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Friday, August 29, 2025

राफेल को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने फिर बोला झूठ, भड़की बीजेपी

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–बार-बार मुंह खाने के बावजूद राफेल पर दुष्प्रचार कर रहा कांग्रेस
–झूठ की फैक्ट्री पहले से ही बने हुए हैं राहुल गांधी : बीजेपी
–राफेल को लेकर कांग्रेस ने झूठ बोला, जनता के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश की

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल : भारतीय जनता पार्टी ने राफेल मामले में कांग्रेस के आरोपों का पलटवार करते हुए कांग्रेस पार्टी पर जमकर हमला बोला है। साथ ही आरोप लगाया कि बार-बार मुंह खाने के बावजूद कांग्रेस राफेल पर दुष्प्रचार कर रहा है। भाजपा ने कहा कि राफेल डील को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी ने बार-बार झूठ बोला है और राफेल की कीमत को लेकर बार-बार अपने बयान बदला है। जबकि सच्चाई यह है कि सोनिया गांधी – मनमोहन सिंह की कांग्रेस सरकार ने राफेल डील फाइनल करने में देरी की और देश की सुरक्षा हितों के साथ खिलवाड़ किया। कांग्रेस की यूपीए सरकार 10 वर्षों में भी इस डील को कर नहीं पाई। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डा. संबित पात्रा ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी आज झूठ तथा भ्रम की पर्यायवाची बन चुकी है और राहुल गांधी तो झूठ की फैक्ट्री पहले से ही बने हुए हैं। राहुल गांधी और कांग्रेस ने आज फिर से राफेल को लेकर कांग्रेस ने झूठ बोला है और जनता के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश की है। जहां तक जांच की बात है तो भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने अपना निर्णय पहले ही सुना दिया है और सीएजी ने भी राफेल को लेकर अपनी रिपोर्ट को जनता के बीच रखा है।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने राफेल डील पर केंद्र सरकार को घेरने के लिए संसद में भी झूठ बोला था। उन्होंने कहा था कि फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने उनसे स्वयं कहा कि इस डील में कोई गोपनीय धारा नहीं है। राहुल के इस झूठ के बाद फ्रांस सरकार ने उसे खारिज करते हुए बयान जारी किया था और कहा था कि समझौता पार्टियों को क्लासिफाइड जानकारी साझा करने की इजाजत नहीं देता है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने राफेल डील का जिक्र करते हुए कई मौकों पर विमान की अलग-अलग कीमतें बताईं। संसद में उन्होंने कहा कि राफेल विमान 520 करोड़ रुपये में खरीदा जा रहा था, तो कर्नाटक में इसकी कीमत 526 करोड़ रुपये बताई। राजस्थान में राफेल का दाम 540 करोड़ बताया तो दिल्ली में एक रैली में उन्होंने इसकी कीमत 700 करोड़ रुपये बताई। इससे साफ है कि राहुल को यूपीए सरकार के दौरान होने वाली डील में विमान के सही दाम तक नहीं पता थे।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि राहुल गांधी ने हमेशा यह भ्रम भी फैलाने की कोशिश की कि सुप्रीम कोर्ट ने डील में गंभीर अनियमितता पाई है। हालांकि उन्होंने कोर्ट में विचाराधीन मामले में प्रोपेगेंडा फैलाने की कोशिश की। जबकि सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस की शह पर अपील करने वालों की याचिकाएं खारिज कर दी थीं और स्पष्ट कहा था कि इस डील में सरकार ने कुछ गलत नहीं किया। राहुल गाँधी ने झूठ बोला कि अनिल अंबानी को फायदा पहुंचाने के लिए मोदी सरकार ने एचएएल को डील नहीं दी। वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि राफेल सौदे में डसॉल्ट कंपनी से मतभेदों के कारण एचएएल को यह करार नहीं मिला, न कि किसी दबाव के कारण।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राफेल डील पर फ्रांसीसी मीडिया की रिपोर्ट ट्विस्ट करते हुए यह बताने की कोशिश की कि दसॉल्ट को भारत से डील करने के लिए अंबानी को ऑफसेट पार्टनर बनाना पड़ा। जबकि सच्चाई यह है कि सुप्रीम कोर्ट और दसॉल्ट के सीईओ कह चुके हैं कि ऑफसेट पार्टनर के चयन में भारत सरकार का कोई लेना-देना नहीं था। ऑफसेट के एमाउंट को भी लेकर राहुल गाँधी ने झूठ बोला। ऑफसेट पार्टनर्स में रिलायंस के साथ कई भारतीय कंपनियां शामिल हैं।

राफेल पर राहुल गांधी  का मनगढ़ंत आरोप

राफेल पर मनगढ़ंत आरोप लगाने के दौरान ही राहुल गांधी ने यह भी कहा कि मोदी सरकार ने सैन्य अधिग्रहण के नियमों और प्रक्रियाओं का उल्लंघन किया। इस डील पर सुनवाई के वक्त सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वे इस बात से सहमत हैं कि इस प्रक्रिया पर वास्तव में संदेह करने का कोई अवसर नहीं है। मतलब कोर्ट ने कहा कि डील में पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी बरती गई है। राफेल डील पर याचिका की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि केंद्र सरकार ने राफेल डील को सही तरीके से अंजाम दिया है, इसलिए इसकी फिर से समीक्षा करने की कोई जरूरत नहीं है। इसको लेकर जो पुनर्विचार याचिका दायर की गई है, उसमें भी कोई मेरिट नहीं है। इस

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