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नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास को लेकर इंटरनेशनल वर्चुअल रोड करेगा RLDA

–सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, दुबई और स्पेन के निवेशक और डेवलपर्स हिस्सा लेंगे          -14 से 19 जनवरी के बीच होगा रोड शो आयोजित करेगा RLDA – स्टेकहोल्डर्स को परियोजना के आयामों के बारे में बताना है उद्देश्य – प्रोजेक्ट के लिए प्री-बिड मीटिंग सितंबर 2020 में आयोजित की गई थी जिसमें -अडानी, GMR, […]

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–सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, दुबई और स्पेन के निवेशक और डेवलपर्स हिस्सा लेंगे          -14 से 19 जनवरी के बीच होगा रोड शो आयोजित करेगा RLDA
– स्टेकहोल्डर्स को परियोजना के आयामों के बारे में बताना है उद्देश्य
– प्रोजेक्ट के लिए प्री-बिड मीटिंग सितंबर 2020 में आयोजित की गई थी जिसमें -अडानी, GMR, जेकेबी इन्फ्रा, अरबियन कंस्ट्रक्शन कंपनी और एंकोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर सरीखे फर्मों ने लिया था हिस्सा

नई दिल्ली/ अदिति सिंह : रेल मंत्रालय के अधीन आने वाली संस्था रेल भूमि विकास प्राधिकरण (RLDA ) नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (NDLS) परियोजना के पुनर्विकास पर वर्चुअल रोड शो आयोजित करने की योजना बना रही है। 14 से 19 जनवरी 2021 के बीच ऑनलाइन आयोजित होने वाले इस रोड शो में सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, दुबई और स्पेन समेत विभिन्न देशों के निवेशक और डेवलपर्स हिस्सा लेंगे। इसमें संभावित बोली प्रदाताओं के साथ प्रस्तावित लेनदेन की संरचना और परियोजना के विभिन्न आयामों पर चर्चा होगी। इस पहल का उद्देश्य संबद्ध स्टेकहोल्डर्स जैसे कि यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और साउथ एशिया जैसे उन्नत भौगोलिक क्षेत्रों के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय रियल एस्टेट डेवलपर्स, इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेयर्स और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन को शामिल करना है। परियोजना को बेहतर ढंग से समझाने के लिए आरएलडीए ने परियोजना से संबंधित एक वॉकथ्रू भी तैयार किया है जिसे रोड शो के दौरान प्रदर्शित किया जाएगा। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास हमारी प्रमुख परियोजनाओं में से एक है जो पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ावा देगा और क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन की शुरूआत करेगा।

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आरएलडीए के उपाध्यक्ष वेद प्रकाश डुडेजा के मुताबिकयह परियोजना विभिन्न हितधारकों को आकर्षित कर रही है, और हम वर्चुअल रोड शो के माध्यम से इसमें तेजी बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। यह पहल परियोजना के विभिन्न पहलुओं के बारे में उन्हें जागरूक करेगी। स्टेशन रणनीतिक रूप से दिल्ली के केंद्र में स्थित है, और दिल्ली के प्रमुख वाणिज्यिक केंद्र कनॉट प्लेस के काफी निकट है। यह एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन मेट्रो के द्वारा आईजीआई हवाई अड्डे से और येलो लाइन मेट्रो के द्वारा दिल्ली-एनसीआर से जुड़ा हुआ है। स्टेशन के दोनों ओर से परिवहन के विभिन्न साधनों से जुड़ा हुआ है। इस परियोजना को 60 वर्षों के कन्सेशन पीरियड के लिए डिजाइन-बिल्ड फाइनेंस ऑपरेट ट्रांसफर (DBFOT) मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इसमें पूंजी व्यय लगभग 680 मिलियन अमरीकी डॉलर होने की उम्मीद है। परियोजना डेवलपर को कई रिवेन्यू स्ट्रीम प्रदान करती है, जिसमें रियल एस्टेट अधिकारों से राजस्व भी शामिल है। परियोजन को लगभग चार वर्षों में पूरा किया जाना है। वर्तमान में यह परियोजना 2 फरवरी 2021 तक रिक्वेस्ट फॉर क्वालिफिकेशन (RFQ) चरण में है। सितंबर 2020 के महीने में एक प्री-बिड सम्मेलन आयोजित किया गया था, जिसमें अदानी, जीएमआर, जेकेबी इन्फ्रा, अरबियन कन्स्ट्रकशन कंपनी, एसएनसीएफ़, एंकरेज जैसे प्रमुख कोंपनियों ने भाग लिया था।

