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Monday, May 27, 2024

प्रदूषण का कहर : दिल्ली-NCR के बीच सिर्फ इलेक्ट्रिक, CNG, बीएस 6 बसें चलेंगी  

नई दिल्ली/ खुशबू पाण्डेय : राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के भीतर कुशल और स्वच्छ सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को मजबूत करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (Air Quality Management Commission) ने सख्त निर्देश जारी किया है। इसके तहत  एक नवंबर से केवल इलेक्ट्रिक, सीएनजी और बीएस छह (भारत चरण छह) का अनुपालन करने वाली डीजल बसों को ही दिल्ली तथा हरियाणा, उत्तर प्रदेश एवं राजस्थान के एनसीआर के शहरों के बीच चलने की अनुमति होगी।  इसके अलावा पूरे एनसीआर में केवल ईवी, सीएनजी, बीएस-6 डीजल बसों का परिचालन भी एक जुलाई, 2024 से प्रभावी होंगे। राजस्थान के गैर-एनसीआर क्षेत्रों से दिल्ली के लिए सभी बस सेवाएं भी एक जनवरी, 2024 से ईवी,सीएनजी, बीएस-6 डीजल बसों के माध्यम से सुनिश्चित की जाएंगी। इसी प्रकार राज्यों के गैर-एनसीआर क्षेत्रों से अन्य राज्यों के दिल्ली और एनसीआर क्षेत्रों के बीच संचालित सभी बसें भी एक जुलाई, 2024 से बीएस-6 डीजल अनुपालन बसों के माध्यम से सुनिश्चित की जाएंगी।  इस फैसले से  डीजल से चलने वाली बसों से फैलने वाले प्रदूषण से निपटा जा सकेगा।

-वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग का सख्त फैसला, 1 नवंबर से होगा लागू  
-पूरे एनसीआर एवं एनसीआर के बाहर परिचालन एक जुलाई, 2024 से प्रभावी होंगे
– आयोग ने इस फैसले को अमलीजामा पहनाने के लिए दिए निर्देश  
-दिल्ली परिवहन, दिल्ली यातायात पुलिस आदेश को कड़ाई से लागू करें

साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढऩा है।   आयोग ने इस फैसले को अमलीजामा पहनाने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों को निर्देश भी जारी किए हैं। साथ ही राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस विभाग और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के सभी राज्यों को तदनुसार निर्देश दिया गया है कि वे राज्य सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और निजी संस्थाओं आदि द्वारा संचालित की जा रही बस सेवाओं सहित क्षेत्र स्तरीय कार्यान्वयन की नियमित निगरानी के माध्यम से इसका कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें।      बता दें कि प्रदूषण के स्तर को घटाने की कोशिश के तहत केंद्र ने अप्रैल, 2020 में घोषणा की थी कि भारत में बिकने वाली सभी गाडिय़ां भारत चरण छह उत्सर्जन मापदंड पर आधारित होनी ही चाहिए। भारत चरण उत्सर्जन मापदंड कार्बन मोनोऑक्साइड, पार्टिकुलेट मैटर जैसे वायु प्रदूषकों की वह कानूनी सीमा तय करते हैं जिसे भारत में गाडिय़ां छोड़ सकती हैं। ये मापदंड उत्सर्जन नियंत्रण, ईंधन कुशलता, इंजन डिजाइन में सुधार पर केंद्रित हैं।

तीन राज्यों ने पेश की रिपोर्ट
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हरियाणा – 1313 नई बीएस-6 डीजल बसें।
राजस्थान में 590 नई बीएस-6 डीजल बसें
-440 बीएस-6 डीजल बसों की आउटसोर्सिंग सेवाएं
-उत्तर प्रदेश -1650 से अधिक नई बीएस-6 डीजल बसें
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आयोग ने 19 जुलाई को जारी की थी एडवाइजरी  

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने 19 जुलाई, 2023 को एक परामर्श भी जारी किया गया था, जिसमें कहा था कि एक नवंबर, 2023 से संबंधित राज्यों में एनसीआर क्षेत्रों से चलने वाली और दिल्ली की यात्रा करने वाली सभी बसें या तो ईवी या सीएनजी या बीएस-6 डीजल बसें हों। संबंधित एनसीआर राज्यों द्वारा नई बीएस-6 डीजल,सीएनजी बसों, ईवी की खरीद की योजनाओं और पुरानी डीजल बसों (बीएस-4 और उससे नीचे) को एनसीआर के अलावा अन्य क्षेत्रों में स्थानांतरित करने का फैसला लिया है।  केंद्र ने हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश की राज्य सरकारों को दिल्ली और एनसीआर के अन्य शहरों एवं कस्बों को चलने वाली अंतर-शहर अंतर-राज्यीय बस सेवाओं के संबंध में समय-सीमा के तहत सख्त निर्देश दिया है।

UP के 8 जिलों के भीतर सभी बस सेवाएं अप्रैल 2024 से बीएस-6 चलेंगी

उत्तर प्रदेश राज्य और दिल्ली में किसी भी एनसीआर शहर एवं कस्बे के बीच सभी बस सेवाएं एक नवंबर, 2023 से केवल ईवी, सीएनजी, बीएस -6 डीजल बसों के माध्यम से संचालित की जाएंगी। यूपी के आठ एनसीआर जिलों के भीतर चलने वाली सभी बस सेवाएं भी एक अप्रैल, 2024 से बीएस-6 डीजल अनुपालन बसों के माध्यम से होंगी। राज्य के गैर-एनसीआर क्षेत्रों से अन्य राज्यों के दिल्ली और एनसीआर क्षेत्रों के बीच संचालित सभी बसें भी एक जुलाई, 2024 से बीएस-6 डीजल अनुपालन बसों के माध्यम से सुनिश्चित की जाएंगी। ये निर्देश संबंधित राज्य के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और निजी संस्थाओं आदि द्वारा संचालित की जा रही सभी बस सेवाओं पर भी लागू होंगे।

हरियाणा एवं राजस्थान पुरानी बसों को हटा रहा    

हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश की राज्य सरकारों द्वारा तैयार की गई कार्य योजनाओं के अनुसार, राज्यों का उद्देश्य चरणबद्ध तरीके से पुरानी बीएस-3 और बीएस-4 डीजल संचालित बसों को स्थानांतरित किया जा रहा है। इसके अलावा, 2023-24 के दौरान नई बीएस-6 डीजल बसों की खरीद करने की भी योजना है।  यह भी बताया गया कि एनसीआर में संबंधित ईवी नीति के अनुसार सीएनजी बसों और ईवी की खरीदी भी चल रही है। इसी प्रकार राजस्थान और दिल्ली राज्य के किसी भी एनसीआर शहर, कस्बे के साथ-साथ एनसीआर के किसी भी अन्य शहर एवं कस्बे के बीच सभी बस सेवाएं एक नवंबर, 2023 से केवल ईवी,सीएनजी एवं बीएस-6 डीजल बसों के माध्यम से संचालित की जाएंगी।  राजस्थान के गैर-एनसीआर क्षेत्रों से दिल्ली के लिए सभी बस सेवाएं भी एक जनवरी, 2024 से ईवी, सीएनजी, बीएस-6 डीजल बसों के माध्यम से सुनिश्चित की जाएंगी।

 

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