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Friday, February 23, 2024

CM मनोहर लाल का ऐलान, वर्ष 2047 तक विकास में हरियाणा होगा देश में सर्वोच्च

 चंड़ीगढ़/ कविता। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल (Chief Minister Manohar Lal) ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि वर्ष 2047 तक हरियाणा राज्य पूरे देश में विकास के मामले में सर्वोच्च स्थान पर होगा। मुख्यमंत्री मंगलवार को आजादी की 76वीं वर्षगांठ पर फतेहाबाद में आयोजित राज्यस्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए देश की आजादी में योगदान एवं बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को याद किया और शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
फतेहाबाद की पुलिस लाइन में आयोजित राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में प्रदेश के मुख्यमंत्री  मनोहर लाल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की तथा राष्ट्रगान की धुन के साथ ध्वजारोहण किया और प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए अपना संदेश दिया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने लघु सचिवालय के समीप स्थित शहीदी स्मारक पर वीर शहीदों को पुष्प चक्र अर्पित कर उन्हें नमन किया। पुलिस लाइन, फतेहाबाद प्रांगण में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने परेड की टुकडिय़ों का निरीक्षण किया। परेड की टुकडिय़ों ने शानदार मार्चपास्ट किया तथा राष्ट्रध्वज को सलामी देते हुए मंच के सामने से गुजरी। परेड का नेतृत्व एएसपी भिवानी लोगेश सिंह ने किया।

-फतेहाबाद में राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्यमंत्री ने किया ध्वजारोहण
-कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनौतीपूर्ण विवादों का चुटकियों में किया समाधान
-हिसार में बनेगी गुरुग्राम की तरह मेट्रोपोलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी

मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा के वीरों ने भी आजादी के आंदोलन में बढ़-चढ़ कर भाग लिया था। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद भी वर्ष 1962, 1965 व 1971 के विदेशी आक्रमणों और आप्रेशन कारगिल युद्ध के दौरान वीरता की नई मिसाल पेश की है। मुख्यमंत्री ने महान स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि वे आजादी के लिए मर-मिटने वाले ज्ञात-अज्ञात शहीदों के प्रति भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि आजादी का यह पावन पर्व उपलब्धियों का जश्न मनाने का दिन भी है। आज भारत अपनी उन्नत प्रौद्योगिकी और प्रतिभा के बल पर चंद्रयान और मंगलयान जैसे मिशन शुरू कर रहा है। हाल ही में हमारा चन्द्रयान-3 चांद की कक्षा में प्रवेश कर चुका है और आज से एक सप्ताह बाद चांद पर उतरेगा। हम अपनी तकनीक के बल पर इसकी यात्रा और लैंडिंग को घर बैठे देख सकते हैं।
उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) को दूरगामी विजन वाला प्रधानमंत्री बताते हुए कहा कि मोदी जी ने कई चुनौतीपूर्ण विवादों का चुटकियों समाधान कर दिया। जम्मू एवं कश्मीर से अनुच्छेद-370 व धारा 35-ए को हटाकर कश्मीर से कन्याकुमारी तक अखंड भारत का सपना साकार किया है। अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण शुरू कर करोड़ों देशवासियों की आस्था को मजबूती दी है, जो अब पूरा होने को है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम पिछले 2 सालों से आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं। इस महोत्सव के समापन पर इस बार प्रधानमंत्री ने मेरी माटी-मेरा देश अभियान चलाया है। गत 9 अगस्त को भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ पर शुरू किये गए इस अभियान में देश के हर गांव व हर शहर की मिट्टी एकत्रित की जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश के बंटवारे को 20वीं शताब्दी की सबसे बड़ी त्रासदी बताते हुए उसके पीडि़तों की याद में 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाना शुरू किया है। वन रैंक-वन पेंशन की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करके वीर सैनिकों का मनोबल बढ़ाया है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू कर 21वीं सदी का आत्मनिर्भर भारत बनाने का मार्ग प्रशस्त किया है, हरियाणा में हमारी सरकार ने वर्ष 2025 तक ही इस नई नीति को पूर्ण रूप से लागू करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा उठाए गए अन्य कदमों की जानकारी देते हुए कहा कि सर्जिकल एयर स्ट्राइक, नागरिकता संशोधन कानून, तीन तलाक की कुप्रथा से मुक्ति, स्वच्छ भारत अभियान, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, जल संरक्षण आदि अनेक युग-परिवर्तनकारी कदम उठाए गए हैं।

