वैश्विक तनाव के बीच सोने और चांदी की कीमतें नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। मंगलवार को MCX पर सोना 2.4 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,59,820 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंचा, जबकि चांदी ने 3,59,800 रुपये प्रति किलोग्राम का नया उच्चतम स्तर बनाया।
अमेरिकी डॉलर की कमजोरी, फेडरल रिजर्व से ब्याज दर कटौती की उम्मीद और ट्रंप की टैरिफ धमकियों के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में इन कीमती धातुओं की ओर रुख कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना 5,113.70 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस और चांदी 99 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गई है।
सोने-चांदी में तेज उछाल के कारण
वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता ने सोने-चांदी को मजबूत सहारा दिया है। अमेरिका में सरकारी कामकाज बंद होने की आशंका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से दक्षिण कोरिया की कारों, लकड़ी तथा दवाइयों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी ने बाजार में चिंता बढ़ा दी है। ट्रंप ने कनाडा को चेतावनी दी है कि यदि वह चीन से कोई समझौता करता है तो उस पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाया जा सकता है। इन घटनाओं से निवेशक सुरक्षित निवेश की तलाश में सोने-चांदी की ओर बढ़ रहे हैं।
इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में 0.1 प्रतिशत की गिरावट आई है, जिससे विदेशी निवेशकों के लिए सोना सस्ता हो गया है। केंद्रीय बैंकों की निरंतर सोने की खरीद और दुनिया भर में नरम मौद्रिक नीति की उम्मीद ने भी कीमतों को ऊपर धकेला है।
घरेलू बाजार में रिकॉर्ड स्तर
MCX पर फरवरी अनुबंध वाले सोने की कीमत 1.45 प्रतिशत या 2,270 रुपये बढ़कर 1,58,307 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। शुरुआती कारोबार में यह 1,59,820 रुपये तक गई थी, लेकिन मुनाफावसूली से थोड़ी गिरावट आई। चांदी के मार्च अनुबंध में 4.84 प्रतिशत या 16,197 रुपये की तेजी देखी गई और यह 3,50,896 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। दिन में चांदी 3,59,800 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंचकर नए रिकॉर्ड पर पहुंच गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल
कॉमेक्स पर अप्रैल डिलीवरी वाले सोने के वायदा भाव 1 प्रतिशत बढ़कर 5,113.70 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस हो गए। चांदी ने 99 डॉलर के स्तर को पार कर नया रिकॉर्ड बनाया है। ये स्तर वैश्विक अनिश्चितता को दर्शाते हैं, जहां निवेशक डॉलर से दूर सुरक्षित विकल्प चुन रहे हैं।
विशेषज्ञों की राय और आगे का अनुमान
मेहता इक्विटीज लिमिटेड के कमोडिटी विशेषज्ञ राहुल कलंत्री ने कहा कि बाजार अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की दो दिवसीय बैठक पर नजर रख रहा है। उम्मीद है कि फिलहाल ब्याज दरें नहीं बदेंगी, लेकिन साल के अंत तक कम से कम दो बार कटौती हो सकती है। राजनीतिक दबाव ने सोने-चांदी में निवेश को और बढ़ावा दिया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सोने को 1,57,050 से 1,55,310 रुपये के बीच मजबूत समर्थन मिल सकता है, जबकि ऊपर की ओर 1,59,850 और 1,62,950 रुपये प्रतिरोध स्तर हैं। चांदी के लिए समर्थन 3,38,810 और 3,22,170 रुपये पर है, जबकि प्रतिरोध 3,55,810 और 3,62,470 रुपये पर माना जा रहा है। कुछ विश्लेषकों का अनुमान है कि आने वाले सत्रों में सोना 1,65,000 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 3,65,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकती है। हालांकि, ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली से थोड़ी गिरावट या स्थिरता भी संभव है।
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