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Friday, February 13, 2026

राहुल गांधी का संसद में व्यवहार संवैधानिक मर्यादाओं के खिलाफ: रविशंकर प्रसाद

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नई दिल्ली। संसद बजट सत्र के पहले चरण के खत्म होने के बाद भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राहुल गांधी के संसद में व्यवहार को लोकतांत्रिक परंपराओं, संवैधानिक मर्यादाओं और सदन की नियमावली के खिलाफ बताया। प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस के इस रवैये से लोकतांत्रिक प्रक्रिया और शुचिता का सम्मान नहीं हो रहा।

उन्होंने राहुल गांधी पर राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर गैर-जिम्मेदाराना बयान देने, अप्रकाशित किताब का हवाला देने और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की छवि खराब करने का आरोप लगाया। साथ ही संसद में हंगामा, महिला सांसदों द्वारा पीएम की सीट घेरने और एक सिख मंत्री को देशद्रोही कहने जैसी घटनाओं का जिक्र किया।

राहुल गांधी पर मुख्य आरोप

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस का व्यवहार ऐसा रहा है कि जो मन में आएगा, वही कर डालेंगे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिस दिन संसद में हंगामा हो रहा था, उसी दिन महाराष्ट्र के नगर निगम चुनावों में कांग्रेस बुरी तरह हार गई। बेहतर होता कि वे अपनी पार्टी की हालत पर ध्यान देते।

प्रसाद ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर राहुल गांधी के बयान को गैर-जिम्मेदाराना बताया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने एक ऐसी किताब का हवाला दिया, जो अभी प्रकाशित भी नहीं हुई है। प्रकाशक ने स्पष्ट कहा कि किताब छपी नहीं है और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी, लेकिन फिर भी राहुल गांधी उसे दिखाते रहे। प्रसाद ने सवाल किया कि वह किताब उन्हें कहां से मिली?

अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की छवि खराब करने का आरोप

भाजपा सांसद ने कहा कि राहुल गांधी पहले भी विदेशी मंचों पर भारत को बदनाम कर चुके हैं। उन्होंने जॉर्ज सोरोस से जुड़े दस्तावेजों का जिक्र करते हुए कहा कि जिन कागजों की कोई विश्वसनीयता नहीं, उनका हवाला देकर देश की छवि खराब की गई।

संसद के भीतर हुई घटनाओं का जिक्र

प्रसाद ने संसद में हुई कुछ घटनाओं का विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक सिख मंत्री को देशद्रोही कहा गया, स्पीकर के लिए अपमानजनक शब्द इस्तेमाल किए गए और महिला सांसदों ने प्रधानमंत्री की सीट को घेर लिया। वे खुद वहां मौजूद थे और अगर स्पीकर ने रोक नहीं लगाई होती तो कोई अप्रिय घटना हो सकती थी। उन्होंने इसे ‘शाहीन बाग’ जैसी स्थिति करार दिया और कहा कि संसद के अंदर ऐसा व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण है।

मीडिया से सवालों से बचने का आरोप

प्रसाद ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी मीडिया से सवालों का जवाब देने से बचते हैं और पत्रकारों को ‘भाजपा वाला’ कहकर टाल देते हैं। उन्होंने कहा कि सदन में झूठ बोलना और लोकतंत्र को कमजोर करना बेहद पीड़ादायक है। भाजपा राहुल गांधी के इस अराजक, अलोकतांत्रिक और राजनीतिक रूप से असभ्य व्यवहार की कड़ी निंदा करती है। प्रसाद बोले कि राहुल गांधी बिना क्षमता और प्रतिभा के विपक्ष के नेता बने हैं, लेकिन अब उन्हें जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करना सीखना चाहिए।

आरएसएस पर राहुल के हमलों का जवाब

आरएसएस को लेकर राहुल गांधी के पुराने बयानों पर निशाना साधते हुए प्रसाद ने कहा कि राहुल के परनाना जवाहरलाल नेहरू, दादी इंदिरा गांधी और पिता राजीव गांधी भी संघ के आलोचक थे, लेकिन संघ ने 100 साल पूरे कर लिए हैं और आज दुनिया का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन बन चुका है। संघ ने भारत के विकास, चरित्र निर्माण और राष्ट्रवाद में बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने कटाक्ष किया कि कांग्रेस तीन चुनावों से 100 का आंकड़ा भी पार नहीं कर पा रही।

पुराने बयानों पर कटाक्ष

प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रसाद ने राहुल गांधी के कुछ पुराने बयानों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राहुल ने संविधान पर बोलते हुए कहा था कि ‘तपस्या से शरीर में गर्मी आती है।’ इस पर उन्होंने व्यंग्य किया कि हिमालय में साधना कर रहे संत यह सुनकर हैरान रह जाएंगे।

‘वंदे मातरम’ पर सवाल

अंत में प्रसाद ने ‘वंदे मातरम’ के मुद्दे पर राहुल गांधी से सीधा सवाल किया। उन्होंने कहा कि पूरा गीत गाने का नोटिफिकेशन जारी हुआ है। राहुल गांधी बताएं कि पूरा गीत गाया जाए या नहीं? यह वही गीत है जिसने स्वतंत्रता संग्राम के लाखों सेनानियों को प्रेरित किया था। आप कहां खड़े हैं?

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