HomeNationalउत्तराखंड का ‘मानसखण्ड’ देखेगी दुनिया, गणतंत्र दिवस के लिए अद्भुत झांकी तैयार

उत्तराखंड का ‘मानसखण्ड’ देखेगी दुनिया, गणतंत्र दिवस के लिए अद्भुत झांकी तैयार

   नई दिल्ली/ खुशबू पाण्डेय । रक्षा मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय रंगशाला शिविर, नई दिल्ली में विभिन्न प्रदेशों एवं मंत्रालयों की झांकी कलाकारों द्वारा प्रेस के सम्मुख अपने-अपने राज्यों की सांस्कृतिक झलक पेश की गयी। उत्तराखण्ड राज्य के कलाकारों द्वारा उत्तराखंड की पारंपरिक वेशभूषा में राष्ट्रीय रंगशाला में आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया जिसे उपस्थित […]

-Advertisement-
Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now

   नई दिल्ली/ खुशबू पाण्डेय । रक्षा मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय रंगशाला शिविर, नई दिल्ली में विभिन्न प्रदेशों एवं मंत्रालयों की झांकी कलाकारों द्वारा प्रेस के सम्मुख अपने-अपने राज्यों की सांस्कृतिक झलक पेश की गयी। उत्तराखण्ड राज्य के कलाकारों द्वारा उत्तराखंड की पारंपरिक वेशभूषा में राष्ट्रीय रंगशाला में आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया जिसे उपस्थित लोगों द्वारा सराहा गया। साथ ही इन 16 राज्यों के कलाकारों द्वारा भी अपने-अपने प्रदेश की झांकी के साथ पारंपरिक वेशभूषा में प्रस्तुति दी गई। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर सुबह जब कर्तव्यपथ पर झांकी गुजरेगी तो दुनिया देखेगी। हर कोई इस झांकी को देखने को उत्साहित हो जाएगा। गणतंत्र दिवस समारोह में  17 राज्यों की झांकी सम्मिलित की गई है।

—गणतंत्र दिवस पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होगा शानदार प्रदर्शन    
—UK की पारंपरिक वेशभूषा में सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करेंगे कलाकार
—उत्तराखंड की प्रसिद्ध लोक कला ‘ऐपण’ का भी झांकी के मॉडल में समावेश
-इंडिया गेट पर चतुर्थ स्थान पर देखने को मिलेगी झांकी: चौहान

उल्लेखनीय है कि गणतंत्र दिवस परेड के लिए उत्तराखंड की झांकी में सूचना विभाग के संयुक्त निदेशक एवं नोडल अधिकारी  के.एस.चौहान के नेतृत्व में उत्तराखंड राज्य से 18 कलाकार गणतंत्र दिवस परेड में उत्तराखंड झांकी में भाग ले रहे हैं। गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर उत्तराखंड की ओर से प्रदर्शित की जाने वाली झांकी का विषय  मानसखण्ड रखा गया है। गणतंत्र दिवस समारोह पर कर्तव्य पथ उत्तराखंड राज्य की झांकी मार्च पास्ट करते हुए चतुर्थ स्थान पर देखने को मिलेगी।

- Advertisement -

झांकी के अग्र तथा मध्य भाग में कार्बेट नेशनल पार्क में विचरण करते हुए हिरन, बारहसिंघा, घुरल, मोर तथा उत्तराखण्ड में पाये जाने वाली विभिन्न पक्षियों व झांकी के पृष्ठ भाग में प्रसिद्ध जागेश्वर मंदिर समूह तथा देवदार के वृक्षों को दिखाया जाएगा साथ ही उत्तराखंड की प्रसिद्ध लोक कला ‘ऐपण’ का भी झांकी के मॉडल में समावेश किया गया है। झांकी के साथ उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए छोलिया नृत्य का दल सम्मिलित किया गया है। झांकी का थीम सांग उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति पर आधारित है।
चौहान ने कहा कि कर्तव्य पथ पर इस बार उत्तराखंड की झांकी  मानसखण्ड सबके लिये आकर्षण का केन्द्र रहेगी। उन्होंने बताया कि श्री केदारनाथ व श्री बदरीनाथ की तर्ज पर कुमाऊ के पौराणिक मंदिरों के लिए मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर मानसखण्ड मंदिर माला मिशन योजना पर काम किया जा रहा है। गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर मानसखण्ड पर आधारित झांकी का प्रदर्शन होगा। देश विदेश के लोग मानसखण्ड के साथ ही उत्तराखंड की लोक संस्कृति से भी परिचित होंगे।  चौहान  ने कहा कि आध्यात्मिक भूमि उत्तराखंड में जहाँ एक ओर जीवनदायिनी गंगा, यमुना बहती है तथा दूसरी ओर चार-धाम पवित्र तीर्थस्थल विद्यमान हैं। उत्तराखण्ड आध्यात्मिक शांति और योग के लिये अनुकूल धरती है। इसलिए उत्तराखंड को देवभूमि भी कहा जाता है।
उत्तराखण्ड राज्य की झांकी का निर्माण स्मार्ट ग्राफ आर्ट एडवरटाइजिंग  के निदेशक  सिद्धेश्वर  कानूगा द्वारा किया जा रहा है। इसके साथ ही गणतंत्र दिवस के अवसर पर उत्तराखंड के लोक कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया जायेगा।

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

-Advertisement-

Related News

-Advertisement-

Delhi epaper

Prayagraj epaper

Kurukshetra epaper

-Advertisement-

Latest News