्य सरकार द्वारा ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना प्रारम्भ की गयी। इसका उद्देश्य राज्य के विभिन्न जनपदों के परम्परागत और विशिष्ट पहचान वाले उत्पादों को प्रोत्साहित कर युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराना है। वर्तमान में यह योजना देश की सर्वाधिक लोकप्रिय योजनाओं में से एक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि द्वितीय ‘उत्तर प्रदेश दिवस’ के अवसर पर राज्य सरकार द्वारा ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना’ प्रारम्भ की गयी। यह योजना स्थानीय दस्तकारों तथा पारम्परिक कारीगरों के कौशल विकास हेतु संचालित की जा रही है। इसके अन्तर्गत पारम्परिक कारीगरों के आजीविका के साधनों का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तृतीय ‘उत्तर प्रदेश दिवस’ के अवसर पर अटल आवासीय विद्यालय की स्थापना की योजना का शुभारम्भ किया गया। इसके तहत, प्रदेश के सभी 18 मण्डलों में अटल आवासीय विद्यालय स्थापित किये जा रहे हैं। नवोदय विद्यालयों की तर्ज पर संचालित किये जाने वाले इन आवासीय विद्यालयों में रजिस्टर्ड श्रमिकों के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा, आवास, भोजन आदि सुविधाएं उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास होगा कि इस वर्ष से इन विद्यालयों में सत्र प्रारम्भ हो जाए।

Related Articles

epaper

Latest Articles