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Wednesday, May 25, 2022

प्रधानमंत्री मोदी ने रखी एशिया के सबसे बडे नोएडा हवाई अडडे की नींव

—हमारी राष्ट्र भक्ति के सामने कुछ राजनीतिक दलों की स्वार्थ नीति फेल
—नोएडा एयरपोर्ट निर्यात के बड़े केंद्र को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से सीधे जोड़ेगा

जेवर (नोएडा) /अदिति सिंह : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को नोएडा अंतरराष्ट्रीय विमानतल की आधारशिला रखी और केंद्र तथा उत्तर प्रदेश की पूर्ववर्ती सरकारों पर स्वार्थ की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए उन्हें राज्य के इस पश्चिमी हिस्से के विकास को नजरअंदाज करने का दोषी ठहराया। भारत के विकास को बाधित करने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों पर निशाना साधा और दावा किया कि उनकी राष्ट्र भक्ति के आगे कुछ राजनीतिक दलों की स्वार्थ नीति कभी नहीं टिक सकती। प्रधानमंत्री ने विमानतल की आधारशिला रखने के बाद वहां उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि केंद्र व उत्तर प्रदेश की पूर्ववर्ती सरकारों ने कैसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास को नजरअंदाज किया, उसका जीता-जागता उदाहरण जेवर विमानतल है। उन्होंने कहा कि दो दशक पहले उत्तर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार ने इस परियोजना का सपना देखा था लेकिन बाद में यह विमानतल कई सालों तक दिल्ली और लखनऊ की सरकारों की खींचतान में उलझा रहा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की पूर्ववर्ती सरकार ने तो बाकायदा चिटठी लिखकर तत्कालीन केंद्र सरकार को इस परियोजना को बंद करने को कह दिया था। उन्होंने कहा, अब डबल इंजन की सरकार के प्रयासों से आज हम उसी विमानतल के भूमि पूजन के साक्षी बन रहे हैं। केंद्र व राज्य में एक ही दल की सरकार को आम तौर पर भाजपा की ओर से डबल इंजन की सरकार कहा जाता है। विपक्षी दलों पर प्रधानमंत्री ने स्वार्थ को सर्वोपरि रखने का आरोप लगाया और कहा कि इसके उलट भाजपा-नीत सरकारों का मंत्र सबका साथ-सबका विकास, सबका विश्वास-सबका प्रयास रहा है। उन्होंने कहा, हमारे देश में कुछ राजनीतिक दलों ने हमेशा अपने स्वार्थ को सर्वोपरि रखा है। इन लोगों की सोच रही है अपना स्वार्थ, सिर्फ अपना खुद का परिवार, या जहां रहते हैं उस इलाके का… उसी को वो विकास मानते थे। जबकि हम राष्ट्र प्रथम की भावना पर चलते हैं। सबका साथ-सबका विकास, सबका विश्वास-सबका प्रयास, यही
हमारा मंत्र है।उन्होंने कहा, देश के लोग गवाह हैं… बीते कुछ हफ्तों में कुछ राजनीतिक दलों द्वारा किस तरह की राजनीति हुई, लेकिन भारत विकास के रास्ते से नहीं हटा। उन्होंने कहा, डबल इंजन की सरकार के प्रयासों से आज उत्तर प्रदेश, देश में संपर्क के सबसे बेहतर क्षेत्र में परिर्वितत हो रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में विमानतल के बन जाने से परिवर्तन का एक ऐसा चक्र शुरू होता है, जो चारों दिशाओं को लाभ पहुंचाता है और रोजगार के हजारों अवसर भी बनते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के पूरे होने से पूरे क्षेत्र के विकास को एक नयी उड़ान मिलेगी और उसका सामथ्र्य भी बहुत ज्यादा बढ़ जाएगा। उन्होंने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय विमानतल निर्यात के एक बहुत बड़े केंद्र को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से सीधे जोड़ेगा और क्षेत्र के किसान फल-सब्जी, मछली जैसे जल्दी खराब होने वाली उपज को सीधे भी निर्यात कर पाएंगे। उन्होंने कहा, हमारे जो खुर्जा क्षेत्र के कलाकार हैं, मेरठ का खेल उद्योग है, सहारनपुर का फर्नीचर उद्योग है, मुरादाबाद का पीतल उद्योग है, आगरा का फुटवीयर और पेठा है…पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अनेक लघु व मध्यम उद्यमों को भी विदेशी बाजार तक पहुंचने में अब और आसानी होगी। प्रधानमंत्री ने दावा किया कि यह विमानतल विमानों के रख-रखाव, रिपेयर और ऑपरेशन का भी देश का सबसे बड़ा केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा, सिर्फ रिपेयरिंग के लिए 15 हजार करोड़ रुपये बाहर जाता है, हजारों करोड़ रुपए खर्च होते हैं, जिसका अधिकांश हिस्सा दूसरे देशों को जाता है। अब यह विमानतल इस स्थिति को भी बदलने में मदद करेगा। नोएडा विमानतल के तैयार हो जाने के बाद उत्तर प्रदेश पांच अंतरराष्ट्रीय विमानतलों वाला देश का एकमात्र राज्य बन जाएगा। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी उपस्थित थे। विमानतल का शिलान्यास करने से पहले प्रधानमंत्री ने आदित्यनाथ और सिंधिया के साथ परियोजना के एक मॉडल का अवलोकन किया और इससे संबंधित एक लघु फिल्म भी देखी।

