नई दिल्ली, 1 फरवरी (WomenExpress)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का तीसरा बजट पेश किया। यह उनका लगातार नौवां केंद्रीय बजट है। बजट 2026-27 में इनकम टैक्स की दरों और स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पिछले साल बड़े टैक्स सुधार हुए थे, इसलिए इस बार पुरानी व्यवस्था ही जारी रहेगी।
इनकम टैक्स में कोई बदलाव नहीं
वित्त मंत्री ने साफ कहा कि इनकम टैक्स स्लैब और रेट्स वही रहेंगे जो अभी चल रहे हैं। लोग उसी सिस्टम से टैक्स भरते रहेंगे। नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 अप्रैल 2026 से लागू होगा, जिसमें नियम और फॉर्म सरल बनाए जाएंगे।
आईटीआर फाइलिंग की डेडलाइन में राहत
टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत मिली है। संशोधित इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है। इसके लिए सिर्फ मामूली फीस देनी होगी।
- ITR-1 और ITR-2 वाले लोग 31 जुलाई तक रिटर्न भर सकेंगे।
- ऑडिट न होने वाले बिजनेस और ट्रस्ट्स को 31 अगस्त तक का समय मिलेगा।
मोटर एक्सीडेंट क्लेम पर टैक्स छूट
मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण से मिलने वाला ब्याज अब इनकम टैक्स से पूरी तरह मुक्त होगा। इस पर कोई टीडीएस भी नहीं कटेगा। इससे एक्सीडेंट पीड़ितों को फायदा होगा।
एनआरआई को पूंजीगत सामान पर छूट
भारत की कंपनियों को पूंजीगत सामान देने वाले गैर-निवासी भारतीयों (एनआरआई) को पांच साल तक इनकम टैक्स में छूट मिलेगी।
टीसीएस दरों में कटौती
स्रोत पर टैक्स वसूली (टीसीएस) की दरें कम की गई हैं।
- विदेश यात्रा पैकेज पर टीसीएस 5% और 20% से घटाकर 2% कर दिया गया। अब न्यूनतम राशि की कोई शर्त नहीं रहेगी।
- लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (एलआरएस) के तहत विदेश में पढ़ाई और इलाज पर टीसीएस 5% से घटाकर 2% हो गया। इससे विदेश जाने वालों को कम टैक्स देना पड़ेगा।
छोटे टैक्सपेयर्स के लिए नया सिस्टम
कम या शून्य टैक्स कटौती का सर्टिफिकेट लेने के लिए अब टैक्स अधिकारी के पास आवेदन नहीं करना पड़ेगा। एक ऑटोमैटिक सिस्टम आएगा, जो काम आसान बनाएगा।
फॉर्म 15जी/15एच जमा करने की सुविधा
जिनके पास अलग-अलग कंपनियों के शेयर हैं, वे फॉर्म 15जी या 15एच अब डिपॉजिटरी (जैसे एनएसडीएल, सीडीएसएल) में सीधे जमा कर सकेंगे। डिपॉजिटरी खुद कंपनियों तक फॉर्म भेज देगी। इससे टीडीएस से छूट आसान हो जाएगी।
शेयर बाजार में एसटीटी बढ़ोतरी
शेयर बाजार के लेन-देन में सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) बढ़ाया गया है।
- फ्यूचर्स पर एसटीटी 0.02% से बढ़ाकर 0.05% कर दिया गया।
- ऑप्शंस पर 0.01% से बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया।
यह बदलाव एफएंडओ सेगमेंट में सुधार और सरकार को अतिरिक्त राजस्व के लिए किया गया है।
ये बदलाव टैक्स भरने की प्रक्रिया को सरल बनाने और आम आदमी को राहत देने पर फोकस करते हैं। बजट में टैक्सपेयर्स की कई परेशानियां दूर करने की कोशिश की गई है।
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