Surajkund Mela Accident: हरियाणा के फरीदाबाद में चल रहे सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में शनिवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया। मेले के मनोरंजन क्षेत्र में लगा ‘सुनामी’ या ‘टॉप स्पिन’ नाम का झूला अचानक टूटकर गिर गया, जिसमें हरियाणा पुलिस के इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की मौत हो गई और 13 लोग घायल हुए। घटना शाम करीब 6:15 बजे हुई, जब झूले पर 18 से 26 लोग सवार थे। इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद ड्यूटी पर तैनात थे और लोगों को बचाने के लिए आगे बढ़े, लेकिन झूले का हिस्सा उनके सिर और चेहरे पर गिर गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है और झूला संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और डीजीपी अजय सिंघल ने शोक जताया है, साथ ही मृतक के परिवार को 1 करोड़ रुपये की सहायता की घोषणा की गई है।
सूरजकुंड मेला झूला हादसा: क्या हुआ ठीक-ठीक
सूरजकुंड मेला 2026 में यह हादसा शनिवार शाम को हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, झूला तेजी से चल रहा था। अचानक एक सिरा टूट गया और झूला झुककर लटक गया। लोग डर गए और कुछ लोग झूले पर चढ़कर या आसपास खड़े होकर मदद करने लगे। इसी दौरान दूसरा सिरा भी टूट गया, जिससे झूला पूरी तरह गिर पड़ा। इस चपेट में झूले पर सवार लोग और नीचे खड़े लोग आए। हादसे में अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार होने लगी।
झूले पर उस वक्त काफी संख्या में लोग सवार थे, जिनमें महिलाएं और युवा शामिल थे। गिरने से कई लोगों को चोटें आईं। पुलिस और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे। फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और पुलिस टीम ने घायलों को निकालकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। क्रेन की मदद से झूले को हटाया गया और क्षेत्र को सील कर दिया गया।
इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की बहादुरी और मौत
हादसे में सबसे बड़ी क्षति हरियाणा पुलिस के इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद को हुई। वे पलवल जिले में तैनात थे और 31 जनवरी 2026 से सूरजकुंड मेला ड्यूटी पर लगाए गए थे। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मथुरा के रहने वाले जगदीश प्रसाद की उम्र 59 वर्ष थी और वे मार्च में रिटायर होने वाले थे।
जब झूला पहली बार टूटा, तो इंस्पेक्टर ने लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए आगे बढ़े। लेकिन जैसे ही दूसरा हिस्सा टूटा, झूले का भारी हिस्सा उनके सिर और चेहरे पर गिर गया। उन्हें गंभीर चोटें आईं और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई। डीजीपी अजय सिंघल ने इसे पुलिस विभाग की अपूरणीय क्षति बताया और कहा कि उनकी बहादुरी से कई लोगों की जान बची। परिवार को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद के अलावा अन्य विभागीय लाभ दिए जाएंगे।
घायलों की स्थिति और नाम
हादसे में कुल 13 लोग घायल हुए। इनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई गई, लेकिन ज्यादातर का इलाज चल रहा है और कुछ को छुट्टी मिल चुकी है। घायलों में शामिल हैं:
- सहायक उपनिरीक्षक नीलय
- सुनील (महेंद्रगढ़)
- हर्ष प्रकाश (ग्रेटर नोएडा)
- प्रशांत (धौलपुर, राजस्थान)
- अनीशा (फरीदाबाद)
- शिवानी (नोएडा)
- परविंदर
साथ ही कुछ अन्य लोग और पुलिसकर्मी भी घायल हुए। घायलों को फरीदाबाद के निजी अस्पतालों और बादशाह खान सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। डीजीपी अजय सिंघल खुद अस्पताल पहुंचे, घायलों से मिले और डॉक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और पुलिस विभाग घायलों की हरसंभव मदद करेगा।
प्रशासन और सरकार की प्रतिक्रिया
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक्स पर शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने मृतक के परिवार के प्रति संवेदना जताई और घायलों के त्वरित इलाज के निर्देश दिए। डीसी आयुष सिन्हा ने इसे दुखद घटना बताया और कहा कि जांच पूरी तरह से होगी।
प्रशासन ने झूला संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। एडीसी की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाई गई है, जो सुरक्षा मानकों की जांच करेगी। मेले में सुरक्षा चूक पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि इससे पहले उसी शाम मेले के गेट नंबर 2 के गिरने से भी दो लोग घायल हुए थे।
मेले में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
सूरजकुंड मेला हर साल लाखों लोगों को आकर्षित करता है। लोग दिल्ली, हरियाणा और आसपास के इलाकों से परिवार के साथ आते हैं। लेकिन लगातार हो रही ऐसी घटनाएं सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रही हैं। प्रशासन ने मेले में सभी झूलों की जांच के आदेश दिए हैं और हादसे वाले क्षेत्र को बंद रखा गया है। लोगों से अपील की गई है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
यह हादसा खुशी के माहौल को दुख में बदल गया। मेले में सन्नाटा छा गया और कई परिवार तुरंत लौट गए। प्रशासन जांच पूरी होने तक सतर्क है।