इस परियोजना में शामिल है 12 लाख वर्गमीटर का विकास 

आरएलडीए के उपाध्यक्ष वेद प्रकाश डुडेजा के मुताबिक मास्टर प्लान एरिया लगभग 120 हेक्टेयर का है, जिसमें से 88 हेक्टेयर को चरण-1 (परियोजना) में शामिल किया गया है। आरएलडीए मास्टर प्लान के लिए अनुमोदन प्राधिकारी है। इसके साथ ही, अनुमोदन और मंजूरी को तेज करने के लिए, दिल्ली के माननीय उपराज्यपाल की अध्यक्षता में एक सर्वोच्च समिति का गठन किया गया है। इस परियोजना में टीओडी (ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट) नीति के तहत उच्च एफएसआई की अनुमति के परिणामस्वरूप लगभग 12 लाख वर्गमीटर का विकास शामिल है।

परियोजना के हैं दो अलग-अलग घटक 

आरएलडीए के उपाध्यक्ष वेद प्रकाश डुडेजा के मुताबिक स्टेशन कंपोनेंट- विभिन्न सुविधाओं के साथ नई टर्मिनल बिल्डिंग, रेलवे कार्यालय, रेलवे क्वार्टर और सहायक रेलवे कार्य ii) स्टेशन एस्टेट- रिटेल स्पेस जो स्टेशन से सटे हैं, वाणिज्यिक कार्यालय, होटल और आवासीय परिसर। स्टेशन विभिन्न नई सुविधाओं से सुसज्जित होगी, जिसमें गुंबद के आकार की टर्मिनल बिल्डिंग जिसमें दो-आगमन और दो-प्रस्थान होंगे, स्टेशन के दोनों तरफ दो मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब (एमएमटीएच), 40 मंजिल ऊंचे ट्विन टॉवर (होटल/कार्यालय और पोडियम पर खुदरा केंद्र के साथ) और हाई स्ट्रीट खरीदारी के साथ पैदल यात्रियों के लिए अलग मार्ग शामिल होगी। परिवहन एकीकरण और विकास के लिए स्टेशन को एक बहु-मॉडल केंद्र के रूप में प्रस्तावित किया गया है। यह दिल्ली एनसीआर में ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) अवधारणा पर विकसित किया जाने वाला पहला प्रोजेक्ट बन जाएगा।

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RLDA 62 स्टेशनों पर चरणबद्ध तरीके से काम कर रहा

आरएलडीए के उपाध्यक्ष वेद प्रकाश डुडेजा के मुताबिक आरएलडीए वर्तमान में 62 स्टेशनों पर चरणबद्ध तरीके से काम कर रहा है, जबकि इसकी सहायक आईआरएसडीसी ने अन्य 61 स्टेशनों को पुनर्विकसित करने हेतु चयनित किया है। पहले चरण में, आरएलडीए ने पुनर्विकास के लिए नई दिल्ली, तिरुपति, देहरादून, नेल्लोर, पानीपत, पुदुचेरी और इरनाकुलम जैसे प्रमुख स्टेशनों को प्राथमिकता दी है। भारत भर के रेलवे स्टेशनों को पीपीपी मॉडल पर पुनर्विकसित किया जाएगा।

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