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Friday, August 29, 2025

रेल मंत्रालय जिला स्तर पर श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाने को तैयार

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—रेलमंत्री पीयूष गोयल की बडी पहल, टृवीट कर दी जानकारी
–जिला कलेक्टर फंसे हुए श्रमिकों की डिटेल रेलवे को भेजें
–राज्य के नोडल ऑफिसर के माध्यम से रेलवे को आवेदन करना होगा
–श्रमिक स्पेशल ट्रेन पर हो रही सियासत के बीच बड़ा ऐलान
–देश के विभिन्न शहरों में अभी भी फंसे हैं लाखों श्रमिक

( खुशबू पाण्डेय)
नई दिल्ली/ टीम डिजिटल : देशभर में लॉकडाउन के चलते फंसे श्रमिकों को उनके मंजिल तक पहुंचाने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाने को लेकर हो रही सियासत के बीच रेलमंत्री पीयूष गोयल ने एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि भारतीय रेलवे देश के किसी भी जिले से श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाने को तैयार है। इसके लिये जिला कलैक्टर को फंसे हुए श्रमिकों के नाम, व उनके गंतव्य स्टेशन की लिस्ट तैयार कर राज्य के नोडल ऑफिसर के माध्यम से रेलवे को आवेदन करना होगा।

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने एक ट्वीट किया कि प्रवासी मजदूरों को बड़ी राहत पहुंचाने के उद्देश्य से भारतीय रेलवे यह नई पहल शुरू कर रहा हेै। इसी के साथ डिस्ट्रिक्ट कलैक्टर एक सूची और गंतव्य स्टेशन, रेलवे के स्टेट नोडल ऑफिसर को भी दे दें। रेलमंत्री ने राज्यों के नोडल ऑफिसरों की लिस्ट भी सार्वजनिक कर दी है। भारतीय रेलवे को एक दिन में लगभग 300 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाने की क्षमता है, हालांकि वर्तमान में आधे से भी कम का उपयोग किया जा रहा है।

इसे भी पढें…मिशन ‘घर वापसी’ में भारतीय रेलवे ने तेज की रफ्तार

इस बीच रेल मंत्रालय ने कहा कि अपने गृह राज्यों में वापस जाने के इच्छुक प्रवासियों के बारे में जानकारी प्रत्येक जिले से उपलब्ध कराई जाती है, तो भारतीय रेलवे ट्रेनों के संचालन में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। भारतीय रेलवे जिलों की वास्तविक जरूरतों के अनुसार श्रमिक विशेष रेलगाडिय़ों को चलाने के लिए तैयार है। मंत्रालय के मुताबिक पूर्ण क्षमता रेलमार्गों का परिचालन देश भर के प्रवासियों को महत्वपूर्ण राहत प्रदान करेगा जो अपने गृह राज्यों में जाने की मांग कर रहे हैं।

रेलवे रोजाना 300 श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाने के लिए तैयार

बता दें कि रेलमंत्री पीयूष गोयल ने श्रमिकों को लेकर देशभर में हो रहे सरकार के विरोध पर एक ट्वीट किया था जिसमें कहा था कि रेलवे रोजाना 300 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को चलाकर कामगारों को उनके घर पहुंचाने के लिये तैयार है, लेकिन दुख है कि कुछ राज्यों जैसे प.बंगाल, राजस्थान, छत्तीसगढ, व झारखंड की सरकारों द्वारा इन ट्रेनों को अनुमति नही दी जा रही है, जिससे श्रमिकों को घर से दूर कष्ट सहना पड़ रहा है।इसको लेकर गैर भाजपा शासित राज्यों और रेल मंत्रालय के बीच श्रमिक ट्रेन को लेकर आरोप-प्रत्यारोप लग रहे हैं।

15 मई की आधी रात तक देश भर से कुल 1074 श्रमिक ट्रेनें चलाई

वहीं दूसरी ओर रेल मंत्रालय ने शनिवार को दावा किया कि 15 मई की आधी रात तक देश भर के विभिन्न राज्यों से कुल 1074 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई गई। पिछले 15 दिनों में 14 लाख से अधिक फंसे हुए लोगों को उनके गृह राज्य पहुंचाया जा चुका है। पिछले 3 दिन के दौरान प्रति दिन 2 लाख से अधिक लोगों को ले जाया गया है। आने वाले दिनों में इसे प्रति दिन 3 लाख यात्रियों तक पहुंचाने की उम्मीद है। इन 1074 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को आंध्र प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, गोवा, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार जैसे विभिन्न राज्यों से चलाया गया।

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