भोपाल, MP Budget 2026: मध्य प्रदेश में मोहन यादव सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया है। वित्त मंत्री और उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने विधानसभा में कुल 4.65 लाख करोड़ रुपये का बजट रखा, जिसमें युवाओं को रोजगार, किसानों की समृद्धि और महिलाओं के सशक्तिकरण पर मुख्य फोकस रखा गया है।
इस बजट में कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया है और राज्य की जनता पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं डाला गया। सरकार ने युवाओं के लिए बड़ी भर्तियां, किसानों के लिए ‘किसान कल्याण वर्ष’ घोषित करने और महिलाओं की लाडली बहना योजना को मजबूत करने जैसे कदम उठाए हैं। यह बजट विकास और कल्याण योजनाओं का संतुलित मिश्रण है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का दावा करता है।
युवाओं के लिए रोजगार और शिक्षा पर जोर
मध्य प्रदेश में युवा आबादी काफी बड़ी है। राज्य की लगभग 28 प्रतिशत जनसंख्या 15 से 29 साल की उम्र की है, जबकि 15 से 59 साल की उम्र वालों का हिस्सा 62 प्रतिशत है। सरकार ने युवाओं को बेहतर नौकरी और रोजगार के मौके देने के लिए कई प्रावधान किए हैं।
पुलिस विभाग में 22,500 भर्तियां प्रस्तावित हैं। आंगनवाड़ी केंद्रों में 19,000 पदों पर भर्ती का प्लान है। इसके अलावा बेहतर शिक्षा के साथ-साथ रोजगार मेलों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे युवाओं को सीधे कंपनियों और नियोक्ताओं से जुड़ने का मौका मिल रहा है। ये कदम युवा बेरोजगारी कम करने और स्किल डेवलपमेंट पर केंद्रित हैं।
किसानों की समृद्धि और कृषि पर फोकस
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि प्रदेश कृषि उत्पादन और किसान कल्याण के स्वर्ण युग की ओर बढ़ रहा है। 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ घोषित किया गया है, जो सिर्फ ऐलान नहीं बल्कि हकीकत में बदलने का संकल्प है।
मध्य प्रदेश ने संतरा, टमाटर, धनिया और लहसुन के उत्पादन में देश में पहला स्थान हासिल किया है। सब्जियों और फूलों के उत्पादन में दूसरे नंबर पर है। राज्य में 213 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में 670 लाख टन खाद्यान्न का उत्पादन हो रहा है। खाद्यान्न भंडारण क्षमता 431 लाख 24 हजार टन है, जो देश में सबसे ज्यादा है।
सरकार कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य पालन को मूल्य संवर्धन से जोड़कर रोजगार बढ़ा रही है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से किसानों को सालाना 6,000 रुपये मिलते हैं, वहीं मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना से भी 6,000 रुपये दिए जा रहे हैं। इस तरह कुल 12,000 रुपये सालाना सहायता मिल रही है। जैविक और प्राकृतिक खेती को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
महिलाओं के सशक्तिकरण की योजनाएं
महिला सशक्तिकरण के लिए कई प्रभावी योजनाएं चल रही हैं। स्व सहायता समूहों से लेकर सरकारी नौकरियों, जनप्रतिनिधित्व, पेट्रोल पंप जैसे व्यवसायों, खेती और पुलिस-अर्धसैनिक बलों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी दिख रही है। खेलों में भी उनका प्रदर्शन बेहतर हो रहा है।
लाडली लक्ष्मी योजना 2007 से चल रही है, जिसे 2022-23 में लाडली लक्ष्मी 2.0 के रूप में और प्रभावी बनाया गया। लाडली बहना योजना से 1 करोड़ 25 लाख महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं, जिन्हें हर महीने 1,500 रुपये दिए जा रहे हैं। इस योजना के लिए 23 हजार करोड़ से ज्यादा की राशि प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना में 51 लाख 76 हजार से ज्यादा महिलाओं का पंजीकरण हो चुका है।
गरीब कल्याण और सामाजिक उत्थान
सरकार गरीबों, अल्प आय वर्गों और पिछड़े वर्गों के कल्याण को सेवा भाव से देखती है। राज्य की जनसंख्या में अनुसूचित जनजाति लगभग 21 प्रतिशत और अनुसूचित जाति 16 प्रतिशत है। इन वर्गों को मुख्यधारा में लाने के लिए बजट प्रावधान किए गए हैं।
अधोसंरचना और विकास कार्य
लोक निर्माण से लोक कल्याण की दिशा में प्रदेश आगे बढ़ रहा है। हाइब्रिड अन्युटी मॉडल से अधोसंरचना का तेज और गुणवत्तापूर्ण विकास हो रहा है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 2025-26 में 1,500 किलोमीटर नई सड़कें बनाने और 7,000 किलोमीटर सड़कों के नवीनीकरण का लक्ष्य है। क्षतिग्रस्त पुलों के पुनर्निर्माण की भी योजना है। हर घर नल से ग्रामीण इलाकों में स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के प्रयास जारी हैं।
यह बजट राज्य के विकास को नई गति देने का प्रयास है, जिसमें सभी वर्गों को साथ लेकर चलने का संदेश है।
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