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Friday, August 29, 2025

शंटी का दावा, दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का शैक्षणिक ढांचा खत्म

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–कमेटी के तीन संस्थानों के कर्मचारियों को 8 महीने से नहीं मिली है सैलरी
–कमेटी के खिलाफ 90 फीसदी कर्मचारी हक के लिए अदालत पहुंचे
–2013 में जिन कालेज में 400 विद्यार्थी थे आज वहां मात्र 29 बच्चे बचे
–कुछ संस्थाओं से छटनी हो रही हैं तो कुछ स्कूलों में हो रही है नई भर्तियां

नई दिल्ली / टीम डिजिटल : शिरोमणि अकाली दल (दिल्ली) के महासचिव गुरमीत सिंह शंटी ने शनिवार को दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के बिगड़े हालात और कर्मचारियों को 8 महीने से वेतन नहीं मिलने पर कमेटी प्रबंधन पर हमला बोला है। साथ ही आरोप लगाया कि गलत प्रबंधन के चलते कमेटी का शैक्षणिक ढांचा पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है। कमेटी शिक्षण संस्थानों के कर्मचारियों को 8 महीनों से वेतन नहीं मिला है जिसके चलते 90 फीसदी कर्मचारी अदालत पहुंच गए हैं। हालात यह है कि तीन तकनीकी संस्थानों के कर्मचारियों को अप्रैल महीने की सैलरी दिसम्बर में 60 फीसदी दी गई है, वह भी अदालत के आदेश पर। इस मौके पर तीनों संस्थानों के कर्मचारी भी मौजूद रहे। पत्रकारों से बातची करते हुए गुरमीत शंटी ने दावा किया कि परमजीत सिंह सरना के कार्यकाल में (वर्ष 2013) तक इन कॉलेजों में 400-400 छात्र होते थे। लेकिन मौजूदा प्रबंधकों की अक्षमता और लापरवाही के कारण, तीन कॉलेजों में केवल 29 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। यह तीनों संस्थान गुरु नानक इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, गुरु नानक इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और गुरु हरगोबिंद इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी है। शंटी ने कहा कि इनमें से 70 फीसदी कर्मचारियों को निकाला जा रहा था, पर जब वह कोर्ट चले गए तो कमेटी के मौजूदा प्रबंधकों द्वारा उन्हें गुरुद्वारा कमेटी में रखने का प्रस्ताव दिया जा रहा है। इसमें जिस कर्मचारी का वेतन 30-35 हजार था, उनका वेतन घटाकर 15 हजार देने का प्रस्ताव दिया जा रहा है। दिल्ली कमेटी के पूर्व महासचिव गुरमीत सिंह शंटी ने खुलासा किया कि एक तरफ तीन कॉलेजों के कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जा रहा है, वहीं एक अन्य शैक्षणिक संस्थान (नानक पियाउ इंस्टीट्यूट) में नई भर्ती की जा रही है। इस मौके पर मंजीत सिंह सरना, कमेटी के सदस्य बलदेव सिंह रानी बाग, सुखबीर सिंह कालरा, पूर्व सदस्य तजिंदर सिंह गोपा, सुरिंदर सिंह कैरो, यूथ विंग के अध्यक्ष रमनदीप सिंह सोनू और अन्य नेता भी मौजूद थे।

सिरसा को सिख इतिहास का ज्ञान नहीं

श्ंाटी ने कहा कि दिल्ली कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा को कॉलेज के कर्मचारियों के लिए कोई चिंता नहीं है। वह चेहरा चमकाने की राजनीति के लिए तरह तरह के नाटक करने पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। शंटी ने यह भी कहा कि इस पूरी स्थिति को देखते हुए, यह माना जा सकता है कि कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा राजनीति में फिट हो सकते हैं, लेकिन सिख सियासत बिल्कुल भी फिट नहीं होते हैं। सिरसा को सिख इतिहास का कोई ज्ञान नहीं है, शिक्षण संस्थानों को चलाने की क्षमता नहीं है। अच्छा होगा कि सिरसा सिख राजनीति से किनारा कर लें।

गोलक का पैसा जुटा रही है गुरुद्वारा कमेटी

पार्टी के महासचिव गुरमीत सिंह शंटी ने कहा कि किसान आंदोलन में हर सिख अपने दसवंश से सेवा कर रहा है और परमजीत सिंह सरना के नेतृत्व में शिरोमणि अकाली दल दिल्ली द्वारा अपने से सेवा कर रहा है। जबकि बादल दल के नेता दिल्ली कमेटी की गोलक का इस्तेमाल कर सिर्फ अपनी राजनीति चमकाने के लिए ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। शंटी ने कहा कि जब भी शिरोमणि अकाली दल को सेवा की जिम्मेदारी मिलेगी, कमेटी के प्रबंध तहत शैक्षणिक संस्थानों की प्रतिष्ठा पहले की तरह बहाल की जाएगी और कर्मचारियों को पहले की तरह समय पर वेतन का भुगतान किया जाएगा।

हर कर्मचारी का हक मिलेगा : गुरुद्वारा कमेटी

दिल्ली सिख गुरुद्वारा कमेटी के महासचिव हरमीत सिंह कालका ने कहा कि जिन कर्मचारियों का हक बनता है उन्हें कमेटी हर हाल में देगी। किसी का पैसा मारा नहीं जाएगा। हां जो लोग कमेटी के खिलाफ अदालत चले गए हैं वह अदालत के आदेश की प्रतीक्षा करें। उन्होंने कहा कि जो लोग विरासत में छोड़ कर गए हैं उसे संभलने में समय लगेगा।

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