नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 13 फरवरी 2026 को दिल्ली में सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत बने नए सरकारी परिसर ‘सेवा तीर्थ’ का उद्घाटन करेंगे। इससे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का पता बदल जाएगा और अब ‘सेवा तीर्थ’ से देश की सरकार चलेगी। यह हाईटेक और पर्यावरण अनुकूल भवन परिसर प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय को भी समेटेगा।
साथ ही कर्तव्य भवन-1 और कर्तव्य भवन-2 का भी उद्घाटन होगा, जहां कई बड़े मंत्रालय जैसे वित्त, रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि शिफ्ट होंगे। दोपहर करीब 1:30 बजे पीएम मोदी ‘सेवा तीर्थ’ नाम का अनावरण करेंगे और शाम करीब 6 बजे जनसभा को संबोधित करेंगे। यह कदम पुरानी और बिखरी हुई सरकारी इमारतों से मुक्ति दिलाएगा और आधुनिक प्रशासन की नई शुरुआत करेगा।
सेवा तीर्थ क्या है और क्यों खास?
सेवा तीर्थ सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें कुल तीन मुख्य इमारतें हैं – सेवा तीर्थ-1 में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का मुख्यालय, सेवा तीर्थ-2 में कैबिनेट सचिवालय और सेवा तीर्थ-3 में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार तथा राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय के दफ्तर होंगे। पहले ये सभी अलग-अलग जगहों पर थे, जिससे कामकाज में दिक्कत आती थी। अब ये एक ही परिसर में आ गए हैं, जो दक्षता बढ़ाएगा।

यह परिसर हाईटेक सुविधाओं से लैस है। यहां स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल सिस्टम, निगरानी नेटवर्क और उन्नत सुरक्षा व्यवस्था है, जो अधिकारियों और आने-जाने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है। साथ ही डिजिटल रूप से एकीकृत कार्यालय, व्यवस्थित पब्लिक एरिया और सेंट्रल वेलकम सुविधाएं हैं, जो नागरिकों की बेहतर भागीदारी और कर्मचारियों के कल्याण को बढ़ावा देंगी।
कर्तव्य भवन-1 और 2 में कौन-कौन से मंत्रालय?
कर्तव्य भवन-1 और कर्तव्य भवन-2 में कई प्रमुख मंत्रालय शिफ्ट हो रहे हैं। इनमें वित्त मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय, विधि एवं न्याय मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय, जनजातीय कार्य मंत्रालय और कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय शामिल हैं। ये मंत्रालय पहले सेंट्रल विस्टा इलाके में बिखरे हुए पुराने भवनों में चलते थे। अब एक जगह पर आने से समन्वय आसान होगा और काम तेज चलेगा।
पुरानी समस्याओं से मिलेगी निजात
दशकों से सरकारी दफ्तर सेंट्रल विस्टा में कई जगह फैले हुए थे। पुरानी इमारतों की वजह से रखरखाव महंगा पड़ता था, कामकाज में अक्षमता आती थी और समन्वय की चुनौतियां रहती थीं। कर्मचारियों को अनुपयुक्त माहौल में काम करना पड़ता था। नए परिसर में ये सारी दिक्कतें दूर हो जाएंगी। भवन 4-स्टार जीआरआईएचए (ग्रीन रेटिंग फॉर इंटीग्रेटेड हैबिटैट असेसमेंट) मानकों के मुताबिक बने हैं। यहां नवीकरणीय ऊर्जा सिस्टम, जल संरक्षण के उपाय, अपशिष्ट प्रबंधन और हाई-परफॉर्मेंस वाली संरचना है। इससे बिजली-पानी की बचत होगी और पर्यावरण पर कम बोझ पड़ेगा।

साउथ ब्लॉक का ऐतिहासिक अंतिम दिन
साउथ ब्लॉक ब्रिटिश काल से चला आ रहा था। यहां पहली कैबिनेट बैठक 15 अगस्त 1947 को पंडित जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में हुई थी। अब 13 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में यहां आखिरी कैबिनेट बैठक हुई। आमतौर पर कैबिनेट बैठकें 7 लोक कल्याण मार्ग पर पीएम आवास में होती हैं, लेकिन शिफ्टिंग से पहले साउथ ब्लॉक में यह विशेष बैठक बुलाई गई। साउथ और नॉर्थ ब्लॉक को अब खाली करके संग्रहालय बनाने की योजना है। नॉर्थ ब्लॉक में युग-युगीन संग्रहालय का काम शुरू हो चुका है।
यह बदलाव भारत के प्रशासन को आधुनिक, सुरक्षित और नागरिक केंद्रित बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन से सरकार का कामकाज ज्यादा सुचारू और तेज होगा।

