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Monday, October 25, 2021
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दिल्ली के 4 बड़े अस्पतालों में खत्म होगी आक्सीजन की समस्या

–ऑक्सीजन का उत्पादन करने वाले लगेंगे अत्याधुनिक संयंत्र
– एक ऑक्सीजन जेनेरेटर 250 बिस्तरों को सालभर तक ऑक्सीजन देगा
–फ्रांस ने भेजे 8 अत्याधुनिक ऑक्सीजन जेनेरेटर, 4 दिल्ली में लगेंगे

नई दिल्ली /अदिति सिंह : सबकुछ ठीक रहा तो बहुत जल्द राजधानी दिल्ली के चार बड़े अस्पतालों में ऑक्सीजन की समस्या बहुत जल्द खत्म हो जाएगी। इसको लेकर फ्रांस ने एक बड़ी पहल की है। फ्रांस की सरकार ने अस्पतालों में ऑक्सीजन का उत्पादन करने वाले आठ अत्याधुनिक संयंत्र की पहली खेप रविवार को भारत भेजी है। खास बात यह है कि प्रत्येक नोवएयर प्रीमियम आर एक्स 400 हॉस्पिटल लेवल ऑक्सीजन जेनेरेटर 250 बिस्तरों को सालभर तक ऑक्सीजन दे सकता है। ये ऑक्सीजन जेनेरेटर 8 अस्पतालों को 10 साल से अधिक समय तक अनवरत प्राणवायु प्रदान करने में सक्षम है। सरकार ने प्राथमिकता एवं आवश्यकता के आधार पर उन आठ अस्पतालों को पहले से चिह्नित कर लिया है, जहां ये संयंत्र लगाये जाएंगे। इनमें से 4 अस्पताल राजधानी दिल्ली के हैं। इससे कई महत्वपू्र्ण स्थानों पर ऑक्सीजन आपूर्ति को लेकर राहत मिल सकेगी। फ्रांस की सरकार ने इस खेप को भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी के माध्यम से भारत सरकार को सौंपा है। इसके अलावा फ्रांस से आयी सामग्री में 28 वेंटीलेटर, 200 इलेक्ट्रिक सिरिंज पम्प, 28 एएफनॉर/बीएस फ्लैक्सिबिल ट्यूब, 500 बैक्टीरिया रोधी फिल्टर, 500 मशीन फिल्टर तथा 500 संबंधित रोगी सर्किट भी।


बता दें कि फ्रांस के राष्ट्रपति एमेनुअल मैंकों ने सोशल मीडिया पोस्ट पर भारत से एकजुटता व्यक्त करते हुए एक संदेश हिन्दी में दिया है। इससे पहले कल देर रात जर्मनी से भी सहायता सामग्री पहुंची जिसमें 120 प्रिज़्मावेंट 50 वेंटीलेटर शामिल हैं। जर्मनी अगले सप्ताह भारत को एक सचल ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र और 13 जर्मनी तकनीशियनों को संयंत्र स्थापित करने एवं प्रशिक्षण देने के लिए भेजेगा। जर्मनी से रेमडेसिविर इंजेक्शन एवं मोनोक्लोनल भी आना है। जर्मनी की एक एजेंसी वेबीनार के माध्यम से भारतीय तकनीकी टीम को वायरस की सीक्वेंसिंग की जानकारी देगी। इसके अलावा जर्मनी की निजी कंपनी लिंडे से टाटा कंपनी द्वारा 24 ऑक्सीजन परिवहन टैंक खरीदे जा रहे हैं। जबकि ऑयल इंडिया कारपोरेशन लिमिटेड द्वारा जर्मनी की कंपनी एल्बात्रोस से चार ऑक्सीजन टैंक खरीदे जा रहे हैं।
थाईलैंड के प्रधानमंत्री प्रयुत चान ओचा ने भी भारत की मदद की पेशकश की है, जिस पर भारत ने ऑक्सीजन संबंधी उपकरण जैसे सिलेंडर, कन्सन्ट्रेटर, जेनेरेटर एवं क्रायोजेनिक टैंक आदि की जरूरत बतायी है। इसबीच भारतीय कंपनियो ने बैंकाक में भारतीय दूतावास के समन्वय से क्रायोजेनिक टैंकों की खरीद की है। इनमें से 11 टैंक भारत पहुंच चुके हैं। बैंकाक में हिन्दू समाज नाम के सामुदायिक संगठन ने शनिवार को 15 ऑक्सीजन कन्सन्ट्रेटर भेजे हैं। इंडियन एसोसिएशन ऑफ थाईलैंड ने भी सौ ऑक्सीजन सिलेंडर देने की पेशकश की है।

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