32.8 C
New Delhi
Friday, August 29, 2025

दिल्ली में हालात बेकाबू, सरकार ने लगाया 6 दिन का लॉकडाउन

Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now
  • सोमवार रात 10 बजे से 26 अप्रैल सुबह 5 बजे तक 6 दिन का लॉकडाउन
  • लॉकडाउन के दौरान आवश्यक सेवाएं चलती रहेंगी
  • अंतिम संस्कार में 20 लोगों को शामिल होने की अनुमति दी जाएगी
  • विवाह के लिए आवाजाही की अनुमति होगी, विवाह में 50 लोग को अनुमति

नयी दिल्ली/ अदिति सिंह:  दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविद केजरीवाल ने कोरोना वायरस के तेजी से बढ़ते मामलों और उनके कारण स्वास्थ्य प्रणाली पर पड़ रहे भार के मद्देनजर सोमवार रात दस बजे से 26 अप्रैल सुबह पांच बजे तक छह दिन के लॉकडाउन की घोषणा की है। केजरीवाल ने ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन मेंं कहा कि दिल्ली में बीते कुछ दिन से कोविड-19 के प्रतिदिन करीब 25,500 मामले सामने आ रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य प्रणाली पर भार बहुत बढ़ गया है, लेकिन यह अभी ध्वस्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि हालांकि किसी भी व्यवस्था की अपनी सीमा होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है, यहां दवाओं, बिस्तर, आईसीयू और ऑक्सीजन की गंभीर कमी है, ऐसे में स्वास्थ्य प्रणाली को ध्वस्त होने से बचाने के लिए लॉकडाउन बहुत आवश्यक है। केजरीवाल ने कहा कि लॉकडाउन लगाने का फैसला लेना आसान नहीं था।

दिल्ली में हालात बेकाबू, सरकार ने लगाया 6 दिन का लॉकडाउन

उन्होंने प्रवासियों से अपील की कि वे दिल्ली छोड़कर न जाएं और कहा कि सरकार अच्छी तरह से उनकी देखभाल करेगी। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान आवश्यक सेवाएं चलती रहेंगी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार इस अवधि के दौरान स्वास्थ्य प्रणाली में सुधार करेगी। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA ) ने अपने आदेश में कहा कि विवाह से संबंधित समारोहों के लिए लोगों को आवाजाही की अनुमति होगी और किसी विवाह में 50 लोगों को शामिल होने की अनुमति दी जाएगी, लेकिन उन्हें शादी के कार्ड की सॉफ्ट या हार्ड कॉपी दिखानी होगी। आदेश के अनुसार अंतिम संस्कार में 20 लोगों को शामिल होने की अनुमति दी जाएगी।

निजी कार्यालय, दुकानें, मॉल, साप्ताहिक बाजार, शैक्षिक और को‍चिंग  संस्थान बंद 

लॉकडाउन के दौरान आवश्यक सेवाओं की अनुमति होगी, लेकिन निजी कार्यालय और अन्य प्रतिष्ठान जैसे दुकानें, मॉल, साप्ताहिक बाजार, निर्माण इकाइयां, शैक्षिक और को‍चिंग  संस्थान, सिनेमा हॉल, रेस्तरां, बार, असेंबली हॉल, ऑडिटोरियम, सार्वजनिक पार्क, खेल परिसर, जिम, स्पा, सैलून और ब्यूटी पार्लर बंद रहेंगे। आदेश में डीडीएमए ने कहा कि तरण ताल (राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए खिलाडिय़ों के प्रशिक्षण के लिए उपयोग किए जाने वाले को छोड़कर), निर्माण गतिविधियां (जिन स्थलों पर मजदूर रह रहे हैं उन्हें छोड़कर) भी बंद रहेंगे। मुख्य सचिव एवं डीडीएमए की कार्यकारी समिति के अध्यक्ष विजय देव ने कहा कि स्टेडियमों को दर्शकों के बिना राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल कार्यक्रमों के आयोजन के लिए खुला रहने दिया जाएगा। इसमें कहा गया है कि

मेट्रो- बसों को 50 प्रतिशत क्षमता के साथ चलने की अनुमति होगी

सार्वजनिक परिवहन जैसे कि मेट्रो और बसों को उनकी 50 प्रतिशत क्षमता के साथ चलने की अनुमति होगी। टैक्सियों में दो से अधिक लोगों को अनुमति नहीं दी जाएगी। डीडीएमए के अनुसार रात के कफ्र्यू और सप्ताहांत के कफ्र्यू के दौरान आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं से संबंधित आवाजाही के लिए किसी व्यक्ति द्वारा प्राप्त ई-पास भी छह दिनों के प्रतिबंध के लिए मान्य होंगे। केरीजीवाल ने संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा कि लॉकडाउन लगाने का यह फैसला आप सरकार के लिए आसान नहीं था क्योंकि इससे गरीबों, दिहाड़ी मजदूरों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। मुख्यमंत्री ने कहा, मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे बंद के दौरान दिल्ली न छोड़ें। हम आपका ध्यान रखेंगे। मैं यह सुनिश्चित करने के लिए यहां हूं। उन्होंने कहा कि वह लॉकडाउन के सख्त खिलाफ हैं, उनका मानना है कि यह संक्रमण की गति को धीमा कर सकता है लेकिन इसका समाधान नहीं है।

गर्भवती महिलाओं को एक परिचारक के साथ अनुमति

CM ने कहा, यह तभी लागू किया जाना चाहिए जब स्वास्थ्य प्रणाली अपनी सीमा तक पहुंच जाए। मैं लोगों से अपील करता हूं कि लॉकडाउन का पूरी तरह से पालन करें। हम कोविड-19 के इस चौथे दौर से भी पार पा लेंगे, जैसा कि हमने पहले तीन में किया था। उन्होंने कहा कि आप सरकार ने जांच, मामलों या मौतों के तथ्यों और आंकड़ों को कभी नहीं छिपाया। केजरीवाल ने कहा, हमने लोगों के साथ जानकारी साझा की, चाहे हालात अच्छे थे या बुरे। यह एक बड़ी जिम्मेदारी है और सरकार लोगों के सहयोग के बिना इसे नहीं निभा सकती। बिना सही जानकारी के लोगों का सहयोग सुनिश्चित नहीं किया जा सकता है। लॉकडाउन के दौरान गर्भवती महिलाओं को एक परिचारक के साथ चिकित्सा सेवाओं के लिए जाने के लिए अनुमति दी जाएगी और उन्हें इसके लिए वैध आई-कार्ड या डॉक्टर के पर्चे या मेडिकल पेपर दिखाना होगा।

मीडिया को आवाजाही की पूरी छूट रहेगी 

डीडीएमए के आदेश के अनुसार जो लोग कोविड-19 जांच या टीकाकरण के लिए जा रहे हैं, उन्हें भी वैध आई-कार्ड दिखाने पर छूट दी गई है। हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशन, आईएसबीटी जाने वालों को आवाजाही की अनुमति दी गई है, लेकिन उन्हें वैध टिकट दिखाना होगा। इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट र्किमयों को भी प्रतिबंधों से छूट दी गई है। दिल्ली में रविवार को कोविड-19 के एक दिन में सबसे अधिक 25,462 नये मामले सामने आये थे जबकि संक्रमण की दर 29.74 प्रतिशत रही। संक्रमण की दर 29.74 प्रतिशत होने का मतलब है कि दिल्ली में जांच किया जा रहे लगभग प्रत्येक तीसरा नमूने में संक्रमण पाया जा रहा है।

Related Articles

Delhi epaper

Prayagraj epaper

Kurukshetra epaper

Latest Articles