अंबाला से फूटी थी आजादी के आंदोलन की पहली चिंगारी

मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम का स्मरण करते हुए कहा कि हमें गर्व है कि आजादी के आंदोलन की पहली चिंगारी 10 मई, 1857 को हरियाणा के अम्बाला से फूटी थी। उस चिंगारी ने आगे चलकर ऐसा जन-आन्दोलन खड़ा किया, जिसके बलबूते हम सन् 1947 में अंग्रेजी हुकूमत को उखाड़ फेंकने में सफल रहे। उन सेनानियों की देशभक्ति से नई पीढिय़ों को प्रेरित करने के लिए हमने अम्बाला छावनी में शहीदी स्मारक का निर्माण किया है।
उन्होंने कहा कि हम अपने शहीदों के बलिदानों का कर्ज तो नहीं चुका सकते, लेकिन उनके परिजनों की देखभाल करके उनके प्रति अपनी कृतज्ञता अवष्य व्यक्त कर सकते हैं। इस दिशा में कदम उठाते हुए सरकार ने प्रदेश में सैनिक व अर्ध-सैनिक कल्याण विभाग का गठन किया है। उन्होंने बताया कि युद्ध के दौरान शहीद हुए सेना व अर्ध-सैनिक बलों के जवानों की अनुग्रह राशि बढ़ाकर 50 लाख रुपये की है। आईईडी ब्लास्ट के दौरान शहीद होने पर भी अनुग्रह राशि बढ़ाकर 50 लाख रुपये की गई है। सेना व अर्ध-सैनिक बलों के शहीदों के 367 आश्रितों को अनुकम्पा के आधार पर नौकरी प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने तिरंगे की तरफ देखते हुए कहा कि आज मेरा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण का यह 9वां अवसर है, मैं अपने आप को गौरवान्वित व आनंदित महसूस कर रहा हंू। उन्होंने फतेहाबाद जिला को भी वीरों की धरती बताते हुए कहा कि यहां के वीरों ने आजादी के आंदोलन में बढ़-चढक़र भाग लिया था। यहां के एक ही गांव धांगड़ में 14 स्वतंत्रता सेनानी हुए। उन्होंने सन् 1931-32 के सिविल नारमानी और नमक सत्याग्रह तथा 1942 के ऐतिहासिक भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लेकर अंग्रेजों को भारत छोडऩे पर मजबूर किया तथा जेल यात्राएं कीं। उनका संघर्ष व त्याग नई पीढिय़ों को देशभक्ति की प्रेरणा देता रहेगा। उनके नाम गांव धांगड़ के गौरव पट्ट पर अंकित हैं। मेरी माटी-मेरा देश अभियान में ऐसे ही वीरों के नाम पूरे देश के गांवों के गौरव पट्ट पर अंकित किए जा रहे हैं।

पुराने पड़ चुके सिस्टम की अड़चनों को दूर किया

मुख्यमंत्री ने प्रदेश का विकास करने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि वर्ष 2014 में जब हमने जनसेवा का दायित्व संभाला तो हमारा लक्ष्य हर हरियाणवी के हितों की सुरक्षा करना था। हमने पूरे प्रदेश के लोगों को अपना परिवार माना है। किसी धर्म, सम्प्रदाय, जाति, क्षेत्र आदि के भेदभाव के बिना हरियाणा एक-हरियाणवी एक के भाव से सब नागरिकों और सब क्षेत्रों का समान विकास हमारी प्राथमिकता रहा है। पिछले 9 वर्ष हरियाणा में सद्भाव, सौहार्द, समान विकास, समरसता, सहिष्णुता के साथ-साथ उन बदलावों के साक्षी रहे हैं, जिनसे हर आदमी का जीवन सरल, सुगम और सुरक्षित हुआ है। इसके लिए समदृष्टि के साथ-साथ पुराने पड़ चुके सिस्टम की उन अड़चनों को दूर करना जरूरी था, जो जनसेवा और जनता के बीच दीवार बनकर खड़ी हो चुकी थी।
उन्होंने कहा कि देश की आजादी से लेकर लम्बे समय तक पूर्व की सरकारें गरीब कल्याण की बातें तो करती रहीं, लेकिन लाभ नहीं दिया। हमने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के दर्शन के अनुरूप प्रदेश के सभी परिवारों का पहचान पत्र बनाया, जिससे पात्र परिवारों की पहचान सुनिश्चित कर व्यवस्था का रुख सबसे गरीब की तरफ मोड़ा। हमने व्यवस्थाएं बदली। हमने ऐसे बदलाव किये हैं, जिनसे जनता का सरकार से सीधा सम्पर्क हो गया है। पहले सिस्टम की असफलता का सबसे बड़ा कारण उसका पारदर्शी न होना था। हमने हर सरकारी योजना और कार्यक्रम को पारदर्शी करके 100 से अधिक पोर्टल व ऐप के माध्यम से आप सबके सामने प्रस्तुत किया है।
उन्होंने कहा कि कुछ विपक्षी लोग बेशक पोर्टल पर सवाल उठाते हैं लेकिन इसी का परिणाम है कि आज घर बैठे गरीब की बेटी की शादी का शगुन, बुजुर्ग, विधवा व दिव्यांगों की पेंशन, बीपीएल कार्ड, चिरायु कार्ड, विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति आदि लाभ एक क्लिक पर सीधे उनके खातों में जाते हैं। इस तरह हमने सरकार के खजाने को सीधे लाभार्थियों के खाते से जोड़ दिया है।
मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि अब बिचौलिया संस्कृति खत्म हो गई है और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है। अब कोई भी व्यक्ति चाहे वह गरीब है, किसान है, व्यापारी है, महिला है, युवा है, आदि हर वर्ग की योजनाओं के मापदंडों और उनके लाभ को एक क्लिक पर देख सकता है।

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