पटना (WomenExpress)। पटना नगर निगम ने स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर की रैंकिंग सुधारने के लिए सक्रिय प्रयास तेज कर दिए हैं। इसी क्रम में पटना नगर निगम की स्वच्छता जागरूकता टीम और ब्रांड एंबेसडर डॉ. नीतू कुमारी नवगीत ने उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान में एक विशेष स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य संस्थान के कलाकारों, प्रशिक्षकों और सभी सदस्यों को स्वच्छता के महत्व से अवगत कराना तथा स्वच्छ सर्वेक्षण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना था। डॉ. नीतू नवगीत ने पारंपरिक लोकगीतों और स्वच्छता गीतों के माध्यम से ‘स्वच्छ पटना, सुंदर पटना’ का संदेश दिया।
स्वच्छता एक सामूहिक जिम्मेदारी
डॉ. नीतू कुमारी नवगीत ने कहा कि स्वच्छता केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरी समाज की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि स्वच्छ सर्वेक्षण में भाग लेना कई कारणों से महत्वपूर्ण है। यह लोगों को अपने आस-पास की सफाई के प्रति जागरूक बनाता है, शहर की स्वच्छता सुधारने के लिए सुझाव देने का अवसर देता है।

अच्छा प्रदर्शन करने वाले शहरों को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार और मान्यता मिलती है, जिससे शहर की छवि बेहतर होती है। साथ ही, स्वच्छता से बीमारियां कम होती हैं, पर्यावरण सुरक्षित रहता है और सामुदायिक एकता मजबूत होती है। उन्होंने सभी से अपील की कि न केवल खुद सर्वेक्षण में हिस्सा लें, बल्कि दूसरों को भी प्रोत्साहित करें ताकि पटना स्वच्छता रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल कर सके।
कलाकारों ने कला के जरिए दिया समर्थन
कार्यक्रम में संस्थान के कई कलाकारों ने हिस्सा लिया। मधुबनी पेंटिंग की प्रसिद्ध कलाकार राजकुमार, अनु कुमारी, ओंकार मौर्य सहित अन्य कलाकारों ने अपनी राय रखी। उन्होंने कला के माध्यम से स्वच्छता अभियान को मजबूती देने का संकल्प लिया। कलाकारों ने कहा कि वे अपनी कला और प्रभाव का उपयोग करके लोगों में स्वच्छता की भावना जगाएंगे।
यह कार्यक्रम पटना नगर निगम के स्वच्छता जागरूकता अभियान का हिस्सा है, जो स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 की तैयारियों के तहत चलाया जा रहा है। पटना पहले ही डेस्कटॉप असेसमेंट में फाइव स्टार रेटिंग के लिए क्वालीफाई कर चुका है और फील्ड असेसमेंट में बेहतर प्रदर्शन के लिए जन भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

