भारत में महिलाओं की नौकरी की तलाश में तेजी आई है। अपना डॉट की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक साल में टॉप मैनेजमेंट और लीडरशिप वाली नौकरियों के लिए महिलाओं के आवेदनों में 43 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। साथ ही, वर्कफोर्स में महिलाओं की भागीदारी दर अब 34 प्रतिशत के करीब पहुंच गई है।
रिपोर्ट बताती है कि महिलाएं अब सिर्फ एंट्री लेवल की नौकरियां नहीं, बल्कि सीनियर और रणनीतिक पदों पर भी आगे बढ़ना चाहती हैं। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के PLFS सर्वे के मुताबिक, जुलाई-सितंबर 2025 में महिला श्रम बल भागीदारी दर (LFPR) बढ़कर 33.7 प्रतिशत हो गई, जबकि कुल बेरोजगारी दर घटकर 5.2 प्रतिशत रह गई।
महिलाओं के टॉप जॉब्स आवेदनों में बड़ी बढ़ोतरी
अपना डॉट सीओ की रिपोर्ट से पता चलता है कि रणनीतिक और टॉप मैनेजमेंट पदों के लिए महिलाओं के आवेदन सालाना आधार पर 43 प्रतिशत बढ़े हैं। जोखिम प्रबंधन और कंप्लायंस से जुड़े पदों पर आवेदनों में 51 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। महिलाएं अब संगठन के उच्च स्तर की जिम्मेदारियां संभालने के लिए तैयार दिख रही हैं। टॉप मैनेजमेंट और रणनीतिक पदों की महिलाओं के लिए खास नौकरियों में 52 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि जोखिम प्रबंधन और कंप्लायंस में भर्ती 57 प्रतिशत बढ़ी। प्रोजेक्ट और प्रोग्राम मैनेजमेंट पदों के लिए आवेदन लगभग दोगुने हो गए।
फुल-टाइम नौकरियों की मांग बढ़ी
रिपोर्ट के अनुसार, महिलाओं में स्थिर और फुल-टाइम नौकरियों की मांग बढ़ रही है। फुल-टाइम जॉब्स के लिए आवेदन 33 प्रतिशत बढ़े, जबकि पार्ट-टाइम में 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। फ्रेशर्स (नए उम्मीदवारों) के आवेदनों में 18 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो अनुभवी पेशेवरों के 11 प्रतिशत से ज्यादा है। यह दिखाता है कि युवा महिलाएं करियर की शुरुआत में ही मजबूत कदम उठा रही हैं।
तकनीकी क्षेत्रों में महिलाओं की दिलचस्पी
तकनीकी फील्ड में महिलाओं की रुचि बहुत तेजी से बढ़ रही है। डेटा साइंस और एनालिटिक्स पदों के लिए आवेदन 86 प्रतिशत बढ़े। रिसर्च और डेवलपमेंट में 88 प्रतिशत, क्वालिटी एश्योरेंस में 90 प्रतिशत और प्रोडक्ट मैनेजमेंट में 62 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। यह ट्रेंड बताता है कि महिलाएं स्किल-बेस्ड और हाई-ग्रोथ सेक्टर में आगे आ रही हैं।
श्रम बल भागीदारी में सुधार
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के PLFS त्रैमासिक बुलेटिन के अनुसार, जुलाई-सितंबर 2025 में महिला श्रम भागीदारी दर 33.7 प्रतिशत पहुंच गई, जो पिछली तिमाही के 33.4 प्रतिशत से थोड़ी ज्यादा है। महिला श्रमिक जनसंख्या अनुपात (WPR) 32 प्रतिशत हो गया। कुल बेरोजगारी दर 5.2 प्रतिशत पर आ गई, जो पहले से कम है। अपनाको के सीईओ कार्तिक नारायण ने कहा कि सीनियर मैनेजमेंट, कंप्लायंस और स्किल-बेस्ड पदों पर बढ़ते आवेदन दिखाते हैं कि भारत के जॉब मार्केट में महिलाएं अब सिर्फ अवसर नहीं, बल्कि लीडरशिप की भूमिका भी निभाना चाहती हैं।
टियर-2 और टियर-3 शहरों में तेज ग्रोथ
भौगोलिक स्तर पर टियर-2 शहरों में महिलाओं के नौकरी आवेदनों में 27 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि टियर-1 शहरों में 10 प्रतिशत। टियर-1 में नोएडा में सबसे ज्यादा 14 प्रतिशत वृद्धि रही। टियर-2 और टियर-3 में इंदौर में 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई। मुंबई में 7 प्रतिशत और सूरत में 3 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। यह दिखाता है कि छोटे शहरों में भी महिलाओं को जॉब के अच्छे मौके मिल रहे हैं।
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