16.1 C
New Delhi
Thursday, February 12, 2026

CM मोहन यादव ने लॉन्च किया PMS 2.0 पोर्टल, इंजीनियर्स को बताया विश्वकर्मा का अवतार

Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के रवीन्द्र भवन में लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश भवन विकास निगम द्वारा आयोजित एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने भवन विकास निगम के प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सिस्टम (PMS) 2.0 पोर्टल लॉन्च किया, विभागीय ब्रोशर, पुस्तकों के मैनुअल, पीडब्ल्यूडी की प्रशिक्षण कार्ययोजना 2026-27, न्यूज लेटर, रोड नेटवर्क मास्टर प्लान और बजट मॉड्यूल का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री ने इंजीनियर्स को भगवान विश्वकर्मा का साक्षात् अवतार बताया और निर्माण कार्यों में उत्कृष्ट दृष्टिकोण, दीर्घकालिक योजना, गुणवत्ता, नवाचार और पारदर्शिता पर जोर दिया। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने भी विभाग की सुधार यात्रा और प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत हो रहे विकास पर बात की। कार्यक्रम में कई राष्ट्रीय संस्थानों के साथ 4 एमओयू साइन हुए, जिसमें ग्रीन बिल्डिंग और आधुनिक तकनीकों पर फोकस है।

भवन निर्माण में गुणवत्ता और दीर्घकालिक सोच जरूरी: सीएम मोहन यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि निर्माण सिर्फ ईंट-पत्थर जोड़ना नहीं, बल्कि एक अभिनव कला है। इसमें उत्कृष्ट दृष्टिकोण के साथ लंबी अवधि की कार्य योजना अपनानी चाहिए। बदलते समय के हिसाब से हर प्रोजेक्ट में कन्सेप्चुअल और क्वालिटेटिव एप्रोच दिखनी चाहिए। गुणवत्ता से किसी भी हाल में समझौता नहीं होना चाहिए। प्रदेश के विकास के लिए सभी को पूरी लगन और दक्षता से काम करना होगा।

वे गुरुवार को रवीन्द्र भवन में लोक निर्माण विभाग के तहत मध्यप्रदेश भवन विकास निगम की ओर से आयोजित एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित करके कार्यक्रम की शुरुआत की।

इंजीनियर्स हैं भगवान विश्वकर्मा के अवतार: सीएम का विशेष संदेश

मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के तकनीकी अधिकारियों, वरिष्ठ और कनिष्ठ इंजीनियर्स को संबोधित करते हुए कहा कि वैचारिक प्रतिबद्धता रखनी चाहिए और पुरानी कार्यशैली में जड़ता से बचना होगा। नई तकनीकों के साथ खुद को अपडेट रखना बहुत जरूरी है। ऐसी कार्यशालाएं इंजीनियर्स की स्किल्स को रिफ्रेश करती हैं और नई ऊर्जा देती हैं।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में पीएम गति शक्ति योजना के तहत विभाग द्वारा किए जा रहे नवाचारों की सराहना की। कहा कि आज के इंजीनियर्स साक्षात् भगवान विश्वकर्मा के अवतार हैं। पिछले दो साल में लोक निर्माण विभाग ने अपने कामों से अलग पहचान बनाई है। कई सराहनीय प्रोजेक्ट पूरे हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने गीता के ज्ञान-विज्ञान वाले अध्याय का जिक्र करते हुए कहा कि मन, बुद्धि, अहंकार और पंच तत्वों की तरह विभाग के काम भी मजबूत नींव पर टिके हैं। सांदीपनि विद्यालय जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स से लेकर सड़क, पुल, स्टेडियम और भवनों तक सब लोक निर्माण विभाग के जरिए हो रहे हैं। इंजीनियर्स को चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, इसलिए समय-समय पर ट्रेनिंग जरूरी है।

PMS 2.0 पोर्टल लॉन्च और कई विमोचन हुए

कार्यक्रम में भवन विकास निगम के प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सिस्टम 2.0 पोर्टल का लॉन्च किया गया। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म परियोजनाओं के प्रबंधन को आसान और पारदर्शी बनाएगा। एक क्लिक में भवन निर्माण की पूरी डिटेल मिलेगी और इंजीनियर्स की जिम्मेदारी तय होगी।

