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Wednesday, August 17, 2022

राष्ट्रपति चुनाव : क्रास वोटिंग की बारिश, द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्रपति बनना तय

नई दिल्ली /खुशबू पाण्डेय : राष्ट्रपति पद के लिए आज यहां दिल्ली सहित देशभर में मतदान हुआ। मतदाता सूची में शामिल 4,796 सांसदों एवं विधायकों में से 99 प्रतिशत से अधिक ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। इनमें छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश समेत 10 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के सौ प्रतिशत विधायकों ने अपने वोट डाले। देश के सर्वोच्च एवं सबसे बड़े चुनाव में जमकर क्रास वोटिंग हुई है। गोवा से लेकर असम और महाराष्ट्र से लेकर उत्तर प्रदेश तक में क्रास वोटिंग की खबरें सामने आई हैं। राज्यों में विपक्षी दलों के कुछ विधायकों ने मुर्मू के पक्ष में क्रॉस वोङ्क्षटग की। वोटों की गिनती होने पर कितने सांसदों और विधायकों ने क्रॉस वोङ्क्षटग की, इसका पता चलेगा। इसमें कांग्रेस, एनसीपी के विधायक शामिल हैं। इससे साफ है कि राजग उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का भारी अंतर से जीत के साथ नया राष्ट्रपति बनना तय हो गया है। वहीं विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार यशवंत सिन्हा के लिए साढ़े तीन लाख वोटों का आंकड़ा पार करना भी चुनौती होगी। मतगणना 21 जुलाई को होगी और अगले राष्ट्रपति 25 जुलाई को शपथ लेंगे।

-सांसदों एवं विधायकों ने 99 फीसदी से अधिक मतदान किया
-हिमाचल प्रदेश सहित 10 राज्यों में 100 फीसदी हुआ मतदान
-यूपी से लेकर महाराष्ट्र, गोवा से असम तक में झमाझम क्रास वोटिंग
-21 जुलाई को होगी मतगणना, 25 जुलाई को शपथ लेंगे राष्ट्रपति

संसद में मतदान करने वालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी शामिल थे। मतदान समाप्त होने के बाद निर्वाचन आयोग ने बताया कि राष्ट्रपति चुनाव में कुल निर्वाचकों में से 99 प्रतिशत से अधिक ने मतदान किया। दिल्ली में, निर्वाचन अधिकारी पी सी मोदी ने बताया कि संसद भवन में 98.90 प्रतिशत निर्वाचकों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। निर्वाचन अधिकारी मोदी ने मतदान के बाद संवाददाताओं को बताया कि निर्वाचन आयोग ने 727 सांसदों और 9 विधायकों समेत कुल 736 निर्वाचकों को संसद भवन में मतदान की अनुमति दी थी। सांसदों ने संसद के कक्ष संख्या-63 में बनाए गए मतदान केंद्र में अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। वहीं, विधायकों ने राज्य विधानसभाओं में मतदान किया। देश में 776 सांसदों और 4033 विधायकों सहित कुल 4,809 मतदाता चुनाव में मतदान करने के हकदार हैं, लेकिन मनोनीत सांसदों और विधायकों, तथा विधान परिषद के सदस्यों को यह अधिकार नहीं है।
बता दें कि जम्मू कश्मीर में विधानसभा न होने के कारण इस राष्ट्रपति चुनाव में एक सांसद के वोट का मूल्य 708 से घटकर 700 हो गया है। एक विधायक के वोट का मूल्य अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग होता है। उत्तर प्रदेश में यह मूल्य 208 है, इसके बाद झारखंड और तमिलनाडु में 176 है। महाराष्ट्र में यह 175 है। सिक्किम में, प्रति विधायक वोट का मूल्य सात है, जबकि नगालैंड में यह नौ और मिजोरम में आठ है।
गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी के दबदबे और बीजू जनता दल, बहुजन समाज पार्टी, शिरोमणि अकाली दल, शिवसेना और झारखंड मुक्ति मोर्चा जैसे क्षेत्रीय दलों के समर्थन के साथ मुर्मू की वोट हिस्सेदारी लगभग दो-तिहाई तक पहुंचने की संभावना है। वह सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन होने वाली आदिवासी समुदाय की पहली नेता और दूसरी महिला होंगी।

