नई दिल्ली। दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहा इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 (India AI Impact Summit 2026) दुनिया का पहला ऐसा बड़ा वैश्विक सम्मेलन है जो ग्लोबल साउथ में आयोजित हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दूसरे दिन यानी 17 फरवरी को कहा कि AI का इस्तेमाल जनहित में और सबके फायदे के लिए होना चाहिए।
यह पांच दिवसीय समिट (16 से 20 फरवरी तक) AI के जरिए समावेशी विकास, सार्वजनिक सेवाओं को मजबूत करने और सतत विकास को बढ़ावा देने पर फोकस कर रहा है। 20 से ज्यादा राष्ट्राध्यक्ष, 60 मंत्री और 500 से अधिक वैश्विक एआई लीडर इसमें शामिल हैं। पीएम मोदी 19 फरवरी को मुख्य उद्घाटन भाषण देंगे।
पीएम मोदी का संदेश: AI सबके लिए फायदेमंद हो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “बुद्धिमत्ता, तर्कसंगतता और निर्णय लेने की क्षमता विज्ञान और प्रौद्योगिकी को जनता के लिए उपयोगी बनाती है। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट का उद्देश्य यह पता लगाना भी है कि AI का उपयोग सभी के लाभ के लिए कैसे किया जा सकता है।” उन्होंने AI को जन-जन के हित में इस्तेमाल करने की बात कही, जो भारत की सोच को दर्शाता है। पीएम ने संस्कृत में भी एक श्लोक शेयर किया, जिसमें बुद्धि के गुणों का जिक्र है।
समिट का मकसद और हिस्सेदारी
यह समिट AI को जिम्मेदार, समावेशी और विकासोन्मुखी बनाने पर केंद्रित है। इसमें राष्ट्राध्यक्ष, सरकार के मंत्री, टेक कंपनियों के सीईओ, शोधकर्ता और बहुपक्षीय संस्थान शामिल हैं। पहली बार ग्लोबल साउथ में इतने बड़े स्तर पर एआई पर चर्चा हो रही है, जो भारत की बढ़ती भूमिका को दिखाता है। 100 से ज्यादा सरकारी प्रतिनिधि, जिसमें 20+ राष्ट्राध्यक्ष और 60 मंत्री शामिल हैं। साथ ही 500 से ज्यादा वैश्विक एआई एक्सपर्ट, स्टार्टअप फाउंडर और शिक्षाविद भाग ले रहे हैं।
तीन बड़ी चुनौतियां और रिकॉर्ड आवेदन
समिट का मुख्य आकर्षण तीन ग्लोबल इम्पैक्ट चैलेंज हैं – एआई फॉर ऑल, एआई बाय हर और युवएआई। इनमें स्केलेबल और हाई-इम्पैक्ट एआई सॉल्यूशंस पर फोकस है, जो राष्ट्रीय और वैश्विक विकास लक्ष्यों से जुड़े हैं। इन चैलेंजेस के लिए 60+ देशों से 4,650 से ज्यादा आवेदन आए। कठिन मूल्यांकन के बाद तीनों कैटेगरी में टॉप 70 टीमों को फाइनलिस्ट चुना गया है। ये फाइनलिस्ट नीति निर्माताओं, निवेशकों और उद्योग जगत से जुड़कर अपने आइडिया को आगे बढ़ाएंगे। फाइनल में ग्रैंड फिनाले और फाइनलिस्ट घोषणा होगी।
रिसर्च संगोष्ठी और विशेषज्ञों का जमावड़ा
18 फरवरी को हैदराबाद के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के साथ मिलकर एआई और उसके प्रभावों पर एक बड़ी रिसर्च संगोष्ठी हो रही है। इसमें अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका से करीब 250 रिसर्च पेपर आए हैं। एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार कारिस और केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव भी शामिल हैं। चर्चा एआई-संचालित खोज, सुरक्षा, शासन, इंफ्रास्ट्रक्चर तक पहुंच और ग्लोबल साउथ में सहयोग पर हो रही है।
भारत की भूमिका और आगे का रास्ता
यह समिट भारत को जिम्मेदार एआई इनोवेशन के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है। पीएम मोदी पहले दिन एआई इम्पैक्ट एक्सपो का उद्घाटन कर चुके हैं, जहां 600+ स्टार्टअप और 13 देशों के पवेलियन हैं। समिट के नतीजे एआई गवर्नेंस और सहयोग के लिए रोडमैप तैयार करेंगे। भारत एआई को लोगों, पर्यावरण और प्रगति के लिए इस्तेमाल करने की बात पर जोर दे रहा है।
Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Women Express पर. Hindi News और India News in Hindi से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।

