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अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा फेस्टिवल देखेगी दुनिया, पहाडी संस्कृति से रूबरू होंगे पर्यटक  

नई दिल्ली/ खुशबू पाण्डेय : अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा फेस्टिवल (International Kullu Dussehra Festival) 24 अक्टूबर से शुरू हो रहा है। इसको लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। फेस्टिवल में दुनिया भर के पर्यटक भाग लेने वाले हैं। अब तक 20 देशों ने अपनी स्वीकृति दर्ज करवा दी है। फेस्टिवल के दौरान देशी एवं विदेशी […]

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नई दिल्ली/ खुशबू पाण्डेय : अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा फेस्टिवल (International Kullu Dussehra Festival) 24 अक्टूबर से शुरू हो रहा है। इसको लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। फेस्टिवल में दुनिया भर के पर्यटक भाग लेने वाले हैं। अब तक 20 देशों ने अपनी स्वीकृति दर्ज करवा दी है। फेस्टिवल के दौरान देशी एवं विदेशी पर्यटकों को पहाडी संस्कृति से रूबरू करवाया जाएगा। इस वर्ष दशहरा उत्सव में 25 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय कार्निवल तथा 30 अक्टूबर को कुल्लू कार्निवल भी आकर्षण के मुख्य केन्द्र होंगे। यह जानकारी हिमाचल प्रदेश सरकार के मुख्य संसदीय सचिव एवं अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा आयोजन समिति के अध्यक्ष सुन्दर सिंह ठाकुर (Sunder Singh Thakur) ने पत्रकारों को दी। कुल्लू दशहरा फेस्टिवल 30 अक्तूबर तक आयोजित किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश सरकार के साथ भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) मिलकर काम कर रहा है।

—हिमाचल पर्यटकों के स्वागत के लिए पूरी तरह से तैयार: सुन्दर ठाकुर
—नई दिल्ली में कुल्लू दशहरा फेस्टिवल के उपलक्ष्य में पुस्तक लांच
—20 देशों के विदेशी पर्यटक एवं कलाकार दशहरा फेस्टिवल में भाग लेने आएंगे
—24 अक्टूबर से शुरू होगा फेस्टिवल, भारत के सभी राज्यों के कलाकार भी लेंगे हिस्सा

इस मौके पर नई दिल्ली में एक पूर्वावलोकन (कर्टन रेज़र) कार्यक्रम का आयोजन किया गया।   आयोजन समिति के अध्यक्ष सुन्दर सिंह ठाकुर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव 17वीं शताब्दी से आयोजित किया जा रहा है। इस वर्ष 24 से 30 अक्तूबर तक यह उत्सव आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रघुनाथ जी की रथयात्रा के साथ इस उत्सव का आगाज होता है और इसमें 300 से अधिक स्थानीय देवी-देवता भाग लेते हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष दशहरा उत्सव में 25 अक्तूबर को अंतरराष्ट्रीय कार्निवल तथा 30 अक्टूबर को कुल्लू कार्निवल भी आकर्षण के मुख्य केन्द्र होंगे।
उन्होंने कहा कि कुल्लू दशहरा में इस बार अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक उत्सव का भी आयोजन किया जा रहा है, जिसमें लगभग 20 देशों के प्रतिभागियों को आमंत्रित किया गया है। इनमें रूस, रोमानिया, कजाकिस्तान, क्रोएशिया, वियतनाम, थाईलैंड, ताइवान, पनामा, ईरान, मालदीव, मलेशिया, केन्या, दक्षिणी सुडान, जाम्बिया, घाना और इथोपिया इत्यादि देशों से कलाकार शामिल हैं।

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सुन्दर सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार दशहरा उत्सव को एक वैश्विक आयोजन बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। हिमाचल पर्यटकों के स्वागत के लिए पूरी तरह से तैयार है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने आपदा के उपरान्त युद्ध स्तर पर राहत एवं पुनर्वास कार्यों का संचालन किया है। उन्होंने कहा कि चण्डीगढ़ से कुल्लू तक सड़क मार्ग से यात्रा के समय में लगभग दो घण्टे की अवधि कम हुई है और चार घण्टे में यह सफर तय किया जा सकता है। इस मार्ग में 15 में से 13 यातायात सुरंगें वाहनों के लिए खुल चुकी हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की सुविधा के लिए दिल्ली, चण्डीगढ़ और अमृतसर से कुल्लू तक हवाई सेवाएं भी उपलब्ध हैं।
इस मौके पर भारतीय सांस्कृतिक सम्बंध परिषद (Indian Council for Cultural Relations) की उप-महानिदेशक अनु रंजन ने कुल्लू दशहरा उत्सव में सांस्कृतिक दलों की उपलब्धता सहित परिषद की ओर से अन्य सहयोग के बारे में जानकारी प्रदान की। इस मौके पर मौजूद सहायक उपायुक्त कुल्लू शशिपाल नेगी ने कुल्लू दशहरा उत्सव के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर विभिन्न दूतावास के प्रतिनिधि, दिल्ली में राज्य सरकार की सलाहकार नंदिता गुप्ता, प्रधान आवासीय आयुक्त सुशील कुमार सिंगला सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

टूरिस्टों के लिए 100 वोल्वो बसों की व्यवस्था

दशहरा आयोजन समिति के अध्यक्ष सुन्दर सिंह ठाकुर के मुताबिक दिल्ली एवं एनसीआर से टूरिस्टों को ले जाने के लिए विशेष 100 वोल्वो बसों की व्यवस्था की गई है। पहले से हिमाचल सरकार की कई वोल्वो बसें संचालित हो रही हैं। मेले के बीच इसकी संख्या और ज्यादा की जाएगी। ये बसें दिल्ली के कश्मीरी गेट आईएसबीटी एवं मंडी हाउस स्थित हिमाचल भवन से कुल्लू के लिए चलेंगी।

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1 COMMENT

  1. कुल्लू दशहरा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे अनोखा होता है जो कई वर्षों से मनाया जाता है यहां एक अलग पहाड़ी संस्कृति देखने को मिलती है

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