सनी देयोल सहित 8 सांसदों ने नहीं डाले वोट

पंजाब के गुरदासपुर से भाजपा सांसद सनी देओल उन आठ सांसदों में शामिल हैं, जिन्होंने सोमवार को हुए राष्ट्रपति चुनाव में वोट नहीं डाला। रिटर्निंग ऑफिसर राज्यसभा के महासचिव ने कहा कि अनुपस्थित रहने वालों में भाजपा और शिवसेना के दो-दो सांसद और कांग्रेस, सपा, एआईएमआईएम और बसपा के एक-एक सांसद थे। सनी देओल और बीजेपी के केंद्रीय मंत्री संजय धोत्रे ने भी वोट नहीं दिया। देओल इलाज के लिए विदेश में हैं, जबकि धोत्रे अस्पताल में भर्ती हैं। बसपा के अतुल सिंह जेल में बंद होने के कारण मतदान नहीं कर सके। शिवसेना के गजानन कीर्तिकर और हेमंत गोडसे अनुपस्थित रहे और एआईएमआईएम के इम्तियाज जलील भी वोट डालने नहीं आए।

मुर्मू के पक्ष में जमकर हुई क्रॉस वोटिंग

मतगणना 21 जुलाई को होगी और अगले राष्ट्रपति 25 जुलाई को शपथ लेंगे। चुनाव में गोवा से लेकर असम और महाराष्ट्र से लेकर उत्तर प्रदेश तक में जिस तरह क्रास वोटिंग की खबरें सामने आई हैं, उससे साफ है कि विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार यशवंत सिन्हा के लिए साढ़े तीन लाख वोटों का आंकड़ा पार करना भी चुनौती होगी। सूत्रों के मुताबिक असम, गुजरात और महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों में विपक्षी दलों के कुछ विधायकों ने मुर्मू के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की। वोटों की गिनती होने पर कितने सांसदों और विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की, इसका पता चलेगा। असम में, ऑल इंडिया यूनाईटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) विधायक करीमुद्दीन बरभुइयां ने दावा किया कि राज्य के लगभग 20 कांग्रेस विधायकों ने ‘क्रॉस वोटÓ किया। उत्तर प्रदेश में, शिवपाल सिंह यादव ने भी दावा किया कि वह कभी भी यशवंत सिन्हा का समर्थन नहीं करेंगे, क्योंकि उन्होंने एक बार उनके भाई और समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव पर आईएसआई एजेंट होने का आरोप लगाया था। पिछले महीने संपन्न राज्यसभा चुनाव में ‘क्रॉस वोङ्क्षटगÓ करने वाले हरियाणा के कांग्रेस विधायक कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में भी अपने विवेक के हिसाब से मतदान किया। ओडिशा में कांग्रेस विधायक मोहम्मद मोकीम ने सोमवार को यह घोषणा कर हलचल पैदा कर दी कि उन्होंने राजग उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया। कटक-बाराबती विधानसभा क्षेत्र के विधायक मोकीम ने कहा कि उन्होंने अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनी। झारखंड में राकांपा विधायक कमलेश ङ्क्षसह ने कहा कि उन्होंने मुर्मू को वोट दिया है। गुजरात में, राकांपा के विधायक कांधल जडेजा ने भी कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में मुर्मू को वोट दिया।

