वाराणसी/सुरेश ग़ांधी: फ्रैंकफर्ट, जर्मनी में 13 से 16 जनवरी 2026 तक आयोजित हेमटेक्सटाइल 2026 (Heimtextil 2026) विश्व का सबसे बड़ा होम और कॉन्ट्रैक्ट टेक्सटाइल ट्रेड फेयर साबित हुआ है। इस मेले में भारतीय हस्तनिर्मित कालीनों और रग्स ने खासा जलवा बिखेरा। कारपेट एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (सीईपीसी) के नेतृत्व में करीब 50 भारतीय निर्यातकों ने भाग लिया और अपनी पारंपरिक कारीगरी, सस्टेनेबल मैटेरियल्स तथा आधुनिक डिजाइनों से अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को प्रभावित किया।
मेले के आयोजकों ने इस बार कालीनों और रग्स को एक विस्तृत और समर्पित सेगमेंट के रूप में पेश किया, जो भारतीय उद्योग के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यूरोप, अमेरिका और एशिया से आए खरीदारों की अच्छी संख्या और मजबूत फुटफॉल से निर्यातकों को बड़े ऑर्डर की उम्मीद जगी है। अमेरिकी टैरिफ जैसी चुनौतियों के बावजूद जर्मनी एक भरोसेमंद बाजार के रूप में उभरा है।
कालीन और रग्स का अलग सेगमेंट, भारतीय उद्योग के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि
हेमटेक्सटाइल 2026 में कालीनों और रग्स को हॉल 11.0 सहित चार हॉल लेवल पर फैलाकर दिखाया गया। हैंड-वोवन कालीनों के लिए हॉल 11.0 को नया घर बनाया गया, जहां कई उच्च गुणवत्ता वाले भारतीय कंपनियां जैसे हाफिजिया आर्ट्स एंड क्राफ्ट, हेरिटेज ओवरसीज, हिमालय कॉन्सेप्ट्स आदि शामिल हुईं। सीईपीसी के जॉइंट स्टैंड ने भारतीय निर्यातकों को मजबूत मंच दिया। यह विस्तार भारतीय हस्तनिर्मित कालीनों को अलग पहचान देता है और वैश्विक बाजार में उनकी परंपरागत बुनाई तथा डिजाइन कौशल को नई मान्यता प्रदान करता है।
डोमोटेक्स से हेमटेक्सटाइल की ओर उद्योग का रुख बदलाव
पिछले वर्षों में भारतीय हस्तनिर्मित कालीन उद्योग पारंपरिक रूप से डोमोटेक्स हनोवर पर निर्भर था। लेकिन 2026 में कई निर्यातकों ने हेमटेक्सटाइल को प्राथमिकता दी। इसका मुख्य कारण बेहतर खरीदार मौजूदगी, होम टेक्सटाइल सेक्टर के साथ अच्छा तालमेल और नेटवर्किंग के ज्यादा अवसर हैं। मेले में भारतीय पवेलियन में जबरदस्त भीड़ रही, जहां सस्टेनेबिलिटी, इको-फ्रेंडली मैटेरियल्स और अनोखे डिजाइनों पर खास पूछताछ हुई।
खरीदारों की मजबूत दिलचस्पी और भारतीय वाणिज्य दूतावास की भूमिका
यूरोप, अमेरिका, पश्चिम एशिया और अन्य एशियाई देशों से आए खरीदारों ने भारतीय हस्तनिर्मित कालीनों में गहरी रुचि दिखाई। फ्रैंकफर्ट स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने बिजनेस इंटरैक्टिव सेशन आयोजित किए, जहां निर्यातकों और जर्मन आयातकों के बीच सीधा संवाद हुआ। इन सत्रों में यूरोपीय बाजार की मांग, गुणवत्ता मानक और दीर्घकालिक सहयोग पर चर्चा हुई, जिससे द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा मिला।
वैश्विक चुनौतियों के बीच जर्मनी बना भरोसेमंद मंच
अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ और वैश्विक व्यापार की अनिश्चितताओं के बीच हेमटेक्सटाइल भारतीय हस्तनिर्मित कालीन उद्योग के लिए सालभर की बिजनेस प्लानिंग का मजबूत आधार बन रहा है। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मंच न केवल तत्काल ऑर्डर दिलाते हैं, बल्कि नए बाजारों की राह भी खोलते हैं। कुल मिलाकर, हेमटेक्सटाइल 2026 भारतीय पारंपरिक कारीगरी को वैश्विक स्तर पर मजबूती से स्थापित करने की दिशा में एक अहम कदम साबित हुआ।
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