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Monday, May 23, 2022

श्री गुरु तेग बहादुर का बलिदान हिंदू धर्म की रक्षा के काम आया : अमित शाह

नई दिल्ली/ खुशबू पाण्डेय : नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर जी के 400वें प्रकाश पर्व को समर्पित अलौकिक समागम दिल्ली के लाल किला मैदान में शुरू हो गया। दो दिवसीय समारोह का शुभारंभ गृहमंत्री अमित शाह ने किया। इस मौके पर सभी तख्तों के जत्थेदार साहिबान, केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी, भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा, दिल्ली कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका सहित देशभर की सिख संगतें शरीक हुईं। कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा। इस मौके पर अमित शाह ने कहा कि इस कार्यक्रम में शामिल होकर मैं अपने आप को धन्य समझता हूं। उन्होंने कहा कि देश में ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं है, जो गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान से अभिभूत न हो। अमित शाह ने कहा कि लाल किले में आयोजित नौंवे पातशाह को समर्पित अलौकिक समागम पीएम मोदी जी की सिख गुरुओं के प्रति अटूट श्रद्वा का प्रतिबिंब है। समागम के दौरान सभी लोग जमीन पर बैठकर कार्यक्रम का आनंद लिया।

श्री गुरु तेग बहादुर का बलिदान हिंदू धर्म की रक्षा के काम आया : अमित शाह
-श्री गुरु तेग बहादुर जी के 400वें प्रकाश पर्व पर लाल किला पर समागम शुरू
-ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है, जो गुरु जी के बलिदान से अभिभूत न हो : गृहमंत्री
– पीएम मोदी की सिख गुरुओं के प्रति अटूट श्रद्वा का प्रतिबिंब है समागम
-प्रधानमंत्री मोदी आज करेंगे समापन, स्मारक सिक्का, डाक टिकट जारी करेंगे

उन्होंने कहा कि हिंदु, सिख सबके मन में गुरु तेग बहादुर जी के प्रति श्रद्वा और सम्मान है। उनका बलिदान ही हिंदू धर्म की रक्षा के काम आया। कश्मीरी पंडितों के लिए गुरू जी अपना बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि 400 साल के बाद भी न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया गुरु तेग बहादुर के सम्मान, श्रद्वा के साथ उनके कार्यों को, उनके जीवन को और उनके संदेश को नमर करता है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी जी देश के सबसे सौभग्यशाली प्रधानमंत्री हैं, क्योंकि उनके कालखंड के अंदर ही गुरु नानक देव महाराज का 550वां प्रकाश पर्व आया। गुरु तेग बहादुर जी का 400 वां प्रकाश पर्व आया और गुरु गोविंद सिंह जी का 350 वां प्रकाश पर्व मनाने का मौका और सौभाग्य पीएम मोदी जी को गया। अमित शाह ने कहा कि देश का ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं जो गुरु तेग बहादुर के बलिदान से अभिभूत न हो।


दो दिवसीय समागम का समापन वीरवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे। इस अवसर पर, प्रधानमंत्री उपस्थित जनसमूह को संबोधित करेंगे और एक स्मारक सिक्का तथा डाक टिकट भी जारी करेंगे।
इस कार्यक्रम का आयोजन भारत सरकार द्वारा दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सहयोग से किया जा रहा है। इस दो-दिवसीय (20 और 21 अप्रैल) कार्यक्रम के दौरान, देश के विभिन्न हिस्सों से रागी और बच्चे शब्द कीर्तन में भाग लेंगे। गुरु तेग बहादुर जी के जीवन को दर्शाने वाला एक भव्य लाइट एंड साउंड शो भी होगा। इसके अलावा सिखों की पारंपरिक मार्शल आर्ट गतका का भी आयोजन किया जाएगा।
कार्यक्रम नौवें सिख गुरु, गुरु तेग बहादुर जी के उपदेशों को रेखांकित करने पर केंद्रित है। गुरु तेग बहादुर जी ने विश्व इतिहास में धर्म एवं मानवीय मूल्यों, आदर्शों और सिद्धांतों की रक्षा के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया। उन्हें मुगल शासक औरंगजेब के आदेश पर कश्मीरी पंडितों की धार्मिक स्वतंत्रता का समर्थन करने के लिए मार डाला गया था। उनकी पुण्यतिथि 24 नवंबर हर साल शहीदी दिवस के रूप में मनाई जाती है। दिल्ली में गुरुद्वारा सीस गंज साहिब और गुरुद्वारा रकाब गंज उनके पवित्र बलिदान से जुड़े हैं। उनकी विरासत इस राष्ट्र के लिए एकजुटता की एक महान शक्ति के रूप में कार्य करती है।

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