नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ के दो साल पूरे होने पर इसकी तारीफ की है। उन्होंने कहा कि भगवान सूर्य हम सबके जीवन में ऊर्जा और उत्साह का संचार करते हैं, और यह योजना भी उसी सूर्य से प्रेरित है जो देशवासियों को स्वच्छ ऊर्जा अपनाने के लिए लगातार प्रेरित कर रही है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया और एक संस्कृत सुभाषित भी शेयर किया, जिसमें क्रियाशील रहने की सीख है।
योजना की शुरुआत और लक्ष्य
केंद्र सरकार ने 13 फरवरी 2024 को ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुक्त बिजली योजना’ (पीएमएसजीएमबीवाई) शुरू की थी। इसका मुख्य उद्देश्य वित्त वर्ष 2026-27 तक आवासीय क्षेत्र में एक करोड़ घरों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाना है। योजना पर कुल 75,021 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। यह दुनिया की सबसे बड़ी घरेलू रूफटॉप सोलर पहल है, जो मार्च 2027 तक एक करोड़ घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य रखती है। इससे लोगों को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिल सकती है और बिजली बिल में काफी बचत होती है।
अब तक की प्रगति
जनवरी 2026 तक योजना के तहत 29 लाख से अधिक परिवारों को फायदा पहुंचा है (सरकारी आंकड़ों के अनुसार फरवरी 2026 के आसपास 28 लाख से ज्यादा घर लाभान्वित हुए हैं)। पोर्टल पर अब तक 60 लाख से अधिक आवेदन आए हैं। करीब 23 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम लग चुके हैं, जिनसे 29 लाख से ज्यादा परिवार लाभान्वित हुए हैं। सरकार ने अब तक 16,920 करोड़ रुपये से ज्यादा की सब्सिडी जारी की है। हाल के आंकड़ों में दिसंबर 2025 तक 20.85 लाख सिस्टम लगे थे, जो 26 लाख परिवारों को फायदा पहुंचा रहे थे, और जनवरी 2026 में यह संख्या बढ़कर 22.65 लाख सिस्टम और 28 लाख परिवार हो गई।
पीएम मोदी का संदेश
पीएम मोदी ने संस्कृत श्लोक शेयर करते हुए कहा, “चरन् वै मधु विन्दति…” जिसका मतलब है कि चलते-फिरते, यानी मेहनत करने वाले को ही अच्छी चीजें मिलती हैं, जैसे सूर्य निरंतर गति से श्रेय पाता है। इसलिए हमेशा सक्रिय रहना चाहिए। यह योजना स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा दे रही है और लोगों को आत्मनिर्भर बना रही है।