सितंबर, 2024 तक उड़ानों का परिचालन शुरू होने की उम्मीद

करीब 1,330 एकड़ क्षेत्र में बनने वाले इस विमानतल से सितंबर, 2024 तक उड़ानों का परिचालन शुरू होने की उम्मीद है। इसके पहले चरण को 10,050 करोड़ रुपये से अधिक की अनुमानित लागत से पूरा किया जाना है। नागर विमानन मंत्रालय के मुताबिक, परियोजना का पहला चरण पूरा होने के बाद इस विमानतल से सालाना 1.2 करोड़ यात्री हवाई यात्रा कर सकेंगे। विकास के सभी चारों चरण पूरे होने के बाद यह क्षमता बढ़कर सात करोड़ यात्रियों तक पहुंच जाएगी।

देश का पहला निवल शून्य उत्सर्जन विमानतल भी होगा

यह देश का पहला निवल शून्य उत्सर्जन (नेट जीरो एमिशन) विमानतल भी होगा। इस विमानतल की एक और खासियत यह होगी कि इसकी परिकल्पना भारत में पहले एकीकृत ‘मल्टी मॉडल कार्गो केंद्र के रूप में की गई है। नोएडा में बन रहा यह विमानतल, दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में दूसरा अंतरराष्ट्रीय विमानतल होगा और इससे इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय विमानतल पर यात्रियों का दबाव कम होगा। दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के अलावा अलीगढ़, आगरा, फरीदाबाद और आसपास के अन्य इलाकों के निवासियों को भी इससे फायदा होगा।

शुरुआत में इस विमानतल पर दो हवाई पट्टियां चालू होंगी

शुरुआत में इस विमानतल पर दो हवाई पट्टियां चालू होंगी। इसके विकास का अनुबंध ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल को दिया गया है। उत्तर प्रदेश में लखनऊ, वाराणसी और कुशीनगर में अंतरराष्ट्रीय विमानतल हैं जबकि अयोध्या में विमानतल का निर्माण कार्य जारी है। उत्तर प्रदेश में जेवर के अलावा सात अन्य विमानतलों का भी विकास किया जा रहा है, जिसमें अयोध्या भी शामिल है। अलीगढ़, चित्रकूट, आजमगढ़, मुरादाबाद और श्रावस्ती में भी विमानतल प्रस्तावित हैं।

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