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Wednesday, May 12, 2021

UP: सभी गांवों में क्वारन्टीन सेंटर बनाएं जाएंगे, मास्क लगाना अनिवार्य

—यूपी के CM योगी आदित्यनाथ ने कोरोना के विरुद्ध संघर्ष में और तेजी लाने के दिए निर्देश
—मेडिकल कॉलेजों तथा अस्पतालों को रेमडेसिविर आवंटित किया गया

लखनऊ /टीम डिजिटल : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना के विरुद्ध संघर्ष में और तेजी लाते हुए प्रभावी रणनीति बनाकर कार्यवाही किए जाने पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि कोविड प्रबंधन की दिशा में टीम वर्क से अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। उन्होंने कोरोना के उपचार की बेहतर व्यवस्था को पूरी सक्रियता से संचालित करने के निर्देश भी दिए हैं। मुख्यमंत्री एक उच्चस्तरीय बैठक में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि संक्रमण की दृष्टि से हमें सभी परिस्थितियों के लिए तैयार रहना होगा। अगले कुछ दिनों में प्रदेश में कोविड बेड्स की संख्या को दोगुना किया जाए। सभी जनपदों में कोविड बेड की संख्या दोगुनी करने की कार्यवाही पूरी तत्परता से की जाए। इसकी माॅनिटरिंग करने के लिए सचिव स्तर के एक अधिकारी को नामित किया जाए, जो यह सुनिश्चित करें कि एक समय सीमा में सभी जनपदों में कोविड बेड की संख्या दोगुनी हो जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समय कोविड-19 का टेस्टिंग कार्य सबसे महत्वपूर्ण है। टेस्टिंग का कार्य निरन्तर चलने वाली प्रक्रिया है। प्रदेश में जब कोरोना संक्रमण घटकर काफी कम हो गया था, तब भी प्रतिदिन सवा लाख से डेढ़ लाख टेस्ट किये जा रहे थे। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए टेस्टिंग को निरन्तर बढ़ाये जाने की जरूरत है। उन्होंने प्रयोगशालाओं की टेस्टिंग क्षमता को दोगुना करने की कार्यवाही को तेज करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ऑक्सीजन की आपूर्ति हर दिन बेहतर करने का प्रयास किए जा रहे हैं। कल लगभग 600 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की रिकाॅर्ड आपूर्ति हुई है। समस्त चिकित्सा संस्थानों तथा अस्पतालों में मांग के अनुरूप ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। सभी जिलों के कोविड अस्पताल में ऑक्सीजन की स्थिति पर नजर रखी जाए और उस अनुरूप समय से पर्याप्त ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जाए। ऑक्सीजन टैंकर को जीपीएस से जोड़ा जाए तथा उनकी ऑनलाइन माॅनिटरिंग की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि ऑक्सीजन की कालाबाजारी न होने पाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं की दृष्टि से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (CHC) अपेक्षाकृत छोटी किन्तु अति महत्वपूर्ण चिकित्सा इकाई है। यहां ऑक्सीजन प्लांट लगाने की अपेक्षा ऑक्सीजन कन्सन्ट्रेटर जैसी तुरंत उपयोग में आने वाली व्यवस्था उपयोगी हो सकती है। इसके दृष्टिगत प्रदेश के सभी CHC में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध कराने की कार्यवाही की जाए। उन्होंने ऑक्सीजन ऑडिट को तेजी से सम्पन्न करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ऑक्सीजन की सुचारु उपलब्धता के दीर्घकालीन प्रबन्ध के लिए प्रभावी प्रयास किये जाएं। ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना के लिए निजी क्षेत्र की ओर से निवेश के कई बड़े प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। यह न केवल भविष्य की जरूरतों के मुताबिक ऑक्सीजन की सुचारु उपलब्धता के लिए उपयोगी होंगे, बल्कि रोजगार सृजन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण सिद्ध होंगे। उन्होंने समस्त सम्बन्धित विभागों में इन प्रस्तावों का परीक्षण कर कार्यवाही को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

