33.8 C
New Delhi
Monday, March 9, 2026

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा- महिलाओं की समान भागीदारी से ही आएगा असली विकास

Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now

नई दिल्ली/खुशबू पाण्डेय। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर जोर दिया कि असली विकास के लिए महिलाओं की बराबर भागीदारी बहुत जरूरी है, क्योंकि वे देश की लगभग आधी आबादी हैं। नई दिल्ली में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के कार्यक्रम में संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि महिलाएं अब हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और भारत महिला नेतृत्व वाले विकास की राह पर तेजी से चल रहा है।

उन्होंने शिक्षा, रोजगार, स्टार्टअप और ग्रामीण सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर सरकार के प्रयासों का जिक्र किया, साथ ही भेदभाव और हिंसा जैसी चुनौतियों पर समाज में बदलाव की जरूरत बताई। राष्ट्रपति ने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में महिलाओं की पूरी भागीदारी की अपील की।

महिलाओं की समान भागीदारी से ही आएगा असली विकास

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने स्पष्ट कहा कि विकास को सच्चाई से हासिल करने के लिए महिलाओं को बराबर मौका देना जरूरी है। वे देश की आधी से ज्यादा आबादी हैं, इसलिए उनकी भागीदारी के बिना पूरा विकास संभव नहीं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर नई दिल्ली में आयोजित समारोह में उन्होंने महिलाओं की उपलब्धियों का सम्मान करने और लैंगिक समानता, सुरक्षा, गरिमा व सशक्तिकरण के लिए सबकी प्रतिबद्धता मजबूत करने की बात कही।

महिलाएं हर क्षेत्र में निभा रही अहम भूमिका

आज महिलाएं शिक्षा, प्रशासन, न्यायपालिका, सेना, चिकित्सा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, कला और उद्यमिता जैसे लगभग हर क्षेत्र में आगे हैं। ग्रामीण इलाकों में स्वयं सहायता समूहों के जरिए महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं और पंचायतों में नेतृत्व कर ग्रामीण विकास में योगदान दे रही हैं। उद्योग, स्टार्टअप और कॉर्पोरेट क्षेत्र में भी महिलाएं अपनी क्षमता दिखा रही हैं। खेलों में भी उनका प्रदर्शन शानदार है। राष्ट्रपति ने इन सब बातों पर प्रकाश डाला।

भारत महिला नेतृत्व वाले विकास की ओर तेजी से बढ़ रहा

पिछले दस साल में महिलाओं के रास्ते की रुकावटें दूर करने के लिए मजबूत आधार बना है। स्कूली शिक्षा में लैंगिक समानता हासिल हो गई है और उच्च शिक्षा में लड़कियों की संख्या ज्यादा है। STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) में महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है। केंद्रीय बजट 2026-27 में STEM पढ़ने वाली छात्राओं के लिए हर जिले में महिला छात्रावास बनाने का प्रावधान किया गया है, जिससे बेटियां ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था में लीडर बन सकेंगी।

स्टार्टअप और रोजगार में महिलाओं की बढ़ती भूमिका

महिलाएं अब सिर्फ नौकरी करने वाली नहीं, बल्कि रोजगार देने वाली भी बन रही हैं। स्टार्टअप इंडिया योजना में आधे से ज्यादा स्टार्टअप में कम से कम एक महिला डायरेक्टर है। दो लाख से ज्यादा महिला स्वामित्व वाले MSME जेम पोर्टल पर सक्रिय हैं। बजट में शुरू की गई ‘सी-मार्ट’ पहल स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को अच्छा बाजार दिलाएगी।

चुनौतियां बनी हुई हैं, समाज में बदलाव जरूरी

महिलाओं के सशक्तिकरण के कई प्रयासों के बावजूद भेदभाव, समान काम के लिए कम वेतन और घरेलू हिंसा जैसी समस्याएं हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि इनका हल सिर्फ कानून से नहीं, बल्कि समाज की सोच बदलने से होगा। भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य रखता है और इसमें महिलाओं की पूरी भागीदारी जरूरी है।

हर लड़की को शिक्षा और मौका मिले: राष्ट्रपति का आह्वान

राष्ट्रपति ने सभी से अपील की कि हर लड़की को शिक्षा और बराबर अवसर मिलें। महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा को प्राथमिकता दी जाए। इससे एक मजबूत और समावेशी समाज बनेगा।

Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Women Express पर. Hindi News और India News in Hindi  से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related News

Delhi epaper

Prayagraj epaper

Kurukshetra epaper

Latest News