इसके अलावा मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के ब्रोशर और मैनुअल का विमोचन हुआ। पीडब्ल्यूडी की 2026-27 की प्रशिक्षण कार्ययोजना, न्यूज लेटर, रोड नेटवर्क मास्टर प्लान और बजट मॉड्यूल भी जारी किए गए।

लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कही ये बातें

लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि यह कार्यशाला सिर्फ ट्रेनिंग नहीं, बल्कि विभाग की निरंतर सुधार यात्रा का हिस्सा है। सोच बदलने से व्यवस्था बदलती है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अधोसंरचना अब सिर्फ निर्माण तक सीमित नहीं, बल्कि सुशासन, पारदर्शिता, तकनीक और नागरिक सुविधा से जुड़ी है। पीएम गति शक्ति, डिजिटल इंडिया, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, हरित विकास और आत्मनिर्भर भारत जैसे कार्यक्रमों से विकास समन्वित हो रहा है।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में अधोसंरचना को नई गति मिली है। निर्माण भविष्य की नींव है। समयबद्धता, गुणवत्ता, पारदर्शिता और पर्यावरण संवेदनशीलता अब विभाग की संस्कृति का हिस्सा बन गई है।

मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री ने 293 इंजीनियर्स के पद भरने की मंजूरी दी है। PMS 2.0 एक समग्र गाइड है सरकारी भवनों के लिए। रोड नेटवर्क मास्टर प्लान पीएम गति शक्ति पर आधारित है।

एक साल का ट्रेनिंग कैलेंडर तैयार किया गया है, जिसमें हर तिमाही अलग थीम जैसे सड़क, पुल, भवन, पर्यावरण और नई तकनीकें हैं। 10 करोड़ से ज्यादा लागत वाले भवनों में ग्रीन बिल्डिंग मानकों का पालन अनिवार्य है और ट्रेनिंग शुरू हो गई है। ट्री शिफ्टिंग और लोक कल्याण सरोवरों की प्लानिंग भी चल रही है। औचक निरीक्षण की प्रक्रिया अन्य राज्यों ने भी अपनाई है।

राष्ट्रीय संस्थानों के साथ 4 एमओयू साइन

कार्यक्रम में मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम और भवन विकास निगम ने सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (CRRI) नई दिल्ली, इंडियन एकेडमी ऑफ हाईवे इंजीनियर्स (IAHE) नई दिल्ली, इंजीनियरिंग स्टाफ कॉलेज ऑफ इंडिया (ESCI) हैदराबाद, आईआईटी मुंबई और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) भोपाल के साथ एमओयू किए। ये समझौते ग्रीन बिल्डिंग, आधुनिक तकनीक और ट्रेनिंग पर फोकस करते हैं।

प्रमुख सचिव और अन्य अधिकारियों की बात

प्रमुख सचिव लोक निर्माण श्री सुखबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में विभाग योजनाओं को जमीन पर उतार रहा है। सड़क अर्थव्यवस्था को गति देती है। विकसित भारत@2047 के लक्ष्य के तहत गांव-गांव तक सड़क और अधोसंरचना तेजी से बन रही है। ट्रेनिंग अब नियमित हो गई है।

कार्यशाला में डॉ. विक्रांत सिंह तोमर ने “कैपेसिटी बिल्डिंग थ्रू इंस्पायर्ड लिविंग” पर प्रेजेंटेशन दिया। राष्ट्रीय विशेषज्ञों ने ग्रीन बिल्डिंग, आधुनिक निर्माण तकनीक, गुणवत्ता नियंत्रण और नवाचार पर गाइडेंस दिया।

कार्यक्रम में मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के प्रबंध संचालक सिबी चक्रवर्ती, सड़क विकास निगम के भरत यादव, चीफ इंजीनियर के.पी.एस. राणा समेत करीब 2 हजार अभियंता और तकनीकी अधिकारी मौजूद थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related News

Delhi epaper

Prayagraj epaper

Kurukshetra epaper

Latest News