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INDIA में बनेगा लैपटॉप, डेस्कटॉप, सर्वर एवं हार्डवेयर, युवाओं को मिलेगी नौकरियां

नयी दिल्ली /खुशबू पाण्डेय । सरकार की कंप्यूटर हार्डवेयर विनिर्माण के लिए उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन (PLI) योजना के दूसरे चरण में आज आखिरी दिन कम से कम 24 कंपनियों के आवेदन प्राप्त हुए हैं और ये सभी कंपनियां भारत में एक टिकाऊ वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के निर्माण में योगदान को लेकर खासी उत्साहित हैं। […]

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नयी दिल्ली /खुशबू पाण्डेय । सरकार की कंप्यूटर हार्डवेयर विनिर्माण के लिए उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन (PLI) योजना के दूसरे चरण में आज आखिरी दिन कम से कम 24 कंपनियों के आवेदन प्राप्त हुए हैं और ये सभी कंपनियां भारत में एक टिकाऊ वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के निर्माण में योगदान को लेकर खासी उत्साहित हैं।
संचार, सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलैक्ट्रॉनिक्स मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnav) ने आज यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि देश में लैपटॉप, डेस्कटॉप, सर्वर आदि हार्डवेयर के निर्माण के लिए पीएलआई 2.0 योजना में अंतिम दिन तक 24 कंपनियों के आवेदन आये हैं उनमें एचपी, डेल, एसर, एसिस, लेनोवो, थॉमसन, एचपी एंटरप्राइजेज़, वीवीडीएन आदि शामिल हैं। इनमें से 25 प्रतिशत घरेलू, 22 प्रतिशत हाईब्रिड विनिर्माण करेंगी। कुछ भारतीय कंपनियां भी हैं जो विश्व के बड़े ब्रॉण्डों के लिए विनिर्माण करेंगी।

—देशी—विदेशी 24 कंपनियों ने किया हाईवेयर पीएलआई स्कीम में आवेदन
—एचपी, डेल, एसर, एसिस, लेनोवो, थॉमसन, एचपी एंटरप्राइजेज़, वीवीडीएन आदि शामिल

श्री वैष्णव ने कहा कि इस चरण में देश में उत्तरोत्तर उत्पादन 3.35 लाख करोड़ रुपए तक का होने का अनुमान है। जबकि ये कंपनियां 2430 कराेड़ रुपए का निवेश करेंगी तथा इससे 75 हजार प्रत्यक्ष एवं करीब सवा दाे लाख अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि आवेदनों का निस्तारण बहुत तेजी से किया जाएगा और उन्हें जल्द से जल्द उत्पादन शुरू करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

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लाइसेंस प्रणाली को लेकर विवाद के बारे में एक सवाल पर उन्होंने कहा कि सभी आवेदकों से उनकी सीधी बात हुई है और एक भी कंपनी को इस बारे में कोई शिकायत या चिंता नहीं है। सभी कंपनियां भारत में मेक इन इंडिया को सफल बनाने और भारत को हार्डवेयर के क्षेत्र में टिकाऊ वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और मूल्यवर्धन श्रृंखला बनाने काे लेकर खासी उत्सहित हैं।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने यह विश्वास जताया कि जिस प्रकार से भारत मोबाइल आयातक देश से ना सिर्फ मोबाइल फोन निर्यातक देश बन गया है और भारत में 98 प्रतिशत माेबाइल फोन सेट स्वदेश निर्मित हैं। हार्डवेयर पीएलआई योजना से इससे भी अच्छी स्थिति निर्मित होगी।
एपल कंपनी के इस पीएलआई योजना में भाग नहीं लेने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि आने वाले समय में एपल के भी आने की उम्मीद है। वर्तमान में एपल भारत में ऐसे चार कंपोनेंट बनाती है जिसे विश्व भर में निर्यात किया जाता है।
हार्डवेयर पीएलआई स्कीम 2.0 के अंतर्गत 17 हजार करोड़ रुपए का बजटीय आवंटन किया गया है। इस योजना की अवधि विनिर्माण शुरू होने के बाद छह वर्ष तक है। बीते आठ वर्षों में कंप्यूटर हाईवेयर क्षेत्र में भारत में 17 प्रतिशत की दर से वृद्धि दर्ज की गयी है। हार्डवेयर पीएलआई स्कीम 2.0 में आवेदन की अंतिम तिथि बुधवार मध्यरात्रि तक है।

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