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Monday, May 23, 2022

दाहोद में इलेक्ट्रिक रेल इंजन संयंत्र स्थापित होगा, PM मोदी ने किया ऐलान

दाहोद (गुजरात) /नेशनल ब्यूरो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के जनजातीय बहुल दाहोद जिले में 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश से एक इलेक्ट्रिक लोकोमेटिव (विद्युत रेल इंजन) निर्माण संयंत्र स्थापित करने की बुधवार को घोषणा की। दाहोद जिले के बाहरी इलाके में बड़ी संख्या में एकत्र जनजातीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह इलाका मेक इन इंडिया पहल का एक बड़ा केंद्र बन जायेगा। अपने संबोधन के दौरान मोदी ने अफसोस जताया कि बिरसा मुंडा और गोविंद गुरु जैसे जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों को देश की आजादी बाद वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे हकदार हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, आजादी से पहले यहां एक वाष्प (रेल) इंजन वर्कशॉप की स्थापना की गई थी। अब यह (क्षेत्र) मेक इन इंडिया को बढ़ावा देगा, क्योंकि रेलवे यहां 20,000 करोड़ रुपये का निवेश कर इलेक्ट्रिक रेल इंजन निर्माण केंद्र स्थापित करेगा। दाहोद स्थित उत्पादन इकाई में 9,000 एचपी विद्युत रेल इंजन के निर्माण की आधारशिला भी रखी। इस परियोजना की लागत करीब 20,000 करोड़ रुपये है। दाहोद कार्यशाला को भाप इंजनों की एक निश्चित अवधि के बाद की जाने वाली सम्पूर्ण मरम्मत के लिए 1926 में स्थापित किया गया था, जिसका अब अवसंरचना संबंधी सुधारों के साथ विद्युत रेल इंजन निर्माण इकाई के रूप में उन्नयन किया जाएगा। यह 10,000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करेगी।

—भारतीय रेलवे यहां 20,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगा
—मेक इन इंडिया पहल का एक बड़ा केंद्र बन जायेगा दाहोद : प्रधानमंत्री

उन्होंने कहा कि दाहोद इलेक्ट्रिक इंजनों की मांग को पूरा करने में प्रमुख भूमिका निभाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि विदेशों में भी इनकी मांग बढ़ी है। उन्होंने कहा कि भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल है, जो 9,000 अश्व शक्ति (एचपी) की शक्ति वाले विद्युत रेल इंजन बनाते हैं। प्रधानमंत्री ने दाहोद और पड़ोसी पंचमहल जिले के लिए 22 हजार करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री ने कहा, यह हमारे देश का दुर्भाग्य है कि असली स्वतंत्रता सेनानियों को आजादी के सात दशक बाद भी इतिहास की किताबों में उचित स्थान नहीं मिला। हम भगवान बिरसा मुंडा को कैसे भूल सकते हैं, जिन्होंने ब्रिटिश शासकों के खिलाफ लड़ा। उन्होंने कहा कि झारखंड के रांची में अब बिरसा मुंडा का एक स्मारक बनाया गया है।

उन्होंने कहा कि दाहोद के जनजातीय समुदाय ने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि दाहोद में स्वतंत्रता संघर्ष के दौरान जलियांवाला बाग की तरह का एक नरसंहार हुआ था। उन्होंने कहा कि गुजरात सरकार ने स्थानीय स्वतंत्रता सेनानी गोविंद गुरु का स्मारक दाहोद जिले के मंगध में बनाया है। प्रधानमंत्री ने शिक्षकों और विद्याॢथयों से स्कूलों में इन घटनाओं के बारे में नाटक का मंचन और कविता पाठ करने को कहा ताकि आने वाली पीढिय़ों को उनके बलिदान के बारे में जानकारी मिल सके। गौरतलब है कि गुजरात में विधानसभा चुनाव इस साल के अंत में होने हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के करीब छह करोड़ परिवारों को नल से जल योजना के तहत नल से जल आपूॢत का कनेक्शन दिया गया है, जिसमें से पांच लाख घर गुजरात के हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आजाद के बाद 70 सालों में देश में केवल 18 जनजातीय अनुसंधान केंद्र थे, लेकिन केंद्र सरकार ने महज सात सालों में नौ अतिरिक्त जनजातीय अनुसंधान केंद्रों की स्थापना की है। इस मौके पर रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपिंदर पटेल, रेलराज्य मंत्री दर्शना जरदोश सहित पार्टी एवं सरकार के लोग मौजूद रहे।

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