उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में रविवार रात एक दर्दनाक घटना हुई। शहर की पहली महिला ऑटो ड्राइवर अनीता चौधरी (लगभग 40-45 साल) की उनके पूर्व साथी मुकेश झा ने गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, दोनों सात साल से रिलेशनशिप में थे, लेकिन अनीता ने पांच महीने पहले रिश्ता खत्म कर लिया था। मुकेश बार-बार दबाव डालता रहा और धमकियां देता रहा।
अनीता का शव स्टेशन रोड पर पलटे ऑटो के पास मिला। परिवार ने हत्या का शक जताया, जिसके बाद पुलिस ने मुकेश झा, उसके बेटे शिवम और साले मनोज के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया। मुकेश फरार है और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम रखा गया है।
अनीता चौधरी कौन थीं?
अनीता चौधरी झांसी की रहने वाली थीं और शहर में अंबेडकर नगर या तालपुरा इलाके में अपने परिवार के साथ रहती थीं। उनके पति द्वारिका चौधरी ठेला चलाते थे, जिससे घर चलाना मुश्किल हो रहा था। अनीता ने पहले एक ग्लास फैक्ट्री में काम किया, जहां मुकेश झा मैनेजर थे। यहीं से दोनों की मुलाकात हुई और दोस्ती रिश्ते में बदल गई।
आर्थिक तंगी के कारण अनीता ने साल 2020 में नौकरी छोड़ दी। कोविड लॉकडाउन के दौरान वह कुछ समय महाराष्ट्र भी गईं, लेकिन वापस लौट आईं। परिवार के विरोध और बैंक लोन न मिलने के बावजूद एक प्राइवेट बैंक से फाइनेंस करवाकर 18 फरवरी 2021 को उन्होंने ऑटो खरीदा। पड़ोसी से गाड़ी चलाना सीखा और झांसी की पहली महिला ऑटो ड्राइवर बनीं। उनके इस साहस की शहर में काफी तारीफ हुई। दिसंबर 2021 में तत्कालीन डीआईजी जोगेंद्र सिंह और कई संगठनों ने उन्हें सम्मानित किया। उनके ऑटो पर पुलिस हेल्पलाइन नंबर और “पुरुष और महिलाएं समान हैं” जैसे पोस्टर लगे थे। अनीता से प्रेरित होकर झांसी में कई अन्य महिलाएं भी ऑटो और ई-रिक्शा चलाने लगीं।

सात साल का रिश्ता और ब्रेकअप की वजह
अनीता और मुकेश झा का रिश्ता करीब सात साल पुराना था। फैक्ट्री में काम के दौरान शुरू हुई दोस्ती गहरे रिश्ते में बदल गई। अनीता शादीशुदा थीं और तीन बच्चों की मां थीं। मुकेश के व्यवहार से परेशान होकर उन्होंने पांच महीने पहले रिश्ता खत्म कर लिया। लेकिन मुकेश उन्हें बार-बार परेशान करता रहा। वह दबाव डालता कि अनीता उसके साथ रहे, वरना अंजाम बुरा होगा।
तीन महीने पहले स्टेशन पर दोनों के बीच झगड़ा हुआ था। तब स्थानीय ऑटो ड्राइवरों ने बीच-बचाव किया और नवाबाद पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज हुई। मुकेश ने खुले आम धमकी दी कि “या तो तुम मेरे साथ रहोगी, या मैं देख लूंगा”। इसके बाद वह अनीता का पीछा करने लगा।
घटना कैसे हुई?
रविवार रात अनीता ऑटो चलाने निकली थीं। स्टेशन रोड पर सुकुवा-धुकवा कॉलोनी के पास मुकेश ने उनसे झगड़ा किया। पुलिस जांच में पता चला कि मुकेश ने अनीता के सिर में गोली मारी। हत्या को एक्सीडेंट दिखाने के लिए ऑटो पलट दिया गया। सुबह करीब 1:30 से 2:30 बजे के बीच शव मिला। परिवार को सूचना मिली तो उन्होंने देखा कि गहने और मोबाइल गायब थे, जबकि शरीर पर एक्सीडेंट जैसी चोटें नहीं थीं।
पोस्टमार्टम में गोली लगने की पुष्टि हुई। अनीता के पति की शिकायत पर मुकेश झा, उसके बेटे शिवम झा और साले मनोज झा पर हत्या का मुकद्दा दर्ज हुआ। शिवम और मनोज को हिरासत में लिया गया है। एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि रिश्ते में खटास हत्या की मुख्य वजह लग रही है। पुलिस टीमें मुकेश की तलाश में छापेमारी कर रही हैं।
पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई
पुलिस को कंट्रोल रूम से रात में कॉल आई कि एक ऑटो पलटा है और ड्राइवर फंसी हुई है। मौके पर पहुंचकर शव बरामद किया गया। पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी करवाई गई और शव परिवार को सौंप दिया गया। अनीता के बड़े बेटे विक्की पुणे से आने के बाद अंतिम संस्कार होगा।
यह घटना झांसी में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठा रही है। अनीता जैसी साहसी महिला का इस तरह अंत होना पूरे शहर के लिए सदमा है। पुलिस मुख्य आरोपी मुकेश की जल्द गिरफ्तारी की कोशिश कर रही है।
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