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Sunday, April 11, 2021

नये महिला कानून को हरी झंडी, होगा महिलाओं तथा बालिकाओं का समग्र विकास

—बालिकाओं, किशोरियों और महिलाओं को सुरक्षित एवं सशक्त बनाने की पहल
—राजस्थान में छह हजार पर्यटक गाइड बनाने के लिए नियमों में संशोधन

जयपुर /टीम डिजिटल : राजस्थान सरकार ने सतत विकास लक्ष्य 2030 के तहत बनाई गयी राज्य की नई महिला नीति बुधवार को मंजूर की। इसके साथ राज्य में छह हजार पर्यटक गाइड बनाने के लिए नियमों में संशोधन किया गया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर राज्य कैबिनेट की बैठक में ये फैसले किए गए। बैठक के बाद एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि मंत्रिमंडल ने महिलाओं तथा बालिकाओं के समग्र विकास के लिए राज्य की नवीन महिला नीति- 2021 के प्रारूप का अनुमोदन किया है। इस नीति से महिला व बालिका कल्याण के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सकेगा और यह नीति प्रदेश में बालिकाओं, किशोरियों और महिलाओं को सुरक्षित एवं सशक्त बनाने में सहायक होगी। राज्य सरकार ने नई नीति में महिलाओं के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं जैसे- जन्म, उत्तरजीविता, स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, प्रशिक्षण, आजीविका, आवास, संपत्ति के स्वामित्व, राजनीतिक और सामाजिक आधिकारिता आदि को शामिल किया है।

यह नीति सतत विकास लक्ष्य- 2030 के अनुरूप बनाई गई है। इसी तरह मंत्रिमंडल ने नए पर्यटक गाइडों के चयन, प्रशिक्षण व उन्हें लाइसेंस दिए जाने के लिए ‘राजस्थान पर्यटन व्यवसाय (सुकरण और विनियमन) संशोधन नियम- 2021 का अनुमोदन किया है। इससे पर्यटन उद्योग को प्रशिक्षित एवं कुशल गाइड मिल सकेंगे और इस क्षेत्र में लगभग 6000 नए गाइडों को स्वरोजगार मिल सकेगा। नए नियमों में न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता, चयन के लिए आयु सीमा में छूट, साक्षात्कार का प्रावधान हटाने, आरक्षण, बोनस अंक, प्रशिक्षण सहित अन्य बदलाव किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि पर्यटन विभाग द्वारा वर्ष 2012 में गाइडों का चयन किया गया था। प्रदेश में पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि के चलते नए गाइडों के चयन की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।

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प्रवक्ता के अनुसार मंत्रिमंडल के इस निर्णय से प्रशिक्षित गाइडों की कमी को दूर किया जा सकेगा। प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए कैबिनेट ने राजस्थान पर्यटन नीति- 2020 के अंतर्गत गेस्ट हाउस स्कीम का अनुमोदन भी किया है। यह स्कीम राजस्थान के समस्त नगरीय निकाय क्षेत्रों में लागू होगी। इस नीति के जरिए आवासीय परिसर में भी पर्यटकों को ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी। ऐसे गेस्ट हाउस के लिए अधिकतम कमरों की संख्या 20 निर्धारित की गई है। आवास के मालिक अथवा पट्टेदार को परिवार के साथ गेस्ट हाउस में निवास करना आवश्यक होगा। यह योजना पर्यटन विभाग की पेइंग गेस्ट स्कीम से अलग होगी।

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बैठक में कैबिनेट ने विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग में स्थायी कैडर के लिए राजस्थान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य एवं अधीनस्थ सेवा नियम- 2021 का अनुमोदन किया। इस निर्णय से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग में विशेष कौशल रखने वाला स्थाई कैडर सृजित हो सकेगा। उल्लेखनीय है कि विभाग में वर्तमान में स्थाई कैडर पर बहुत ही कम अधिकारी उपलब्ध हैं। अधिकतर अधिकारी प्रतिनियुक्ति से रखे गए हैं। इस कारण विभाग को सुचारू रूप से कार्य करने में असुविधा होती है। कैबिनेट ने हॉस्पिटल केयर टेकर पद की योग्यता में संशोधन के लिए राजस्थान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधीनस्थ सेवा नियम, 1965 में संशोधन की भी स्वीकृति दी है।

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इस संशोधन से हॉस्पिटल केयर टेकर के पदों को सीधी भर्ती से भरा जा सकेगा। कैबिनेट ने एसबीई रिन्यूएबल्स फिफ्टीन प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड को 300-300 मेगावाट के दो सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए जोधपुर जिले के बड़ी सीड तथा कल्याण ङ्क्षसह की सीड में कुल 1036.66 हैक्टेयर भूमि आवंटन के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। साथ ही एसबीई रिन्यूएबल्स टेन प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड को 280 मेगावाट तथा 140 मेगावाट के दो सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए जैसलमेर जिले के रिवड़ी गांव में 834 हेक्टेयर भूमि आवंटन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है

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