हनुमान चालीसा का पाठ महिलाएं कर सकती हैं या नहीं? यह सवाल कई भक्तों के मन में आता है। हिंदू धर्म की मान्यताओं और विभिन्न धार्मिक विद्वानों के अनुसार, महिलाएं हनुमान चालीसा का पाठ कर सकती हैं। हनुमान जी बाल ब्रह्मचारी हैं और सभी महिलाओं को माता के रूप में देखते हैं, इसलिए मूर्ति का स्पर्श नहीं करना चाहिए, लेकिन चालीसा का पाठ करने में कोई स्पष्ट रोक नहीं है।
यह पाठ श्रद्धा और शुद्ध मन से करने पर सभी के लिए लाभदायक माना जाता है, जिसमें महिलाओं को भी सकारात्मक ऊर्जा, आत्मविश्वास और मानसिक शांति मिलती है। कई प्रसिद्ध आचार्य जैसे बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भी महिलाओं को हनुमान चालीसा पढ़ने की अनुमति देते हैं।
क्या महिलाएं हनुमान चालीसा का पाठ कर सकती हैं?
हां, महिलाएं हनुमान चालीसा का पाठ कर सकती हैं। हिंदू शास्त्रों में ऐसा कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं मिलता कि केवल पुरुष ही इसका पाठ कर सकते हैं। भक्ति के मार्ग में लिंग भेदभाव नहीं होता। धार्मिक स्रोतों और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, महिलाएं भी नियमित रूप से हनुमान चालीसा पढ़ सकती हैं। यह उनकी भक्ति को बढ़ाता है और हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने का माध्यम बनता है। हालांकि, कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए, जैसे मासिक धर्म के दौरान पाठ न करना और मूर्ति को स्पर्श न करना।
महिलाओं के लिए हनुमान चालीसा पाठ के लाभ
हनुमान चालीसा का नियमित पाठ सभी भक्तों के लिए फायदेमंद होता है। महिलाओं के लिए भी यह कई तरह से उपयोगी साबित हो सकता है। पाठ से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मकता का संचार होता है। इससे भय, चिंता और तनाव कम होता है, जिससे मानसिक शांति मिलती है। कई महिलाएं इसे पढ़कर आत्मविश्वास में वृद्धि महसूस करती हैं और जीवन की चुनौतियों का बेहतर सामना कर पाती हैं। इसके अलावा, यह संतान सुख, पारिवारिक समृद्धि और संबंधों में सुधार के लिए भी सहायक माना जाता है। कुछ मान्यताओं में इसे विवाह संबंधी बाधाओं को दूर करने के उपाय के रूप में भी देखा जाता है।
हनुमान चालीसा का पाठ कैसे करें? महत्वपूर्ण नियम
हनुमान चालीसा का पाठ सही तरीके से करने पर अधिक फल मिलता है। सबसे पहले स्थान को साफ-सुथरा और पवित्र बनाएं। मंगलवार और शनिवार को पाठ करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है, लेकिन रोजाना भी किया जा सकता है। पाठ से पहले स्नान कर लें, शुद्ध वस्त्र पहनें और एकाग्र मन से बैठकर करें। खड़े होकर नहीं, बल्कि आसन पर बैठकर पढ़ें। मन में कोई नकारात्मक विचार न आने दें और पूर्ण श्रद्धा रखें। महिलाओं के लिए अतिरिक्त सावधानी: मासिक धर्म के दौरान पाठ से बचें और हनुमान जी की मूर्ति को स्पर्श न करें। पाठ के बाद प्रणाम करने की बजाय सिर्फ “जय श्री राम” कहना पर्याप्त होता है।
हनुमान चालीसा तुलसीदास जी द्वारा रचित एक शक्तिशाली स्तुति है, जो भगवान हनुमान के गुणों और राम भक्ति का वर्णन करती है। इसका पाठ करने से जीवन में संकटों से मुक्ति और साहस की प्राप्ति होती है। महिलाएं भी इसे अपनी दैनिक भक्ति का हिस्सा बना सकती हैं, बशर्ते शुद्ध भाव और नियमों का पालन करें। यह भक्ति सभी के लिए खुला मार्ग है।
श्री हनुमान चालीसा | Shree Hanuman Chalisa Lyrics in Hindi
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