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नारी शक्ति वंदन सम्मेलन: पीएम मोदी बोले, महिला नेतृत्व से बनता है संवेदनशील सिस्टम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने याद दिलाया कि वर्ष 2023 में जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाया गया, तब सभी राजनीतिक दलों ने इसे सर्वसम्मति से पारित किया था। उस समय यह मांग भी जोर-शोर से उठी थी कि इस कानून को हर हाल में 2029 तक लागू किया जाए।

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन को संबोधित करते हुए महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिला नेतृत्व से व्यवस्था अधिक संवेदनशील और जवाबदेह बनती है। पीएम मोदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को 2029 तक लागू करने की प्राथमिकता बताई और सभी राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील की।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम: सर्वसम्मति से पारित कानून

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने याद दिलाया कि वर्ष 2023 में जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाया गया, तब सभी राजनीतिक दलों ने इसे सर्वसम्मति से पारित किया था। उस समय यह मांग भी जोर-शोर से उठी थी कि इस कानून को हर हाल में 2029 तक लागू किया जाए।

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इस बार भी सरकार का यही प्रयास है कि सभी महत्वपूर्ण फैसले संवाद, सहयोग और सहभागिता के आधार पर लिए जाएं। पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि जिस तरह 2023 में इस अधिनियम ने संसद की गरिमा बढ़ाई, उसी तरह इस बार सामूहिक प्रयास से संसद नई ऊंचाइयों को छुएगी। उन्होंने कहा कि संसद जल्द ही महिला आरक्षण से जुड़े संशोधनों पर चर्चा कर नया इतिहास रचने वाली है।

महिलाओं की बढ़ती भागीदारी: देश का गर्व

पीएम मोदी ने देश में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को गर्व का विषय बताया। आज भारत में राष्ट्रपति, वित्त मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर महिलाएं हैं और वे इन जिम्मेदारियों को अच्छी तरह निभा रही हैं। इससे देश का गौरव लगातार बढ़ रहा है।

पंचायत स्तर पर भी महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय है। देश में 14 लाख से अधिक महिलाएं स्थानीय सरकार की संस्थाओं में सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। करीब 21 राज्यों में पंचायतों में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग 50 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।

यह सक्रियता दुनिया के बड़े नेताओं और राजनीतिक विशेषज्ञों को भी हैरान करती है। कई अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि जब निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बढ़ती है, तो पूरी व्यवस्था अधिक संवेदनशील और जवाबदेह बनती है। जल जीवन मिशन की सफलता इसका ज्वलंत उदाहरण है, जहां पंचायत स्तर पर महिलाओं ने अहम भूमिका निभाई।

आर्थिक सशक्तिकरण: जनधन से मुद्रा तक

2014 से पहले करोड़ों महिलाएं ऐसी थीं जिन्होंने बैंक का दरवाजा तक नहीं देखा था। बैंकिंग से जुड़ाव न होने के कारण उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता था। जनधन योजना के जरिए महिलाओं के 32 करोड़ से ज्यादा बैंक खाते खोले गए, जिससे उनकी आर्थिक भागीदारी मजबूत हुई।

आज देश की बेटियां नए-नए क्षेत्रों में बिजनेस शुरू कर अपनी पहचान बना रही हैं। मुद्रा योजना के तहत दिए गए कुल लोन में से 60 प्रतिशत से अधिक लोन महिलाओं को मिले हैं। स्टार्टअप क्षेत्र में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है। वर्तमान में 42 प्रतिशत से ज्यादा रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स में कम से कम एक महिला डायरेक्टर है।

सरकार ने महिलाओं के करियर को ध्यान में रखते हुए मैटरनिटी लीव को बढ़ाकर 26 हफ्ते कर दिया है। पीएम मोदी ने बताया कि दुनिया के कई समृद्ध देशों में भी इतनी लंबी छुट्टी नहीं है। जब वे इस बारे में बताते हैं तो लोग आश्चर्यचकित रह जाते हैं।

महिलाओं के हर चरण के लिए योजनाएं

2014 के बाद सरकार ने महिलाओं के जीवन के हर पड़ाव को ध्यान में रखकर योजनाएं बनाई हैं। जन्म से लेकर जीवन के अंतिम चरण तक सशक्तिकरण का प्रयास जारी है।

स्किल इंडिया मिशन के तहत शुरू किए गए व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों का असर अब दिखने लगा है। ड्रोन दीदी जैसी पहल के जरिए महिलाएं कृषि क्षेत्र में नई क्रांति ला रही हैं।

पीएम मोदी ने एक दिलचस्प बात कही कि शासन में आने के बाद उन्होंने बैंकों में ‘गरीबों की अमीरी और अमीरों की गरीबी’ दोनों देखी है। आज देश की माताएं और बहनें वोकल फॉर लोकल अभियान की ब्रांड एंबेसडर बन रही हैं। महिलाओं के नेतृत्व वाला विकास न केवल महिलाओं को आगे बढ़ा रहा है बल्कि समाज की पुरानी सोच को भी चुनौती दे रहा है।

आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि पहले ज्यादातर संपत्तियां पुरुषों के नाम पर होती थीं। इस स्थिति को बदलने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनने वाले घरों को महिलाओं के नाम पर रजिस्टर करने की पहल की गई है।

नारी शक्ति वंदन सम्मेलन: नई दिशा की ओर

नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में पीएम मोदी ने सभी को एकजुट होकर महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि महिला नेतृत्व से सिस्टम संवेदनशील बनता है।

यह सम्मेलन ऐसे समय में आयोजित हुआ जब संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है। 16 से 18 अप्रैल तक होने वाले इस सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम से जुड़े संशोधनों पर चर्चा होने की संभावना है, ताकि 2029 के लोकसभा चुनाव से महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिल सके।

प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी न केवल देश की प्रगति को तेज करेगी बल्कि लोकतंत्र को भी और मजबूत बनाएगी।

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