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Wednesday, January 28, 2026

Baramati Plane Crash: अजित पवार का चार्टर उड़ाने वाली पायलट शांभवी पाठक कौन थीं? जानें- कितने साल का था अनुभव

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Baramati Plane Crash: बारामती प्लेन क्रैश में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की मौत के साथ ही दो अनुभवी पायलटों की भी जान चली गई। इनमें से एक थीं 25 वर्षीय कैप्टन शांभवी पाठक, जो Learjet 45 विमान में फर्स्ट ऑफिसर (को-पायलट) के रूप में काम कर रही थीं। 28 जनवरी 2026 को मुंबई से बारामती जा रहे इस चार्टर्ड विमान (VT-SSK) ने लैंडिंग के दौरान रनवे से फिसलकर क्रैश हो गया, जिसमें सभी पांच लोग मारे गए। शांभवी पाठक युवा महिला पायलटों में से एक थीं, जिन्होंने कड़ी मेहनत से एविएशन करियर बनाया था।

शांभवी पाठक का शुरुआती सफर और शिक्षा

शांभवी पाठक का जन्म एक सेना अधिकारी के परिवार में हुआ था। उन्होंने दिल्ली के एयर फोर्स बाल भारती स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की, जहां 2016 से 2018 तक पढ़ाई की। बचपन से ही एविएशन में रुचि होने के कारण उन्होंने मुंबई यूनिवर्सिटी से एयरोनॉटिक्स और एविएशन साइंस में डिग्री हासिल की। इसके बाद पायलट बनने के लिए उन्होंने न्यूजीलैंड का रुख किया।

2018 से 2019 के बीच न्यूजीलैंड इंटरनेशनल कमर्शियल पायलट अकादमी से उन्होंने प्रोफेशनल फ्लाइंग ट्रेनिंग ली। यहां से उन्हें न्यूजीलैंड सिविल एविएशन अथॉरिटी (NZ CAA) का कमर्शियल पायलट लाइसेंस मिला।

भारत लौटकर करियर की मजबूती

ट्रेनिंग पूरी करने के बाद शांभवी भारत वापस आईं और डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) से कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) हासिल किया। उन्होंने फ्रोजन एयरलाइन ट्रांसपोर्ट पायलट लाइसेंस (Frozen ATPL) भी पूरा किया, जो बड़े एयरक्राफ्ट उड़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने फ्लाइट इंस्ट्रक्टर रेटिंग (A) भी हासिल की, जिससे वे नए पायलटों को ट्रेनिंग दे सकती थीं। मध्य प्रदेश फ्लाइंग क्लब में असिस्टेंट फ्लाइट इंस्ट्रक्टर के रूप में काम किया, जहां उन्होंने युवा पायलटों को उड़ान की बारीकियां सिखाईं।

अतिरिक्त ट्रेनिंग और स्किल्स

शांभवी ने एविएशन सिक्योरिटी (AVSEC) ट्रेनिंग स्पाइसजेट से ली। इसके अलावा ए320 जेट से जुड़ी ओरिएंटेशन ट्रेनिंग भी पूरी की। ये सभी ट्रेनिंग उन्हें सुरक्षित और तकनीकी रूप से मजबूत पायलट बनाती थीं।

Learjet 45 पर जिम्मेदारी

अगस्त 2022 से शांभवी पाठक दिल्ली स्थित VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड में फुल-टाइम फर्स्ट ऑफिसर के रूप में काम कर रही थीं। वे Learjet 45 जैसे हाई-परफॉर्मेंस बिजनेस जेट उड़ाती थीं, जो VIP, उद्योगपतियों और विशेष यात्राओं के लिए इस्तेमाल होता है। कंपनी के अनुसार, वे तकनीकी रूप से मजबूत थीं और लंबी उड़ानों के लिए तैयार की जा रही थीं। उनका करियर शुरुआती दौर में था, लेकिन तेजी से आगे बढ़ रहा था।

सैलरी और इंडस्ट्री में जगह

कॉर्पोरेट एविएशन में बिजनेस जेट के फर्स्ट ऑफिसर की सैलरी अनुभव और कंपनी पर निर्भर करती है। सामान्य रूप से Learjet जैसे जेट पर काम करने वाले फर्स्ट ऑफिसर को महीने में 3 से 4 लाख रुपये तक सैलरी मिल सकती है। शांभवी जैसी युवा पायलटें भारतीय एविएशन में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का प्रतीक थीं।

हादसे का दुखद अंत

28 जनवरी 2026 को यह विमान मुंबई से बारामती जा रहा था, जहां अजित पवार जिला परिषद चुनाव के लिए सभाओं को संबोधित करने वाले थे। लैंडिंग के दौरान विमान रनवे से फिसल गया और आग लग गई। DGCA जांच कर रही है। इस हादसे में अजित पवार के अलावा पायलट सुमित कपूर, फर्स्ट ऑफिसर शांभवी पाठक, PSO विदित जाधव और फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली की मौत हो गई।

शांभवी पाठक का योगदान एविएशन इंडस्ट्री में याद रखा जाएगा। उनकी मेहनत और समर्पण युवा पायलटों के लिए प्रेरणा है।

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