इन राज्यों में 100 फीसद मतदान

727 सांसदों और नौ विधायकों ने संसद भवन में वोटिंग के लिए अनुमति ली थी जिनमें से आठ सांसद गैरहाजिर रहे। जिन 10 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश की विधानसभाओं में सौ प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया उनमें छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, केरल, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, मणिपुर, पुडुचेरी, सिक्किम और तमिलनाडु शामिल हैं।

अकाली विधायक ने चुनाव का बहिष्कार किया

शिरोमणि अकाली दल के विधायक मनप्रीत ङ्क्षसह अयाली ने राष्ट्रपति चुनाव का बहिष्कार करते हुए कहा कि पंजाब से जुड़े कई मुद्दे अभी भी अनसुलझे हैं और पार्टी नेतृत्व ने राजग उम्मीदवार मुर्मू को समर्थन देने का फैसला करने से पहले उनसे सलाह नहीं ली थी। दाखा से विधायक अयाली ने एक वीडियो संदेश में कहा कि वह अपनी इच्छा के मुताबिक ही राष्ट्रपति चुनाव का बहिष्कार कर रहे हैं और मुर्मू को समर्थन देने का फैसला करने से पहले पार्टी नेतृत्व ने उनसे या सिख समुदाय से सलाह नहीं ली थी।

मनमोहन, मुलायम व्हीलचेयर से संसद भवन पहुंचे

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन ङ्क्षसह (89) और समाजवादी पार्टी (सपा) के संस्थापक मुलायम ङ्क्षसह यादव (82) राष्ट्रपति चुनाव में मतदान करने के लिए व्हीलचेयर से संसद भवन पहुंचे। मनमोहन ङ्क्षसह पिछले साल कोविड-19 से संक्रमित होने के बाद से अस्वस्थ हैं। वह महामारी की दूसरी लहर के चरम पर होने के दौरान कोरोना वायरस संक्रमण की चपेट में आ गए थे। मुलायम भी काफी समय से बीमार हैं। पिछले साल उन्हें विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के चलते कई बार अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रदीप्त कुमार नाइक राष्ट्रपति चुनाव में वोट डालने के लिए अस्पताल से सीधे संसद परिसर पहुंचे। वह व्हीलचेयर पर बैठकर ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ संसद भवन में दाखिल हुए। नाइक ओडिशा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं। उन्हें कोविड-19 संक्रमण के बाद की स्वास्थ्य जटिलताओं के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पटना में, करीब एक महीने पहले सड़क हादसे का शिकार हुए भाजपा विधायक मिथिलेश कुमार स्ट्रेचर पर वोट डालने पहुंचे।

राष्ट्रपति चुनाव उत्सव के रूप में मनाना चाहिए : बिरला

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान हो रहा है और हर चुनाव देश के लोगों के लिये उत्सव के समान होता है। उन्होंने सदस्यों से कहा, हम सभी को राष्ट्रपति चुनाव उत्सव के रूप में मनाना चाहिए। लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही को अपराह्न 2 बजे तक के लिए स्थगित करते हुए कहा कि सदस्यों को इस उत्सव में भाग लेना चाहिए। राज्यसभा की कार्यवाही भी स्थगित कर दी गई ताकि सदस्य चुनाव में मतदान कर सकें।

सिन्हा ने की थी ‘अंतरात्मा की आवाज सुनने की अपील

विपक्षी दलों की ओर से राष्ट्रपति प्रत्याशी यशवंत सिन्हा ने सांसदों और विधायकों से अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनने और उनका समर्थन करने की अपील की थी। सिन्हा ने संवाददाताओं से कहा, मैंने बार-बार कहा है कि यह चुनाव इस मायने में देश की दिशा तय करेगा कि भारत में लोकतंत्र रहेगा या फिर धीरे-धीरे खत्म हो जाएगा। अभी संकेत यही मिल रहे हैं कि हम लोकतंत्र के खत्म होने की दिशा में बढ़ रहे हैं। विधायकों एवं सांसदों ने सिन्हा की अपील को दरकिनार कर जमकर क्रास वोटिंग की।

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