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Sunday, August 1, 2021
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खालिस्तान समर्थक समूह ‘सिख फॉर जस्टिस’ प्रतिबंधित

खालिस्तान समर्थक समूह ‘सिख फॉर जस्टिस’ प्रतिबंधित
–केंद्र सरकार ने 5 साल के लिए लगाया प्रतिबंध
–राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के कारण समूह पर शिकंजा

(पीपी सिंह )

नई दिल्ली, 10 जुलाई (विशेष संवाददाता) : केंद्र सरकार ने खालिस्तान समर्थक समूह ‘सिख फॉर जस्टिस’ की कथित राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के कारण इस समूह पर बुधवार को प्रतिबंध लगा दिया। कनाड़ा और ब्रिटेन में चरमपंथी विदेशी सिख नागरिकों द्वारा चलाए जा रहे इस संगठन पर गैर कानूनी गतिविधि (निवारण) अधिनियम 1967 की धारा 3 (1) के तहत पांच वर्ष के लिए प्रतिबंध लगाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज यहां हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। गृहमंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार ने इस बारे में सिख समुदाय की सभी प्रमुख संस्थाओं और संगठनों के साथ विचार-विमर्श किया था और इन सभी ने इस निर्णय का समर्थन किया है।


अमेरिका स्थित ‘द सिख्स फॉर जस्टिस’ (एसएफजे) अपने अलगाववादी एजेंडे के तहत सिख जनमत संग्रह 2020 पर जोर देता है। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में एसएफजे को गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत प्रतिबंधित किया गया। इस संबंध में एक अन्य अधिकारी ने कहा कि समूह खुलेआम खालिस्तान का समर्थन करता है और इस तरह भारत की सम्प्रभुता और अखंडता को चुनौती देता है।

PM नरेंद्र मोदी, सोनिया, मनमोहन के खिलाफ दर्ज करवा चुका है केस

बता दें कि ये वही संगठन है जो पंजाब में 2020 में जनमत संग्रह खालिस्तान के मसले पर करवाना चाहता है। इसलिए जो भी राष्ट्रवाद की बात करता है, उस नेता के खिलाफ अमेरिका में संगठन के द्वारा बाकायदा केस दर्ज करवाए जाते हैं। इस कड़ी में यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के खिलाफ केस दर्ज करवाए थे।

मंजीत सिंह जीके पर इसी संगठन ने किए थे जानलेवा हमले

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मंजीत सिंह जीके के खिलाफ भी इसी संगठन ने 2015 में केस दर्ज करवाए थे। इसके बाद पिछलेे साल 25 अगस्त 2018 को जीके के कैलीफोरनिया की यूबा सिटी में खालिस्तान समर्थिकों ने जानलेवा हमले किए थे। जीके पर दो स्थानों पर हमले हुए थे, जिसमें उनके साथ वह बाल-बाल बच गए थे। हालांकि, जीके के खिलाफ सिख फॉर जस्टिस को अमेरिका की अदालत में हार का सामना करना पड़ा था। इस संगठन का प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू है। संगठन के पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ बताया जाता है।

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