spot_img
30.1 C
New Delhi
Saturday, July 31, 2021
spot_img

महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्‍साहित करेगी सरकार

-महिला स्‍व–सहायता समूहों के लिए ब्‍याज सब्सिडी का विस्‍तार किया जाएगा

(खुशबू पांडेय)

नई दिल्ली। सरकार, देश की विकास प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्‍साहित करना चाहती है। केन्‍द्रीय वित्‍त और कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारामन ने आज लोकसभा में 2019-20 का आम बजट पेश करते हुए कहा कि भारत की विकास गाथा में और विशेषकर ग्रामीण अर्थव्‍यवस्‍था में महिलाओं की भूमिका एक सुखद अध्‍याय है। वित्‍त मंत्री ने इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए मूल्‍यांकन और कार्य योजना सुझाने के लिए सरकार और निजी हित धारकों के साथ विस्‍तृत आधार वाली समिति गठित करने का प्रस्‍ताव किया। श्रीमती निर्मला सीतारामन ने कहा कि बजट का लिंग आधारित विश्‍लेषण बजटीय आबंटन जांच के लिए है। लैगिंक आधार दशकों से इसका पैमाना रहा है।

वित्‍त मंत्री ने कहा कि महिलाओं की व्‍यापक भागीदारी से ही भारत तेजी से विकास कर सकता है। उन्होंने इस संदर्भ में स्‍वामी रामकृष्‍ण परमहंस को स्वामी विवेकानंद द्वारा लिखे गये पत्र का उल्‍लेख करते हुए कहा, “नारी की स्थिति सुधारे बिना संसार का कल्याण नहीं हो सकता। किसी पक्षी के लिए एक पंख से उड़ना संभव नहीं है।” यह सरकार मानती है कि हम महिलाओं की और अधिक भागीदारी से ही प्रगति कर सकते हैं।

वित्‍त मंत्री ने जन-धन बैंक खाताधारी प्रत्‍येक महिला एसएचजी सदस्‍य को 5,000 रुपये के ओवरड्राफ्ट की अनुमति देने का प्रस्‍ताव किया। उन्‍होंने कहा कि महिला स्‍व-सहायता समूहों के लिए ब्‍याज सब्सिडी कार्यक्रम का विस्‍तार सभी जिलों में करने का भी प्रस्‍ताव किया गया है। श्रीमती निर्मला सीतारामन ने कहा कि प्रत्‍येक महिला एसएचजी में एक महिला सदस्‍य को मुद्रा योजना के अंतर्गत एक लाख रुपये तकका ऋण उपलब्‍ध कराया जाएगा।

उन्‍होंने कहा कि सरकार ने मुद्रा, स्‍टैंड अप इंडिया और स्‍व-सहायता समूह (एसएचजी) के माध्‍यम से महिला उद्यमिता को प्रोत्‍साहित करने की व्‍यवस्‍था की है।

Related Articles

epaper

Latest Articles