HomeRailway Newsरेलवे ने 3060 श्रमिक ट्रेनों से 40 लाख लोगों को घर पहुंचाया

रेलवे ने 3060 श्रमिक ट्रेनों से 40 लाख लोगों को घर पहुंचाया

-23/24 मई को रेलवे नेटवर्क में दिखी भीड़ को खत्म करने का दावा –453 ट्रेनें रास्ते में चल रही हैं मंगलवार तक पहुंचेंगी –बिहार और यूपी के मार्गों पर रेल यातायात जाम होने से फंसी थी ट्रेनें –1 जून को 200 ट्रेनें टाइम टेबल के आधार पर दौड़ेंगी (खुशबू पाण्डेय) नई दिल्ली /टीम डिजिटल : […]

-Advertisement-
Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now

-23/24 मई को रेलवे नेटवर्क में दिखी भीड़ को खत्म करने का दावा
–453 ट्रेनें रास्ते में चल रही हैं मंगलवार तक पहुंचेंगी
–बिहार और यूपी के मार्गों पर रेल यातायात जाम होने से फंसी थी ट्रेनें
–1 जून को 200 ट्रेनें टाइम टेबल के आधार पर दौड़ेंगी

(खुशबू पाण्डेय)
नई दिल्ली /टीम डिजिटल : कोविड-19 के चलते देशभर में हुए लॉकडाउन में फंसे प्रवासी श्रमिकों, तीर्थयात्रियों, पर्यटकों, छात्रों और अन्य व्यक्तियों को लाने-ले जाने में भारतीय रेलवे ने बडा काम किया है। रेलवे ने 25 मई तक देश भर के विभिन्न राज्यों से कुल 3060 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई। इन ट्रेनों से 40 लाख से अधिक यात्री अपने गंतव्य तक पहुँच चुके हैं। 3060 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में से, 2608 ट्रेनें गंतव्य पर समाप्त हो गई हैं, जबकि 453 ट्रेनें चल रही हैं। इससे पहले 24 मई को को 237 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में 3.1 लाख यात्रियों को ले जाया गया।
रेल मंत्रालय के प्रवक्ता के मुताबिक इन 3060 ट्रेनों को विभिन्न राज्यों से चलाया गया। इसमें शीर्ष पांच राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों गुजरात (853 ट्रेनें), महाराष्ट्र (550 ट्रेनें), पंजाब (333 ट्रेनें), उत्तर प्रदेश (221 ट्रेनें), दिल्ली (181 ट्रेनें) ट्रेनें निकली। साथ ही, इन श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को देश भर के विभिन्न राज्यों में समाप्त कर दिया गया था। इसके अलावा शीर्ष पांच राज्य जहां अधिकतम ट्रेनें समाप्त हो रही हैं, उनमें उत्तर प्रदेश (1245 ट्रेनें), बिहार (846 ट्रेनें), झारखंड (123 ट्रेनें), मध्य प्रदेश (112 ट्रेनें), ओडिशा (73 ट्रेनें) हैं।

इसे भी पढें...UP : गठित होगा माइग्रेशन कमीशन, तय करेगा श्रमिकों का भविष्य

- Advertisement -

रेल मंत्रालय के प्रवक्ता ने दावा किया कि जिन रेल मार्गों पर 23/24 मई को भीड़ देखी गई थी वह समाप्त हो चुकी है। बिहार और उत्तर प्रदेश के मार्गों पर दो तिहाई से अधिक रेल यातायात के मिलने और स्वास्थ्य प्रोटोकॉलों के कारण टर्मिनलों को देर से क्लीयरेंस मिलने की वजह से भीड़भाड़ हो गई थी। इस मामले को राज्य सरकारों के साथ सक्रिय बातचीत और यात्रा के लिए संभव मार्गों का पता लगाकर हल कर लिया गया है।

इसे भी पढें...रेलवे ने किए राजधानी एक्सप्रेस ट्रेनों के नियमों में बदलाव

बता दें कि श्रमिक विशेष रेलगाडिय़ों द्वारा विभिन्न स्थानों पर फंसे संबंध में गृह मंत्रालय के आदेश के बाद, भारतीय रेलवे ने 1 मई से श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया था।
इसके अलावा रेलवे नई दिल्ली को जोडऩे वाली 15 जोड़ी स्पेशल राजधानी ट्रेनें चला रहा है और 1 जून को 200 और टाइम टेबल ट्रेनें शुरू करने की योजना है।

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

-Advertisement-

Related News

-Advertisement-

Delhi epaper

Prayagraj epaper

Kurukshetra epaper

-Advertisement-

Latest News