मेडिकल कॉलेजों तथा अस्पतालों को रेमडेसिविर आवंटित किया

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों तथा अस्पतालों को रेमडेसिविर आवंटित किया गया है। जरूरतमंदों की मदद के लिए जिलाधिकारी तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भी रेमडेसिविर उपलब्ध कराया गया है। केंद्र सरकार ने 30 अप्रैल, 2021 तक की अवधि के लिए उत्तर प्रदेश को रेमडेसिविर के 1 लाख 61 हजार वायल आवंटित किए हैं। उन्होंने कहा कि 01 मई, 2021 से इसमें दोगुनी तक बढ़ोत्तरी की जानी है। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को यह दवा निःशुल्क उपलब्ध है। जरूरत के अनुसार इसे निजी अस्पतालों को भी उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की स्थिति में हमें अतिरिक्त संवेदनशील होने की जरूरत है। यह सुनिश्चित किया जाए कि इण्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेन्टर में फोन रिसीव करने वाले कर्मी लोगों से सद्भावनापूर्ण व्यवहार करते हुए बात को सुनें और तत्परता से कार्यवाही करें। इन्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेन्टर सहित सभी हेल्पलाइन को प्रभावी बनाया जाए। सभी अधिकारी लगातार जनता से सम्पर्क में रहे तथा फोन जरूर रिसीव करें।

सरकारी अस्पताल में बेड नहीं खाली है, तो निजी अस्पतालों में भर्ती कराया जाए

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेन्टर द्वारा संदर्भित किए गए मरीज को भर्ती करना अस्पतालों के लिए अनिवार्य है। रिक्त बेड के बारे में अस्पताल द्वारा प्रत्येक दिन दो बार सार्वजनिक रूप से जानकारी दी जाए। सरकारी अस्पताल में बेड नहीं खाली है, तो निजी अस्पतालों में भर्ती कराया जाए। अगर मरीज भुगतान करने में सक्षम नहीं है, तो राज्य सरकार भुगतान करेगी। लेकिन एक भी मरीज को इलाज से वंचित नहीं रखा जाएगा। सभी जिलों में यह व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जरूरतमंद को एम्बुलेंस समय पर उपलब्ध होनी चाहिए। एम्बुलेंस के रिस्पांस टाइम को न्यूनतम रखने पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पतालों और ऑक्सीजन प्लांट की सुरक्षा के सभी जरूरी इंतजाम किए जाएं। इन संवेदनशील स्थलों पर पुलिस बल की तैनाती रहे। कन्टेनमेंट जोन के प्राविधानों को सख्ती से लागू किया जाए। सभी गांवों में क्वारन्टीन सेंटर तैयार किये जाएं। पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से लोगों को कोरोना से बचाव के सम्बन्ध में निरन्तर जागरूक किया जाए।

आयुष काढ़ा सहित अन्य उपयोगी औषधियां मुहैया कराई जाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों की जरूरतों का पूरा ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से इन लोगों से हर दिन संवाद बनाया जाए। निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप इन्हें दवाओं का मेडिकल किट उपलब्ध कराया जाए। ऐसे मरीजों के लिए टेलीकन्सल्टेशन व्यवस्था को और बेहतर किया जाए। अधिक संक्रमण वाले जनपदों में फोन लाइन बढ़ाकर अधिकाधिक लोगों से हर दिन संवाद करते हुए उन्हें आवश्यक दवाएं एवं परामर्श उपलब्ध कराया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड की पिछली लहर में आयुष विभाग की भूमिका सराहनीय रही थी। इस बार भी विभाग को उसी तत्परता के साथ सक्रिय होने की आवश्यकता है। इम्युनिटी बढ़ाने वाली औषधियों के सम्बन्ध में विभाग द्वारा जानकारी दी जाए। लोगों को आयुष काढ़ा सहित अन्य उपयोगी औषधियां मुहैया कराई जाएं।

1 मई से 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों का टीकाकरण प्रारम्भ

मुख्यमंत्री ने कहा कि 01 मई, 2021 से 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों का टीकाकरण प्रारम्भ किया जाना है। यह टीकाकरण राज्य सरकार अपने संसाधनों से कराएगी। किसी भी दशा में वैक्सीन वेस्टेज न हो, इसके लिए विशेष कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने कहा कि हमें लक्षित आयुवर्ग के हर नागरिक को वैक्सीनेट करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता, सैनिटाइजेशन तथा फाॅगिंग कार्य युद्ध स्तर पर किया जाए। इसके लिए फायर विभाग के वाहनों का भी उपयोग किया जाए। मास्क के अनिवार्य उपयोग के सम्बन्ध में प्रवर्तन की कार्यवाही प्रभावी ढंग से जारी रखी जाए। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी समिति पूरी सक्रियता से कार्य करें। औद्योगिक इकाइयों में कोविड प्रोटोकाॅल का पालन कराते हुए गतिविधियां संचालित की जाएं। MSP के तहत गेहूं खरीद कार्य में कोविड प्रोटोकाॅल का विशेष ध्यान दिया जाए।

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