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Monday, May 23, 2022

NSE की पूर्व चीफ चित्रा रामकृष्ण गिरफ्तार, सीबीआई ने दबोचा

नई दिल्ली /अदिति सिंह : एनएसई की पूर्व सीईओ चित्रा रामकृष्ण को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है। उनकी गिरफ्तारी के पहले केंद्रीय जांच एजेंसी उनसे कई बार पूछताछ कर चुकी थी। चित्रा रामकृष्णन ने यह कहकर सनसनी फैला दी थी कि वो एनएसई के मामलों में एक हिमालयन योगी के साथ जानकारी साझा करती रही थीं। हालांकि बाद में उस योगी की पहचान उनके पूर्व सहयोगी के तौर पर ही हुई, जिसे उन्होंने मोटे वेतन पर रखा था। सेबी ने चित्रा रामकृष्ण पर गोपनीय जानकारियां लीक करने का आरोप लगाया है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की तीन साल सीईओ रहीं चित्रा रामकृष्ण के बारे में इस खुलासे के बाद शेयर बाजार में हड़कंप मच गया था। इस घोटाले की जांच में देरी को लेकर भी सवाल उठे थे। चित्रा रामकृष्ण के ईमेल की जांच पड़ताल से इस पूरे घटनाक्रम का पता चला था और जांच केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंपी गई थी।

— हिमालयन योगी के साथ साझा की थी संवेदनशील जानकारी

नेशनल स्‍टॉक एक्‍सचेंज की पूर्व प्रमुख चित्रा रामकृष्‍ण के निर्णय़ों को कथित तौर पर प्रभाव डालने वाला हिमालय योगी की पहचान उनके सहयोगी आनंद सुब्रमण्‍यम के रूप में हुई है। एनएसई के इस पूर्व अधिकारी को शेयर बाजार में धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया गया था। सीबीआई सूत्रों ने पिछले हफ्ते कहा था, एनएनसइ का पूर्व अफसर आनंद ही वह योगी था जिसने ईमेल के जरिये चित्रा के साथ तमाम संवेदनशील जानकारियों पर बातकी थी।
सेबी ने पहले कहा था कि आनंद की विवादित नियुक्ति उन फैसलों में से एक थी जो चित्रा रामकृष्‍ण ने कथित योगी के प्रभाव में आकर की थी। सूत्रों ने बताया कि एक ईमेल आईडी से आनंद सुब्रमण्‍यम के ही योगी होने का खुलासा हुआ था। जांच एजेंसी के अनुसार, इस बात के सबूत हैं कि सुब्रमण्‍यम ने ही ईमेल बनाई थी। जांच एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि चित्रा रामकृष्‍णन ने अपने ईमेल आईडी के जरिये एनएसई से जुड़ी गोपनीय जानकारी 2013 से 2016 के बीच शेयर की थीं।
सूत्रों का कहना है कि एक ईमेल आईडी से आनंद सुब्रमण्‍यम के ही योगी होने का माजरा सामने आया था। जांच एजेंसी के अनुसार, इस बात के ठोस सबूत हैं कि सुब्रमण्‍यम ने ही ईमेल बनाया था। सूत्रों ने बताया कि चित्रा रामकृष्‍णन ने 2013 से 2016 के बीच एनएसई की सीईओ रहने के दौरान तमाम जानकारियां दूसरे मेल पर शेयर की थीं। इनमें से कुछ मेल कथित तौर पर आनंद सुब्रमण्‍यम के एक अन्‍य ईमेल आईडी पर भी चिन्हित थे। इन मेल के स्‍क्रीनशॉट सुब्रमण्‍यम के मेल आईडी से मिले। सीबीआई ने सुब्रमण्यम से 4 दिन पूछताछ की थी और फिर 26 फरवरी को उसे चेन्नई से गिरफ्तार किया गया था। सु्ब्रमण्‍यम को 2013 में एनएसई में मुख्‍य रणनीतिक सलाहकार बनाया गया था और बाद में उन्‍हें 2015 में ग्रुप ऑपरेटिंग ऑफिसर के तौर पर प्रोन्नत किया गया था। 2016 में अनियमितता के आरोपों को लेकर सुब्रमण्यम ने एनएसई छोड़ दिया था। सुब्रमण्यम की गिरफ्तारी के बाद से ही अंदेशा लगाया जा रहा था कि सीबीआई अब चित्रा पर भी शिकंजा कस सकती है।

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