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विदेशी निवेशकों ने 29,718 करोड़ निकाले, फिर भी निफ्टी-सेंसेक्स ने बनाई मजबूती

विदेशी निवेशकों की भारी निकासी के बावजूद भारतीय शेयर बाजारों में संरचनात्मक मजबूती बनी हुई है।

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नई दिल्ली, 22 मार्च (WomenExpress)। विदेशी निवेशकों की भारी निकासी के बावजूद भारतीय शेयर बाजारों में संरचनात्मक मजबूती बनी हुई है। विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक मैक्रो आर्थिक दबाव, एफआईआई की साप्ताहिक 29,718.9 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी और रुपए के रिकॉर्ड निचले स्तर 93.71 तक पहुंचने के बावजूद निफ्टी और सेंसेक्स ने अपनी स्थिरता दिखाई।

घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 30,269.23 करोड़ रुपये की मजबूत खरीदारी से बाजार को संभाला। 20 मार्च को समाप्त सप्ताह में निफ्टी 23,114.50 पर (+0.49% सप्ताहिक) और सेंसेक्स 74,532.96 पर बंद हुआ, जबकि कुल मिलाकर मामूली गिरावट दर्ज हुई। भू-राजनीतिक तनाव से कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहीं, लेकिन बाजार में आधार बन रहा है।

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एफआईआई निकासी और बाजार पर असर

20 मार्च को समाप्त सप्ताह में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने ‘रिस्क-ऑफ’ रुख अपनाया और 29,718.9 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी की। यह निकासी अमेरिकी डॉलर इंडेक्स की मजबूती और वैश्विक अनिश्चितताओं से जुड़ी है। इससे भारतीय रुपया दबाव में आया और 93.71 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। वेंचुरा सिक्योरिटीज के रिसर्च प्रमुख विनीत बोलिंजकर ने कहा कि निफ्टी ने अपनी मजबूती बनाए रखी, क्योंकि डीआईआई ने मजबूत खरीदारी से संतुलन बनाया।

घरेलू निवेशकों की मजबूत भूमिका

डीआईआई ने सप्ताह में 30,269.23 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की, जो एफआईआई की बिकवाली को काफी हद तक ऑफसेट करने में सफल रही। इससे बाजार में संरचनात्मक लचीलापन दिखा। शुरुआती सत्रों में होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही बहाल होने से भावनाओं को समर्थन मिला, लेकिन बाद में इजराइल द्वारा ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमलों से भू-राजनीतिक तनाव बढ़ा।

भू-राजनीतिक तनाव और कच्चा तेल

रिलायंस ब्रोकिंग लिमिटेड के रिसर्च एसवीपी अजीत मिश्रा के अनुसार, इजराइल-ईरान तनाव से कच्चे तेल की कीमतें करीब 119 डॉलर प्रति बैरल के उच्च स्तर के पास पहुंचीं, हालांकि बाद में थोड़ी नरमी आई लेकिन वे ऊंचे स्तर पर बनी रहीं। ब्रेंट क्रूड लगभग 107 डॉलर प्रति बैरल के आसपास उतार-चढ़ाव में रहा। रुपए की कमजोरी और अमेरिका से कमजोर संकेतों ने भी दबाव बढ़ाया।

बाजार का साप्ताहिक प्रदर्शन

सप्ताह के पहले तीन सत्रों में सकारात्मक रुख रहा, लेकिन गुरुवार की तेज गिरावट ने बढ़त मिटा दी। अंतिम सत्र में उतार-चढ़ाव देखा गया। निफ्टी 0.16 प्रतिशत गिरकर 23,114.50 पर और सेंसेक्स 0.04 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 74,532.96 पर बंद हुआ। इंडिया वीआईएक्स 22.81 पर स्थिर रहा, जो बाजार में आधार बनने का संकेत देता है।

निवेशकों के लिए सलाह

विश्लेषकों का मानना है कि कमजोर भावना, एफआईआई निकासी और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सतर्क रहना जरूरी है। निवेश मजबूत फंडामेंटल वाले लार्ज-कैप शेयरों और स्थिर आय वाले सेक्टरों की ओर होना चाहिए। बाजार 22,800 से 23,300 के बीच सीमित दायरे में रह सकता है। सकारात्मक रुख तब संभव है जब ऊर्जा कीमतों में स्थिरता आए और रुपए में उतार-चढ़ाव कम हो।

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