Bharat Taxi Service Launch: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज 5 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में भारत टैक्सी नामक देश के पहले सहकारिता-आधारित राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म का आधिकारिक शुभारंभ किया। यह सेवा ड्राइवरों (जिन्हें ‘सारथी’ कहा जाता है) को मालिकाना हक देती है, जिसमें जीरो कमीशन और सर्ज प्राइसिंग नहीं होती। इससे ड्राइवरों को अधिक कमाई और सम्मान मिलेगा, जबकि यात्रियों को पारदर्शी और कम किराया मिलेगा। यह प्लेटफॉर्म ओला, उबर जैसे निजी ऐप्स को सीधी चुनौती देता है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ विजन पर आधारित है। शुरुआत दिल्ली-एनसीआर और गुजरात से हुई है, और तीन साल में पूरे देश में फैलने की योजना है।
भारत टैक्सी क्या है?
भारत टैक्सी भारत का पहला सहकारिता-नेतृत्व वाला राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है, जो बहु-राज्य सहकारी समितियां अधिनियम, 2002 के तहत पंजीकृत है। इसकी स्थापना 6 जून 2025 को हुई थी। यह सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड द्वारा संचालित है और आठ प्रमुख सहकारी संगठनों के समर्थन से चलता है। प्लेटफॉर्म का मुख्य उद्देश्य ड्राइवरों को शोषणकारी एग्रीगेटर मॉडल से मुक्ति दिलाना है, जहां वे सिर्फ कर्मचारी नहीं बल्कि मालिक होते हैं।
पायलट प्रोजेक्ट दिसंबर 2025 से दिल्ली-एनसीआर और गुजरात में सफलतापूर्वक चला, जिसके बाद आज आधिकारिक लॉन्च हुआ। अब तक लगभग चार लाख ड्राइवर इससे जुड़ चुके हैं और दस लाख से अधिक उपयोगकर्ता रजिस्टर्ड हैं। प्लेटफॉर्म पर करीब 10 करोड़ रुपये सीधे ड्राइवरों के खाते में ट्रांसफर किए जा चुके हैं।
ड्राइवरों को कैसे फायदा होगा?
अमित शाह ने लॉन्च के दौरान कहा कि ‘सारथी ही मालिक’ है। इस मॉडल में ड्राइवर टैक्सी के मालिक होते हैं और प्लेटफॉर्म से होने वाली कमाई का बड़ा हिस्सा सीधे उनके खाते में जाता है। कोई कमीशन नहीं काटा जाता, न ही सर्ज प्राइसिंग होती है। पेमेंट सीधे ग्राहक से ड्राइवर के अकाउंट में ट्रांसफर होता है, बिना किसी बिचौलिए के।
ड्राइवरों को स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा, सेवानिवृत्ति बचत और समर्पित सहायता प्रणाली मिलती है। दिल्ली में सात प्रमुख स्थानों पर सहायता केंद्र हैं। महिला ड्राइवरों के लिए ‘सारथी दीदी’ और ‘बाइक दीदी’ जैसी पहलें चल रही हैं, जिनमें अब तक 150 से अधिक महिलाएं जुड़ चुकी हैं। लॉन्च इवेंट में शीर्ष छह ड्राइवरों को सम्मानित किया गया, उन्हें शेयर प्रमाणपत्र, 5 लाख का दुर्घटना बीमा और 5 लाख का पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा दिया गया।
यात्रियों के लिए क्या खास है?
यात्रियों को फिक्स्ड और पारदर्शी किराया मिलेगा, कोई छिपा चार्ज या सर्ज नहीं। सेवा दो-पहिया, तीन-पहिया और चार-पहिया वाहनों में उपलब्ध है। महिला यात्रियों की सुरक्षा पर खास ध्यान है। ऐप हिंदी, अंग्रेजी और गुजराती में उपलब्ध है। यह ओला-उबर जैसे प्लेटफॉर्म्स से सस्ता और सुरक्षित विकल्प बन सकता है।
सेवाओं की पेशकश और विस्तार योजना
भारत टैक्सी को यूनिफाइड मोबिलिटी प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है। इसमें कैब, ऑटो और बाइक राइड्स शामिल हैं। अमित शाह ने कहा कि तीन साल में यह सेवा कश्मीर से कन्याकुमारी और द्वारका से कामाख्या तक पूरे देश में फैल जाएगी। लॉन्च के दौरान नौ एमओयू साइन किए गए, जो संचालन, डिजिटल सशक्तिकरण, सुरक्षा और सेवा वितरण को मजबूत करेंगे।
अमित शाह के मुख्य बयान
अमित शाह ने कहा, “यह सहकार, न कि सरकार, टैक्सी सेक्टर में प्रवेश कर रहा है। अमूल की तरह यह दुनिया में अनोखा कोऑपरेटिव मॉडल है। ड्राइवरों को सम्मान के साथ मालिक बनाया जा रहा है।” उन्होंने ड्राइवरों से प्रोफेशनल व्यवहार बनाए रखने की अपील भी की।
चुनौतियां और भविष्य
यह प्लेटफॉर्म निजी कंपनियों को टक्कर देगा, लेकिन शुरुआती चरण में ऐप की उपलब्धता और विस्तार पर ध्यान देना होगा। सरकार का दावा है कि इससे ड्राइवरों की आय बढ़ेगी और यात्रियों को बेहतर सेवा मिलेगी।

