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सिखों ने श्री दरबार साहिब के मसले को लेकर की गृह राज्यमंत्री से मुलाकात

नई दिल्ली /अदिति सिंह: शिरोमणि अकाली दल (Shiromani Akali Dal) ने श्री दरबार साहिब अमृतसर से गुरबाणी के प्रसारण सहित कई मसले को लेकर वीरवार को केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय (Nityanand Rai) से मुलाकात की। इस दौरान दल ने उन्हें एक ज्ञापन भी सौंपा। इसकी अगुवाई अकाली दल के प्रदेश अध्यक्ष परमजीत सिंह […]

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नई दिल्ली /अदिति सिंह: शिरोमणि अकाली दल (Shiromani Akali Dal) ने श्री दरबार साहिब अमृतसर से गुरबाणी के प्रसारण सहित कई मसले को लेकर वीरवार को केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय (Nityanand Rai) से मुलाकात की। इस दौरान दल ने उन्हें एक ज्ञापन भी सौंपा। इसकी अगुवाई अकाली दल के प्रदेश अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना (Paramjit Singh Sarna) ने की। सरना ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने गृह राज्य मंत्री को परिचित करवाया है कि पंजाब सरकार किस प्रकार मनमाने ढंग से काम रही है। बीते दिनों आम आदमी पार्टी सरकार ने श्री दरबार साहिब अमृतसर से गुरबाणी के प्रसारण को अपने अधीन करने हेतु प्रस्ताव पास किया जो सीधे तौर पर सिखों के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप है।

-सौंपा ज्ञापन, पंजाब सरकार के मनमाने फैसले पर रोक लगाने की गुहार
-शिरोमणि कमेटी के कुछ सेवादारों के यूनियन बनाने पर उठाए सवाल
-लगाए आरोप, सिखों के गुरूधामों पर काबिज होना चाहती है सरकार

इसके अलावा गबन के आरोप झेल रहे शिरोमणि कमेटी (SGPC) के कुछ सेवादारों ने अपनी यूनियन बना ली है और पंजाब सरकार के श्रम विभाग ने इंडियन ट्रेड यूनियन एक्ट 1926 के तहत इसे पंजीकृत भी किया है, जो कि बेहद चिंता का विषय है। सरना ने कहा कि शिरोमणि कमेटी सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था है न कि कोई व्यावसायिक प्रतिष्ठान या फैक्ट्री, जिसमें श्रम कानूनों के तहत यूनियनें बनाई जा सकें। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने ऐसा कर अपनी मंशा जाहिर कर दी है कि वह सिखों के गुरूधामों पर काबिज होना चाहती है। इससे क्या परिणाम होंगे इसको लेकर पंजाब सरकार बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। हालांकि पंजाब के राज्यपाल का रूख इन सबमें सराहनीय है। अकाली दल ने गृह राज्य मंत्री से अपील किया कि पंजाब सरकार को इन मनमाने कार्यों से रोका जाए, ताकि भविष्य में इससे होने वाले भयानक परिणामों से बचा जा सके। इस मौके पर जतिंदर सिंह साहनी, जत्थेदार बलदेव सिंह रानी बाग, तजिंदर सिंह गोपा, जतिंदर सिंह सोनू, बीबी रणजीत कौर, सुरिंदर सिंह दारा, एस. कुलतारन सिंह कोचर (सभी दिल्ली कमेटी के सदस्य), एस. रविंदर सिंह खुराना, सुखदेव सिंह रियात, जत्थेदार कुलदीप सिंह भोगल, मनजीत सिंह सरना, चनमीत सिंह कोचर, हरजप सिंह ढींगरा और एस. भूपिंदर सिंह आदि मौजूद थे।

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