गाजियाबाद/भूपेंद्र तालान। साक्ष्य आधारित विवेचना प्रणाली और वादी संवाद नीति के चलते गाजियाबाद कमिश्नरेट के 15 थाने आईजीआरएस रैंकिंग में प्रथम स्थान पाकर सरताज बन गए हैं। पुलिस कमिश्नर जे.रविन्दर गौड़ ने बताया कि कमिश्नरेट गाजियाबाद में सामान्य अपराधों और महिला संबंधी अपराधों में प्रभावी गिरावट दर्ज की गई है। आईजीआरएस रैंकिंग में जून माह में महज 2 थानों ने प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया था।
—महिला संबंधी अपराधों में प्रभावी गिरावट दर्ज की गई है: पुलिस कमिश्नर
इसके बाद पुलिस विभाग की तरफ से की गई सुधारात्मक कार्रवाई के परिणाम स्वरूप जुलाई माह में 3 और अगस्त माह में 4,सितंबर माह में 9 व अक्टूबर माह में यह आंकड़ा 15 थानों तक जा पहुंचा। आईजीआरएस रैंकिंग में प्रथम आने वाले थाने:अंकुर विहार,कविनगर,क्रॉसिंग रिपब्लिक,खोड़ा,टीला मोड़, ट्रोनिका सिटी,निवाड़ी,भोजपुर,मधुबन बापूधाम,महिला थाना,मुरादनगर,मोदीनगर, लिंकरोड,लोनी और साहिबाबाद थाना शामिल हैं। पुलिस विभाग के आंकड़े बताते हैं कि जून माह में पुलिस कार्यालय पहुंचने वाले लोगों की संख्या जहां 1844 थी, वहीं,जुलाई माह में 1745 लोगों ने अपनी शिकायत दर्ज कराई। अगस्त माह में यह आंकड़ा 1843 पर रहा और सितंबर माह में भी 1753 लोग अपनी फरियाद लेकर पुलिस कार्यालय पहुंचे। अक्टूबर माह में इस आंकड़े में भारी कमी आई और पुलिस कार्यालय पहुंचने वालों की तादाद महज 1067 पर ही सिमट गई। पुलिस कमिश्नर जे.रविन्दर गौड़ ने बताया कि साक्ष्य आधारित विवेचना प्रणाली से पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कमिश्नरेट के 15 थाने प्रदेश में पहली रैंकिंग पर आए हैं। उन्होंने कहा कि इसमें और सुधार के प्रयास जारी हैं। पुलिस के खिलाफ मिली 36 शिकायतें:आंकड़ों के अनुसार,जून माह से 15 नवंबर तक कुल 56 हजार 206 कॉल पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली जानने के लिए की गई। इस दौरान आमजन की तरफ से पुलिस के खिलाफ 36 शिकायतें भी मिलीं। पुलिस के खिलाफ मिलीं इन शिकायतों में जून में 11,जुलाई में 8,अगस्त में 7, सितंबर में 5,अक्टूबर में 4 और 15 नवंबर तक महज एक ही शिकायत मिली हैं।

