नई दिल्ली। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में बताया कि उत्तर प्रदेश के मेरठ रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास कार्य शहर के ऐतिहासिक महत्व को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। मेरठ प्रथम स्वतंत्रता संग्राम (1857) की शुरुआत का प्रमुख केंद्र रहा है, इसलिए नए स्टेशन के डिजाइन में इस क्रांति की झलक दिखाई देगी।
यह जानकारी उन्होंने 6 फरवरी 2026 को सदन में साझा की। स्टेशन आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा और साथ ही स्वतंत्रता संग्राम की यादों को जीवंत रखेगा। सांसद लक्ष्मीकांत वाजपेयी के सुझावों और स्थानीय लोगों से चर्चा के आधार पर नया डिजाइन तैयार किया गया है।
मेरठ का ऐतिहासिक महत्व
मेरठ का नाम भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ा हुआ है। 1857 की क्रांति यहीं से शुरू हुई थी। रेल मंत्री ने कहा कि स्टेशन का स्वरूप शहर के इस गौरवशाली इतिहास को प्रतिबिंबित करेगा। उन्होंने जोर दिया कि विकास सिर्फ आधुनिकता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें इतिहास की झलक भी होगी।
सांसद लक्ष्मीकांत वाजपेयी की भूमिका
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकांत वाजपेयी की पहल की खुलकर सराहना की। उन्होंने बताया कि उन्होंने खुद सांसद से अनुरोध किया था कि मेरठ के वरिष्ठ नागरिकों और जानकार लोगों से बातचीत करें। सांसद ने स्थानीय लोगों के साथ मंथन किया और एक नया डिजाइन प्रस्तुत किया। अब स्टेशन का काम इसी नए डिजाइन के आधार पर तेजी से चल रहा है। मंत्री ने सांसद को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनकी सकारात्मक पहल से यह संभव हुआ है।
सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और आधुनिकीकरण
नए मेरठ रेलवे स्टेशन में आधुनिक सुविधाएं जैसे बेहतर यातायात, पार्किंग, वेटिंग एरिया आदि होंगी। साथ ही, यह स्टेशन यात्रियों और युवाओं के लिए 1857 की क्रांति और स्वतंत्रता सेनानियों की कहानियों को याद दिलाने का माध्यम बनेगा। डिजाइन में इतिहास को उकेरने का प्रयास किया जा रहा है ताकि आने वाली पीढ़ी भी इस गौरव को समझ सके। यह पहल अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत हो रही है, जिसमें ऐतिहासिक महत्व वाले स्टेशनों को विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
यह कदम मेरठ के इतिहास को संरक्षित रखने के साथ-साथ रेल यात्रा को अधिक सुगम और यादगार बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

