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Sunday, September 19, 2021
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टॉयकाथन-2021 : ग्रामीण क्षेत्रों में बने खिलौनों को आगे बढ़ाने के लिए बड़ी पहल

CSC ने एआईसीटीई के साथ मिलकर टॉयकाथन-2021 करेगा आयोजित
–देशभर के ब्लॉक-तालुका स्तर तक आयोजित किया जाएगा
–ग्रामीण क्षेत्रों के स्टार्टअप में क्रिएटिविटी को एक मंच देने की तैयारी
–खिलौना उत्पादन से जुड़े छात्रों, अध्यापकों, स्टार्टअप का बढाएंगे मनोबल

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल: देश में खिलौना निर्माण और इस क्षेत्र में भारतीय उत्पाद, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में बने खिलौनों, को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से कॉमन सर्विस सेंटर (CSC)  ने ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन के साथ मिलकर टॉयकाथन-2021 आयोजित करने जा रहा है। इस बावत एक बड़ा करार हुआ है। इसके तहत देश भर में कॉमन सर्विस सेंटर के शैक्षिक इकाई सीएससी अकैडमी के सहयोग से देशभर के ब्लॉक-तालुका स्तर तक आयोजित किया जाएगा। देश के 6000 ब्लॉक और तालुका के लोग इस में भाग ले पाएंगे।
बता दें कि कॉमन सर्विस सेंटर सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय का एक निकाय है। देशभर में सीएससी के चार लाख के करीब सेंटर हैं, जिनके माध्यम से विभिन्न सरकारी योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाने का कार्य किया जाता है। टॉयकाथन केंद्र सरकार के 6 मंत्रालयों का एक संयुक्त प्रयास है। इसे शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल ने एआईसीटीई के साथ मिलकर शुरू किया है। इसमें महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अलावा वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय, लघु-सूक्ष्म-मध्यम मंत्रालय के साथ ही कपड़ा मंत्रालय और सूचना प्रसारण मंत्रालय का भी सहयोग हासिल है।कॉमन सर्विस सेंटर के प्रबंध निदेशक डॉ दिनेश त्यागी ने कहा कि टॉयकाथन-2021 के आयोजन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के स्टार्टअप में क्रिएटिविटी को एक मंच देने के साथ ही खिलौना उत्पादन से जुड़े छात्रों, अध्यापकों स्टार्टअप के अंदर उत्साह के साथ ही मनोबल को बढ़ाना भी है। इस क्षेत्र में नवीनतम प्रयोग सामने लाने में मदद मिले। साथ ही यह छात्रों, अध्यापकों, स्टार्टअप, खिलौना एक्सपर्ट और पेशेवरों के लिए एक बेहतरीन अवसर है। इसमें यह लोग अपने इनोवेटिव खिलौनों या फिर गेम्स कंसेप्ट को जमा कराते हुए 50 लाख रुपए तक का इनाम जीत सकते हैं।


डॉ दिनेश त्यागी ने कहा कि भारत का कुल खिलौना उद्योग करीब 1.5 बिलीयन डॉलर का है। यह मुख्य तौर पर इंपॉर्टेंट खिलौनों की अधिकता वाला क्षेत्र है। यही नहीं, विदेशों से आए यह खिलौने भारतीय संस्कृति, इतिहास और मूल्यों का भी प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय खिलौना उद्योग में यह क्षमता है कि वह इस क्षेत्र में बड़ा बदलाव लेकर आ सकता है। खिलौनों के माध्यम से एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना को भी मजबूत किया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि खिलौने जो भारतीय मूल्य संस्कृति से जुड़े हुए हैं, उन्हें अपनी पहचान को विकसित करने का एक बड़ा माध्यम बनाया जा सकता है। टॉयकाथन- 2021 इस लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होने वाला है।

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