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Monday, January 26, 2026

Republic Day 2026: छत्तीसगढ़ की झांकी में जीवंत होगी जनजातीय वीरों की गाथा, कर्तव्य पथ पर दिखेगा देश का पहला डिजिटल संग्रहालय

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Republic Day 2026: छत्तीसगढ़ की झांकी इस बार गणतंत्र दिवस 2026 में कर्तव्य पथ पर विशेष आकर्षण बनेगी। “स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्” थीम पर आधारित यह झांकी देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की झलक दिखाएगी, जो जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों को समर्पित है। नवा रायपुर अटल नगर में स्थित इस संग्रहालय का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ राज्य गठन की रजत जयंती पर किया था।

झांकी में वीर गुंडाधुर और वीर नारायण सिंह जैसे नायकों के बलिदान को दर्शाया गया है, जो जनजातीय समाज की देशभक्ति और साहस को उजागर करेगी। रक्षा मंत्रालय की विशेषज्ञ समिति ने इसे अंतिम रूप से मंजूरी दी है और प्रेस प्रीव्यू में इसका प्रदर्शन किया गया।

गणतंत्र दिवस पर छत्तीसगढ़ की झांकी का महत्व

गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर 17 राज्यों की झांकियां शामिल होंगी। छत्तीसगढ़ की झांकी को रक्षा मंत्रालय की समिति ने चार महीने की जांच के बाद चुना है। यह झांकी केंद्र सरकार की मुख्य थीम ‘150 वर्ष वंदे मातरम्’ से जुड़ी हुई है। झांकी के जरिए जनजातीय वीरों की गाथा को जीवंत रूप दिया जाएगा, जो स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को याद दिलाएगी।

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Republic Day 2026: छत्तीसगढ़ की झांकी में जीवंत होगी जनजातीय वीरों की गाथा, कर्तव्य पथ पर दिखेगा देश का पहला डिजिटल संग्रहालय

देश का पहला जनजातीय डिजिटल संग्रहालय

नवा रायपुर अटल नगर में बना यह संग्रहालय देश में अपनी तरह का पहला है। यहां छत्तीसगढ़ सहित 14 प्रमुख जनजातीय स्वतंत्रता आंदोलनों को आधुनिक डिजिटल तकनीक से संरक्षित किया गया है। प्रधानमंत्री ने 1 नवंबर को छत्तीसगढ़ के 25 वर्ष पूरे होने पर इसका लोकार्पण किया। संग्रहालय जनजातीय नायकों के बलिदान, उनकी वीरता और देशभक्ति को डिजिटल माध्यम से लोगों तक पहुंचाता है। झांकी इसी संग्रहालय की भव्य प्रस्तुति करेगी।

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झांकी में प्रमुख दृश्य और नायक

झांकी के आगे हिस्से में 1910 के भूमकाल विद्रोह के नायक वीर गुंडाधुर को दिखाया गया है। धुर्वा समाज के इस नेता ने अन्याय के खिलाफ जनजातीय समाज को एकजुट किया। विद्रोह के प्रतीक के रूप में आम की टहनियां और सूखी मिर्च भी प्रदर्शित हैं। अंग्रेजों को नागपुर से सेना बुलानी पड़ी, लेकिन वे गुंडाधुर को नहीं पकड़ सके।

पिछले हिस्से में छत्तीसगढ़ के पहले शहीद वीर नारायण सिंह को घोड़े पर सवार, तलवार हाथ में लिए दिखाया गया है। उन्होंने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अहम भूमिका निभाई और अकाल के समय गरीबों के लिए संघर्ष किया। पूरी झांकी जनजातीय समाज के अदम्य साहस को प्रभावी ढंग से व्यक्त करती है।

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Republic Day 2026: छत्तीसगढ़ की झांकी में जीवंत होगी जनजातीय वीरों की गाथा, कर्तव्य पथ पर दिखेगा देश का पहला डिजिटल संग्रहालय

तैयारी और प्रेस प्रीव्यू

राष्ट्रीय रंगशाला कैंप में रक्षा मंत्रालय ने प्रेस प्रीव्यू का आयोजन किया, जहां मीडिया के सामने झांकी का प्रदर्शन हुआ। जनसंपर्क विभाग के अधिकारी और कलाकारों ने पिछले एक महीने से मेहनत कर इसे अंतिम रूप दिया। यह झांकी गणतंत्र दिवस परेड में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और स्वतंत्रता संग्राम की भावना को देश के सामने रखेगी।

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