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Pariksha Pe Charcha 2026: पीएम मोदी का छात्रों को खास मंत्र: “मैं प्रधानमंत्री हूं, फिर भी लोग सलाह देते हैं”

Pariksha Pe Charcha 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'परीक्षा पे चर्चा 2026' कार्यक्रम में छात्रों को पढ़ाई का महत्वपूर्ण मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति का अपना अलग पैटर्न होता है और छात्रों को अपने तरीके पर भरोसा रखना चाहिए। सबकी सलाह सुनें, लेकिन अपना स्टडी पैटर्न तभी बदलें जब आपको उससे फायदा हो।

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Pariksha Pe Charcha 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ कार्यक्रम में छात्रों को पढ़ाई का महत्वपूर्ण मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति का अपना अलग पैटर्न होता है और छात्रों को अपने तरीके पर भरोसा रखना चाहिए। सबकी सलाह सुनें, लेकिन अपना स्टडी पैटर्न तभी बदलें जब आपको उससे फायदा हो।

पीएम मोदी ने खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि वे प्रधानमंत्री बनने के बाद भी लोगों से अलग-अलग तरीके से काम करने की सलाह पाते हैं, लेकिन अपना मूल तरीका नहीं छोड़ते। यह कार्यक्रम 6 फरवरी 2026 को हुआ, जिसमें छात्रों ने पढ़ाई के विभिन्न पैटर्न पर सवाल पूछे और पीएम ने जीवन से जुड़े उदाहरणों से जवाब दिए।

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अपने पैटर्न पर भरोसा रखें

‘परीक्षा पे चर्चा’ के पहले अध्याय ‘आपकी शैली, आपकी गति’ पर बातचीत के दौरान गुजरात की एक छात्रा ने पीएम मोदी से सवाल किया। छात्रा ने बताया कि परीक्षा के समय परिवार वाले और शिक्षक अलग-अलग पढ़ाई का तरीका बताते हैं, जबकि छात्र का अपना एक पैटर्न होता है। इससे कन्फ्यूजन होता है। इस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समस्या जीवनभर चलती है। उन्होंने कहा, “मैं प्रधानमंत्री हूं, फिर भी लोग मुझे अलग-अलग तरीके से काम करने के लिए कहते हैं। लेकिन सबका अपना-अपना तरीका होता है।”

खाने के पैटर्न से समझाया उदाहरण

पीएम मोदी ने छात्रों को आसान भाषा में समझाया। उन्होंने कहा कि जब परिवार साथ खाना खाता है, तो हर किसी का खाने का पैटर्न अलग होता है। कोई सब्जी से शुरू करता है, कोई दाल से, तो कोई सब मिलाकर खाता है। जब हर कोई अपने तरीके से खाता है तो मजा आता है। ठीक वैसे ही पढ़ाई में भी अपना पैटर्न अपनाएं। कुछ लोग सुबह अच्छे से पढ़ते हैं, कुछ रात में। जो आपको सूट करता है, उसी पर भरोसा करें।

सलाह लें, लेकिन अनुभव से अपनाएं

प्रधानमंत्री ने सलाह दी कि दूसरों की बात जरूर सुनें। अगर कोई सुझाव फायदेमंद लगे तो उसे अपनी जिंदगी में शामिल करें, लेकिन सिर्फ किसी के कहने पर नहीं। इसे अपने अनुभव से जोड़ें। उन्होंने ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम का भी उदाहरण दिया। कहा कि जब यह कार्यक्रम शुरू हुआ था तो एक पैटर्न था। धीरे-धीरे बदलाव किए गए, अलग-अलग राज्यों में छात्रों से बात की गई। उन्होंने भी कुछ चीजें बदलीं, लेकिन अपना मूल तरीका नहीं छोड़ा।

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छात्रा की प्रतिक्रिया

जवाब सुनकर छात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का नेचर बहुत अच्छा है। वे बच्चों के साथ पूरी तरह घुल-मिल गए। उन्होंने समझाया कि अपने पैटर्न पर फोकस करें, लेकिन सभी की बात सुनें और अच्छे गुण अपनाएं।

यह कार्यक्रम छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ाने और परीक्षा के तनाव को कम करने के लिए आयोजित किया जाता है। पीएम मोदी ने छात्रों को ‘एग्जाम वॉरियर्स’ बनने की प्रेरणा दी।

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