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Friday, October 22, 2021
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प्रधानमंत्री मोदी ने लगवाया कोरोना का टीका, एम्स में ली वैक्सीन की पहली डोज

—भारत बायोटेक का कोवैक्सिन की डोज लेकर PM ने दिया बड़ा संदेश

नई दिल्ली/ खुशबू पाण्डेय : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को दिल्ली के ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (AIIMS) में कोरोना वायरस के टीके की पहली खुराक लगवाई। PM मोदी ने भारत बायोटेक की बनाई ‘कोवैक्सिन’ की पहली खुराक ली है, जिसपर विपक्ष के साथ ही कई स्वास्थ्यकर्मी भी सवाल उठाते रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया, एम्स में कोविड-19 वैक्सीन की पहली डोज ली। हमारे डॉक्टरों और वैज्ञानिकों ने कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई को कम समय में मजबूत बनाने के लिए उल्लेखनीय काम किया है। मैं उन सबसे अपील करता हूं कि जो लोग कोरोना टीका लगाने के लिए योग्य हैं वे वैक्सीन लें।

आइए, साथ मिलकर भारत को कोविड-19 मुक्त बनाएं। कोरोना वैक्सीनेशन का पहला चरण शुरू होते ही कांग्रेस पार्टी के कई नेताओं ने कोवैक्सिन की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए थे। कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा था कि वैक्सीन के प्रति भरोसा पैदा करने के लिए सबसे पहले पीएम मोदी को टीका लगवाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर वैक्सीन इतनी ही विश्वसनीय है तो बीजेपी के नेताओं ने सबसे पहले यह क्यों नहीं लगवाई। हालांकि, तब भी यह स्पष्ट कर दिया गया था कि पीएम मोदी अपनी बारी आने पर ही टीका लगवाएंगे। कोवैक्सीन के आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी दिए जाने के बाद कांग्रेस नेता शशि थरूर ने ट्वीट करते हुए कहा कि कोवैक्सीन का अभी तक तीसरे चरण का ट्रायल नहीं हुआ है, बिना सोच-समझे अनुमति दी गई है जो कि ख़तरनाक हो सकती है


बता दें कि समाजवादी पार्टी के मुखिया और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा था कि मैं बीजेपी की कोरोना वैक्सीन को नहीं लगवाऊंगा। मुझे इनकी वैक्सीन पर भरोसा नहीं है। अखिलेश यादव ने भारत सरकार की कोरोना वैक्सीन को बीजेपी का वैक्सीन करार दिया था। इसके अलावा आरएमएल अस्पताल के डॉक्टरों ने भारत बायोटेक की वैक्सीन कोवैक्सिन को लेकर संशय जाहिर किया था। डॉक्टरों ने इसको लेकर एक पत्र मेडिकल सुपरिटेंडेंट को लिखा था। कोवैक्सिन को जब इस्तेमाल की मंजूरी मिली थी तब तक इसके तीनों चरण का ट्रायल पूरा नहीं हुआ था। डॉक्टरों ने कोविशील्ड वैक्सीन लगवाने की मांग की थी। हालांकि, सरकार ने हमेशा यह कहा है कि कोवैक्सिन सुरक्षित है और इसके कोई खास साइड इफेक्ट्स नहीं है।

बुजुर्गों को कोरोना टीका आज से लगना हुआ शुरू 

देश में कोरोना महामारी पर नियंत्रण पाने को कोरोना टीकाकरण का दूसरा चरण एक मार्च से शुरू हो रहा है। इस चरण में 60 साल से ज्यादा आयु वाले बुजुर्गों के साथ ही गंभीर बीमारियों से ग्रस्त 45 साल या उससे ऊपर की आयु के लोगों को टीका लगेगा। इसके लिए अपने मोबाइल से को-विन2.0 पोर्टल या आरोग्य सेतु जैसे ऐप के जरिए पंजीकरण सोमवार को सुबह 9 बजे से शुरू होगा।

देश के 20 हजार सरकारी और 10 हजार निजी अस्पतालों में टीकाकरण होगा

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश के 20,000 सरकारी और 10,000 से ज्यादा निजी अस्पतालों में यह टीकाकरण किया जाएगा। सरकारी अस्पतालों में यह मुफ्त में लगेगा, जबकि निजी अस्पतालों में प्रति खुराक टीके के लिए सरकार ने 250 रुपये शुल्क निर्धारित किया है। मंत्रालय ने बताया कि टीके लगवाने के लिए नागरिक किसी भी समय और कहीं भी पंजीकरण और बुकिंग को-विन2.0 पोर्टल का उपयोग करके या आरोग्य सेतु जैसे अन्य आईटी एप्लीकेशन के माध्यम से कर सकेंगे।
मंत्रालय ने बताया कि ऐसे सभी नागरिक जो वृद्ध हैं, या 1 जनवरी 2022 को 60 या उससे अधिक की आयु पूरा कर चुके हैं तथा ऐसे नागरिक जो 1 जनवरी 2022 को 45 से 59 वर्ष की आयु के होंगे और गंभीर बीमारियों में से पीड़ित हैं, वे पंजीकरण के लिए पात्र होंगे। लेकिन उन्हें पहले एक फार्म भरना होगा और किसी डॉक्टर से अपनी बीमारी वेरीफाई करानी होगी। मंत्रालय के मुताबिक इस बारे में आयुष्मान भारत पीएमजेएवाई के तहत 10,000 निजी अस्पतालों, सीजीएचएस के तहत सूचीबद्ध 600 से अधिक निजी अस्पतालों और राज्य सरकार की स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के तहत अन्य निजी अस्पतालों को दे दी गई है।

को-विन2.0 पोर्टल पर पंजीकरण कर सकेंगे

मंत्रालय ने कहा कि हर खुराक के लिए किसी भी समय लाभार्थी के लिए केवल एक ही लाइव अपॉइंटमेंट होगा। किसी भी तारीख के लिए किसी कोविड टीकाकरण केंद्र के लिए अपॉइंटमेंट उस दिन अपराह्न 3 बजे बंद कर दिए जाएंगे, जिसके लिए स्लॉट खोले गए थे। मंत्रालय ने कहा कि यदि कोई लाभार्थी पहली खुराक के लिए अपॉइंटमेंट रद्द करता है तो दोनों खुराक की अपॉइंटमेंट रद्द कर दी जाएगी। मंत्रालय के अनुसार पात्र व्यक्ति चरण-दर-चरण प्रक्रिया के माध्यम से अपने मोबाइल नंबर के माध्यम से को-विन2.0 पोर्टल पर पंजीकरण कर सकेंगे।

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