17.1 C
New Delhi
Friday, February 13, 2026

हरियाणा–अफ्रीका रणनीतिक साझेदारी बैठक: सूरजकुंड से भारत–अफ्रीका सहयोग के नए दौर की शुरुआत

Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now

फरीदाबाद/नई दिल्ली: हरियाणा के फरीदाबाद स्थित सूरजकुंड में शुक्रवार को हरियाणा–अफ्रीका रणनीतिक साझेदारी बैठक का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में 21 अफ्रीकी देशों के राजदूतों और हाई कमिश्नरों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य हरियाणा और अफ्रीकी देशों के बीच उद्योग, व्यापार, निवेश, कृषि, एमएसएमई, स्टार्टअप और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देना था।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भारत–अफ्रीका संबंध समानता, पारस्परिक सम्मान और साझा विकास के सिद्धांतों पर टिके हैं। उन्होंने हरियाणा को अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए अलग विदेश सहयोग विभाग बनाने वाला देश का पहला राज्य बताया। बैठक में कृषि, ऑटोमोबाइल, हेल्थकेयर, आईटी और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में साझेदारी की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। यह बैठक सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले के मंच पर हुई, जो सांस्कृतिक और आर्थिक जुड़ाव को मजबूत करने का काम करता है।

सूरजकुंड में हरियाणा–अफ्रीका रणनीतिक साझेदारी बैठक का आयोजन

फरीदाबाद के सूरजकुंड में आयोजित इस बैठक ने हरियाणा को अफ्रीका के साथ आर्थिक और रणनीतिक संबंध मजबूत करने का एक बड़ा मौका दिया। बैठक में अफ्रीकी देशों के उच्चाधिकारियों के साथ उद्योगपति और नीति-निर्माता भी शामिल हुए। चर्चा का फोकस हरियाणा की मजबूत अर्थव्यवस्था को अफ्रीका की जरूरतों से जोड़ने पर रहा। सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला, जो हर साल फरवरी में लगता है, लोक परंपराओं, हस्तशिल्प और रचनात्मकता का वैश्विक मंच है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस धरती से भारत–अफ्रीका साझेदारी का नया अध्याय शुरू हुआ है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का संबोधन और प्रमुख बिंदु

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सभी अंतरराष्ट्रीय मेहमानों का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के मुताबिक हरियाणा अफ्रीकी देशों के साथ लंबे समय तक चलने वाले मजबूत रिश्ते बनाने के लिए तैयार है। हरियाणा ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए अलग से विदेश सहयोग विभाग बनाया है, जो देश में पहला ऐसा कदम है।

सीएम सैनी ने हरियाणा को कृषि, विनिर्माण, एमएसएमई, फूड प्रोसेसिंग, ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स और स्टार्टअप का तेजी से बढ़ता विकास इंजन बताया। एनसीआर से जुड़ाव की वजह से राज्य को अच्छी कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स की ताकत मिली है। उन्होंने कृषि को भारत–अफ्रीका सहयोग का मुख्य क्षेत्र बताया। हरियाणा का अनुभव सिंचाई प्रबंधन, उन्नत बीज, फसल विविधीकरण, कृषि यंत्रीकरण, डेयरी और पोस्ट-हार्वेस्ट प्रबंधन में अफ्रीकी देशों की खाद्य सुरक्षा मजबूत कर सकता है।

केन्या, तंजानिया, युगांडा, इथियोपिया और रवांडा जैसे देशों के साथ संयुक्त खेती, प्रशिक्षण और तकनीकी साझेदारी की बात की गई। तंजानिया के निवेश केंद्र और कृषि संस्थानों से हुए समझौतों से व्यापार और निवेश बढ़ेगा। ऑटोमोबाइल, हेल्थकेयर, आईटी, निर्माण, कौशल विकास, स्टार्टअप, फिनटेक और एमएसएमई में भी अच्छी संभावनाएं हैं। दक्षिण, पश्चिम, पूर्व और उत्तर अफ्रीका के साथ क्षेत्र-विशिष्ट साझेदारी बनाई जा सकती है।

नवीकरणीय ऊर्जा, जल संरक्षण और हरित विकास को साझा जिम्मेदारी बताते हुए सीएम ने सौर ऊर्जा और पर्यावरण संतुलन में संयुक्त प्रयासों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सूरजकुंड मेला सिर्फ व्यापार का मंच नहीं, बल्कि संस्कृतियों के संवाद और नई साझेदारियों का प्रतीक है।

उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरवीर सिंह की बातें

उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरवीर सिंह ने कहा कि भारत और अफ्रीका के बीच व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने का यह सुनहरा मौका है। पिछले कुछ सालों में भारत–अफ्रीका द्विपक्षीय व्यापार 90 से 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है। भारत अफ्रीका से कच्चा तेल, सोना, कोयला, उर्वरक और खनिज आयात करता है, जबकि अफ्रीका को पेट्रोलियम उत्पाद, दवाइयां, ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स, मशीनरी, चावल और इंजीनियरिंग सामान निर्यात करता है।

यह सहयोग अब शिक्षा, स्वास्थ्य, आईटी और क्षमता निर्माण तक फैल रहा है। हरियाणा अफ्रीका को ऑटो कंपोनेंट्स, ट्रैक्टर, कृषि मशीनरी, फार्मा उत्पाद, इंजीनियरिंग गुड्स, प्लाईवुड और आईटी सेवाएं निर्यात करता है। अफ्रीका से खनिज और कृषि कच्चा माल आता है। कौशल विकास और कार्यबल गतिशीलता पर भी जोर दिया गया। संरचित प्रशिक्षण और वैध रोजगार चैनलों से युवाओं के लिए नए मौके बन सकते हैं। मंत्री ने व्यापार बढ़ाने, निवेश प्रोत्साहन और संस्थागत संवाद पर फोकस किया।

बैठक में शामिल प्रमुख अफ्रीकी प्रतिनिधि

बैठक में मिस्र, ट्यूनीशिया, टोगो, घाना, गिनी, नाइजीरिया, मॉरिटानिया, चाड, लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो, तंजानिया, कैमरून, जिबूती, रवांडा, इरिट्रिया, दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे, मलावी, अल्जीरिया और सूडान जैसे देशों के राजदूत, हाई कमिश्नर और अन्य प्रतिनिधि मौजूद थे। कुछ प्रमुख नामों में घाना के उच्चायुक्त प्रो. क्वासी ओबिरी-दानक्वा, तंजानिया की उच्चायुक्त अनीसा कापुफी म्बेगा, रवांडा की उच्चायुक्त जैकलीन मुकांगीरा शामिल थे।

विदेश मंत्रालय और हरियाणा सरकार के अधिकारी

विदेश मंत्रालय से विदेश सचिव विक्रम मिस्री, सचिव (आर्थिक संबंध) सुधाकर दलेला, सचिव (दक्षिण) डॉ. नीना मल्होत्रा और अन्य संयुक्त सचिव मौजूद रहे। हरियाणा सरकार की तरफ से विदेश सहयोग विभाग की प्रधान सचिव अमनीत पी. कुमार, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार, विदेश सहयोग विभाग के महानिदेशक अशोक मीणा और अन्य अधिकारी शामिल थे।

यह बैठक हरियाणा की आर्थिक महत्वाकांक्षा और अफ्रीका के साथ साझेदारी को नई रफ्तार देने वाली साबित हो सकती है। दोनों पक्षों के बीच कृषि, उद्योग और कौशल विकास में सहयोग से रोजगार और विकास के नए रास्ते खुलेंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related News

Delhi epaper

Prayagraj epaper

Kurukshetra epaper

Latest News